Sambhal: बुजुर्गों के सम्मान और संवेदनशीलता पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का समापन, जागरूक समाज बनाने पर जोर। 

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन, सम्भल में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन

Mar 26, 2026 - 18:37
 0  15
Sambhal: बुजुर्गों के सम्मान और संवेदनशीलता पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का समापन, जागरूक समाज बनाने पर जोर। 
बुजुर्गों के सम्मान और संवेदनशीलता पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का समापन, जागरूक समाज बनाने पर जोर। 

उवैस दानिश, सम्भल 

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन, सम्भल में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हो गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और उन्हें एक महत्वपूर्ण मानव संसाधन के रूप में स्थापित करना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य एवं आयोजन अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद सलीम खान ने की। मुख्य अतिथि के रूप में तान्या सेनगुप्ता (रिसर्च ऑफिसर, NISD, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार) उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. एस.के. इश्तियाक अहमद, प्रो. एम. बनजा और प्रो. मोहम्मद शाकिर शामिल रहे। इसके अलावा श्री शैलेन्द्र कुमार शर्मा और अनमोल मैथ्यू की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। सम्मेलन में ए.एम.यू. अलीगढ़ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आफ़ताब अहमद अंसारी ने कहा कि समाज में बुजुर्गों को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, जबकि उनके पास अनुभव और ज्ञान का खजाना होता है। उन्होंने बुजुर्गों के सम्मान और उनके अनुभवों के उपयोग पर जोर दिया। कार्यक्रम के आयोजक प्रधानाचार्य साहिल खान ने बताया कि इस सम्मेलन को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (NISD) द्वारा प्रायोजित किया गया। इसमें देशभर से आए विशेषज्ञों और शिक्षकों ने छात्रों और समाज को बुजुर्गों के प्रति सही व्यवहार के लिए जागरूक किया।

सम्मेलन में विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से आए शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इन शोध पत्रों में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या और उनकी समस्याओं से जुड़े तथ्य और आंकड़े प्रस्तुत किए गए। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जेएनयू, दिल्ली यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया इस्लामिया सहित कई संस्थानों की भागीदारी रही। आयोजन में डॉ. पूजा त्यागी (संयोजक) ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि डॉ. फरह दीन वारसी ने संचालन किया। सम्मेलन को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (NISD) द्वारा प्रायोजित किया गया। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविदों, शोधार्थियों और छात्रों ने भाग लिया। विभिन्न सत्रों में बुजुर्गों के अधिकार, देखभाल और सामाजिक भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने शोध पत्र और पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने विचार साझा किए। सम्मेलन के सफल आयोजन में डॉ. शाहिद हसन वारसी, डॉ. अदीब कुमार, डॉ. जितेंद्र वर्मा, डॉ. मोइन अख्तर सहित गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों साबिक, फहीमुल्लाह, अजहर खान और सलमान का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस विषय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को स्थायी रूप से विकसित किया जा सके।

Also Read- Sambhal: 'पोस्टरों में झलकी संवेदना: बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल का दिया गया संदेश'।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।