सीतापुर के मछरेहटा में किसानों की समस्याओं पर फूटा गुस्सा: बीडीओ को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन में समाधान न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
सीतापुर के मछरेहटा विकास खंड में स्थानीय समस्याओं को लेकर बीडीओ अरुण कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
मछरेहटा विकास खंड में ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर लामबंद हुए जनप्रतिनिधि और किसान संगठन, बीडीओ को अल्टीमेटम
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में ग्रामीण और कृषि क्षेत्र से जुड़ी स्थानीय समस्याओं को लेकर जन आक्रोश बढ़ने लगा है। मछरेहटा विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सडिला के क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि और जनसत्ता दल के जिला महासचिव प्रभात सिंह शेखावत ने ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। सौंपे गए पत्र में गांव के विकास और किसानों की बदहाली से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को उठाते हुए उनके तुरंत निपटारे की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर इन बुनियादी दिक्कतों को दूर नहीं किया गया, तो प्रशासन को एक बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।
ब्लॉक मुख्यालय पर अपनी बात रखते हुए प्रभात सिंह शेखावत ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य ठप पड़े हैं और किसान अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अगले पंद्रह दिनों के भीतर इन सभी स्थानीय समस्याओं का कोई उचित और ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और जनसत्ता दल के संयुक्त तत्वावधान में ब्लॉक परिसर में एक विशाल धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
इस मौके पर किसानों की आवाज को मजबूती देने के लिए भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव शिवम सिंह भी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीण समस्याओं पर अपना पूरा समर्थन देते हुए कहा कि किसान संगठन चुप नहीं बैठेगा और हक की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी। बीडीओ अरुण कुमार ने ज्ञापन लेने के बाद सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करने और नियमानुसार जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिया है। इस दौरान क्षेत्र के कई सम्मानित ग्रामीण और किसान प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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