Madhya Pradesh: करोड़ों की वाइटटॉपिंग सड़क निर्माण में लापरवाही: गिट्टी उखड़ी, काम अधूरा, ठेकेदार की मनमानी से शहरवासी परेशान, जनप्रतिनिधि खामोश।
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा भोली भाली जनता को भुगतना पड़ रहा है पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है दरअसल शिवाजी चौक
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया बैतूल मध्यप्रदेश
- करोड़ों की लागत से बन रही वाइटटॉपिंग सड़क की खुली पोल,निर्माण कार्य के बीच मे ही सड़क से दिखाई देने लगी गिट्टी, महीनों से बन रही सड़क पर काम फिर भी अधूरा, त्योहारों के चलते आवागमन में हो रही भारी परेशानियां,ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा भुगत रहे शहरवासी, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी बनी एक सवाल
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा भोली भाली जनता को भुगतना पड़ रहा है पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है दरअसल शिवाजी चौक से लेकर थाना चौक तक बन रही व्हाइट टॉपिंग सड़क के घटिया निर्माण को लेकर अब चौक चौराहों पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है नगर के रहवासी अब इस बात से नाराज है कि जो सड़क का काम महज 15 दिन का भी नही था वह 3 माह में भी अधूरी पड़ी है ठेकेदार की मनमानी के चलतेBn दीपावली जैसे त्योहार पर शहरी जनता खासी परेशान होती रही जगह जगह लग रहे जाम के चलते जनता में भारी आक्रोश नजर आया पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा भोपाल के किसी ठेकेदार से यह निर्माण कार्य करवाया जा रहा है इस काम से सम्बंधित न तो मौके पर कोई बोर्ड लगाया गया न ही कोई जानकारी कार्य पूर्णता की दिनांक तक पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है नियमानुसार मौके पर निर्माण शुरू होने के पहले बोर्ड लगाया जाता है जिस पर निर्माण से सम्बंधित पृरी जानकारी अंकित होती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे पर यहाँ तो अंधों में काना राजा वाला माहौल नजर आ रहा है।
वैसे तो यह विधानसभा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष की है जहाँ जिलामुख्यालय पर यह हाल है जिसको लेकर स्थानीय तौर पर अखबारों में खबरें भी प्रकाशित हो रही है पर कोई कार्यवाही न होना एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है जबकि यह सड़क मुख्यतः सभी सरकारी दफ्तरों के सामने से गुजर रही है जिससे सभी विभागीय अधिकारी भी जाम से परेशानी का सामना कर रहे है पर जिले के तेजतर्रार कलेक्टर का इस मामले में अब तक कोई ध्यान ही नही गया न ही कोई जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई आवाज उठाई जा रही है अब देखना यह होगा कि इस खबर के चलने के बाद जिला कलेक्टर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ठेकेदार को लेकर क्या कार्यवाही करते है या ठेकेदार को इसी तरह खुला संरक्षण दिया जाता रहेगा और आमजनता यूं ही परेशानियों का सामना करने को मजबूर होती रहेगी।
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