Lucknow : दुग्ध स्वर्ण महोत्सव 2026: डेयरी क्षेत्र में 5,000 करोड़ के नए निवेश और हजारों रोजगार का रास्ता साफ
नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत 10,000 से अधिक पशुपालकों को 84 करोड़ रुपये की मदद सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है। प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में इस विभाग की भूमिका अहम मानी जा रही
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दो दिवसीय 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव 2026' का भव्य आगाज हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने किया।
इस दौरान राज्य में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों के साथ लगभग 5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी। मंत्री ने बताया कि डेयरी उद्योग उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्य ताकत है।
अब तक इस क्षेत्र में 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के 796 समझौते किए जा चुके हैं, जिनसे भविष्य में 60,000 से ज्यादा लोगों को काम मिलेगा।
नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत 10,000 से अधिक पशुपालकों को 84 करोड़ रुपये की मदद सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है। प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में इस विभाग की भूमिका अहम मानी जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, 2016-17 में जहां दूध का उत्पादन 277 लाख मीट्रिक टन था, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 1836.85 लाख मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। अब प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता भी बढ़कर 450 ग्राम रोजाना हो गई है।
महोत्सव में अमूल, परास, ज्ञान और नमस्ते इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए और नए उत्पादों की शुरुआत की। इस मौके पर बेहतर काम करने वाले पशुपालकों और कारोबारियों को सम्मानित किया गया।
अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने स्वदेशी नस्ल की गायों के पालन से होने वाले फायदों पर चर्चा की। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीक और उन्नत पशुपालन के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने के तरीकों पर भी जानकारी साझा की।
Also Click : Hardoi : कछौना थाने के उपनिरीक्षक पर आगंतुक से बदतमीजी का आरोप निलंबन की कार्रवाई
What's Your Reaction?









