महाकुम्भ (Maha Kumbh) के सेंट्रल हॉस्पिटल की सुविधाएं देख अमेरिका, लंदन, ऑस्ट्रेलिया और इजरायल वाले भी दंग
महाकुम्भ (Maha Kumbh) के सेंट्रल हॉस्पिटल में इलाज करा चुके यूके के कैटेनियन डेविडसन ने कहा कि इतनी शानदार चिकित्सा सुविधाएं पहली बार किसी अस्थायी अस्पताल में देखी हैं। अपने देश में भी...
सार-
- विदेशी भी अस्थाई हॉस्पिटल की विश्वस्तरीय व्यवस्था देख महाकुम्भ (Maha Kumbh) की स्वास्थ्य व्यवस्था के हुए मुरीद
- रिकॉर्ड बुक में लिखा, योगी सरकार ने प्रयागराज में जो कर दिखाया वैसा दुनिया के किसी देश में नहीं देखा
- महाकुम्भ (Maha Kumbh) में साढ़े सात लाख श्रद्धालुओं का उपचार, एम्स दिल्ली और आईएमएस बीएचयू के एक्सपर्ट तैनात
- एलोपैथी के 23 हॉस्पिटल में साढ़े पांच लाख मरीजों का उपचार, पांच लाख पैथोलॉजी टेस्ट
- माइनर इंजरी के ऑपरेशन 4000 और 12 के मेजर ऑपरेशन किए गए
- आयुष चिकित्सा से अब तक सवा दो लाख से अधिक का उपचार
- एलोपैथी से लेकर आयुर्वेद और होम्योपैथी तक के डॉक्टर दे रहे सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा
- आयुर्वेद और होम्योपैथी के 20 हॉस्पिटल में भी मरीजों के लिए की गई विश्वस्तरीय व्यवस्था
By INA News Maha Kumbh Nagar.
दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन महाकुम्भ (Maha Kumbh) में इस बार केवल आस्था ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का भी अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महाकुम्भ (Maha Kumbh) नगर में अस्थायी हॉस्पिटल की जो व्यवस्था की गई है, उसने न सिर्फ देश बल्कि विदेशों से आए श्रद्धालुओं को भी चकित कर दिया है। अमेरिका, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, इजरायल जैसे देशों के नागरिकों ने यहां की चिकित्सा सेवाओं को दुनिया में सबसे बेहतरीन करार दिया है।
उन्होंने सेंट्रल हॉस्पिटल के रिकॉर्ड बुक में बाकायदा लिखा है कि योगी सरकार ने प्रयागराज में जो कर दिखाया, वैसा अब तक दुनिया के किसी देश में नहीं देखा गया। महाकुम्भ (Maha Kumbh) में सोमवार की शाम तक कुल साढ़े सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं का उपचार किया गया है। जिसमें एम्स दिल्ली और आईएमएस बीएचयू के एक्सपर्ट की भी प्रमुख भूमिका है।
- विदेशी श्रद्धालु भी हुए मुरीद
महाकुम्भ (Maha Kumbh) के सेंट्रल हॉस्पिटल में इलाज करा चुके यूके के कैटेनियन डेविडसन ने कहा कि इतनी शानदार चिकित्सा सुविधाएं पहली बार किसी अस्थायी अस्पताल में देखी हैं। अपने देश में भी अस्थायी अस्पतालों में इतनी बेहतर व्यवस्थाएं कभी नहीं देखीं।
यह तो पूरी तरह से स्थायी लगता है। इसी तरह इजरायल के डाइटेच ने कहा कि सेंट्रल हॉस्पिटल समेत महाकुम्भ (Maha Kumbh)नगर के सभी चिकित्सा केंद्र अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। हर मरीज की यहां पर गहन जांच हो रही है। जो बेहद प्रभावशाली तरीके से की जा रही है।
- योगी सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की दुनिया में मिसाल
लंदन के नेकेल ने आईसीयू प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ पांडेय और उनकी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि मेरे भाई का समय पर इलाज कर हमें पूरी तरह संतुष्ट किया गया। भारत की सबसे बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं हमें यहीं महाकुम्भ (Maha Kumbh) में देखने को मिली हैं।ऑस्ट्रेलिया के डेनियल ने महाकुम्भ (Maha Kumbh)नगर की स्वास्थ्य व्यवस्था को बहुत ही प्रभावशाली करार दिया है। उनका कहना था कि इस सेंट्रल हॉस्पिटल के जरिए ही दुनिया के सबसे बड़े आयोजन की सार्थकता साबित हुई है।
- भारतीय श्रद्धालु भी संतुष्ट
वहीं, सुप्रीम कोर्ट के जज अनिमेष गुप्ता ने कहा कि योगी सरकार ने जिस तरह एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की है, वह काबिले तारीफ है। दिल्ली से आए वासु ने बताया कि मैं परिवार के साथ महाकुम्भ (Maha Kumbh)नगर में संगम स्नान के लिए आया था। यहां अचानक तबीयत खराब हो जाने से पूरा परिवार परेशान हो गया।
इसके बाद लोगों ने सेंट्रल हॉस्पिटल में डॉक्टरों को दिखाने की सलाह दी। जैसे ही हम सेंट्रल हॉस्पिटल पहुंचे, वहां के एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने तुरंत हमारी जांच की और उपचार करने के बाद दवाएं उपलब्ध कराईं। आराम मिलने के बाद हम वापस लौटे। महाकुम्भ (Maha Kumbh) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो इंतजाम किए हैं, वैसा पूरे देश में कोई और नहीं कर सकता।
- साढ़े सात लाख श्रद्धालुओं का उपचार
महाकुम्भ (Maha Kumbh) में सोमवार शाम तक 7.5 लाख श्रद्धालुओं को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं दी जा चुकी हैं। महाकुम्भ (Maha Kumbh) मेला के नोडल चिकित्सा स्थापना डॉक्टर गौरव दुबे ने बताया कि श्रद्धालुओं की देखभाल के लिए एम्स दिल्ली और आईएमएस बीएचयू के विशेषज्ञ डॉक्टरों समेत पूरे देश की एक्सपर्ट टीम यहां तैनात है। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ राकेश शर्मा, सेंट्रल हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ मनोज कौशिक के नेतृत्व में यहां एलोपैथी के 23 अस्पतालों में साढ़े पांच लाख से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। इसके अलावा पांच लाख से अधिक पैथोलॉजी टेस्ट किए गए हैं। वहां, 4000 छोटे और 12 बड़े ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए। वहीं, डॉ. गिरीश चंद्र पांडेय ने बताया कि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. मनोज सिंह के नेतृत्व में टीम ने आयुष चिकित्सा से अब तक 2.25 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया है।
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