Lucknow : लखनऊ और बरेली मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा, गुणवत्ता और जवाबदेही पर जोर
उन्होंने प्रत्येक जिले में एमआरआई जांच की सुविधा उपलब्ध कराने पर बल देते हुए मांग के अनुसार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। हर जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं
लखनऊ। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा लखनऊ और बरेली मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रमों की मंडल स्तर की समीक्षा बैठक राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभागार में अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य और जनपद स्तर के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी शामिल हुए।
अपर मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति, कार्यक्रमों के प्रभाव और चुनौतियों की पहचान कर परिणाम आधारित सुधार पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में निःशुल्क डायलिसिस सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए डायलिसिस इकाइयों की संख्या बढ़ाई जाए। जिन जिलों में कैंसर उपचार की सुविधा नहीं है, वहां जिला अस्पतालों में कैंसर इकाइयां जल्द खोली जाएं। निःशुल्क डायलिसिस की तरह पीपीपी मोड में कैंसर उपचार की सुविधा के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
उन्होंने प्रत्येक जिले में एमआरआई जांच की सुविधा उपलब्ध कराने पर बल देते हुए मांग के अनुसार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। हर जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए जरूरी बिंदुओं की पहचान कर रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराई जाए। क्रिटिकल केयर यूनिट और वेंटीलेटर के अधिक उपयोग के लिए मानव संसाधन को प्रशिक्षित किया जाए। चिकित्सा इकाइयों में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल और मरीजों के लिए स्वच्छ चादर जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. पिंकी जोवल ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा का मजबूत माध्यम बनाया जाए। इससे आम जन को घर के पास ही स्वास्थ्य लाभ मिल सके। सभी जनपदों में इन मेलों की नियमित निगरानी की जाए। स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर मानव संसाधन की पूरी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
बैठक से पहले 26 से 28 दिसंबर के बीच लखनऊ और बरेली मंडल की कुल 2947 स्वास्थ्य इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इसमें दवाओं की उपलब्धता, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, मानव संसाधन, तीमारदारों की सुविधाएं तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संचारी-गैर संचारी रोग और टीकाकरण जैसी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। अधिकांश लाभार्थियों ने सेवाओं से संतोष जताया।
बैठक में मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. रतन पाल सिंह सुमन, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. पवन कुमार अरुण, महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ. एच.डी. अग्रवाल तथा लखनऊ-बरेली मंडल के अपर निदेशक, मुख्य चिकित्साधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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