Sambhal : सम्भल को विकास की रफ्तार दिलाने की मांग, सम्भल–गजरौला रेलवे लाइन विस्तार व बस सेवाओं को लेकर परिषद की अहम बैठक

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष के.के. मिश्र ने कहा कि वर्तमान बजट सत्र में सम्भल का नाम तक नहीं लिया गया है, जिससे क्षेत्र लगातार पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने क

By INA News Desk
Feb 8, 2026 - 20:58
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Sambhal : सम्भल को विकास की रफ्तार दिलाने की मांग, सम्भल–गजरौला रेलवे लाइन विस्तार व बस सेवाओं को लेकर परिषद की अहम बैठक
Sambhal : सम्भल को विकास की रफ्तार दिलाने की मांग, सम्भल–गजरौला रेलवे लाइन विस्तार व बस सेवाओं को लेकर परिषद की अहम बैठक

Report : उवैस दानिश, सम्भल

रविवार को आदमपुर रोड स्थित चौधरी सराय में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शाहिद हुसैन के आवास पर परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष के.के. मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सम्भल–गजरौला रेलवे लाइन के विस्तारीकरण और सम्भल से प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए बस सेवाएं शुरू कराने की मांग को लेकर रणनीति तय करना रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष के.के. मिश्र ने कहा कि वर्तमान बजट सत्र में सम्भल का नाम तक नहीं लिया गया है, जिससे क्षेत्र लगातार पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सम्भल से गजरौला रेलवे लाइन का विस्तारीकरण नहीं होगा और सम्भल से अलीगढ़, कानपुर, इलाहाबाद सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए नियमित बस सेवाएं शुरू नहीं होंगी, तब तक क्षेत्र का समुचित विकास संभव नहीं है।

के.के. मिश्र ने बताया कि इसी मांग को लेकर यह बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि सोमवार को रेल मंत्री से फोन पर वार्ता कर मिलने का समय लिया जाएगा और उनसे सीधे मिलकर सम्भल–गजरौला रेलवे लाइन विस्तार की मांग रखी जाएगी। इसके साथ ही फरवरी माह के भीतर लखनऊ जाकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की जाएगी, जिसमें सम्भल बस अड्डे से प्रदेश के सभी प्रमुख क्षेत्रों के लिए बस संचालन की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। बैठक में परिषद द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों पर भी चर्चा हुई।परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि संगठन बीते 30 वर्षों से देशभर में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चला रहा है। भ्रष्टाचार से किसान, युवा, मजदूर, उद्यमी और शिक्षित बेरोजगार सभी प्रभावित हैं। परिषद का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक कर इस लड़ाई में जोड़ा जाए। बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि पिछले 10 वर्षों के वर्तमान व पूर्व सांसदों, विधायकों, IAS, IPS, निगमों के अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, PWD इंजीनियर और अन्य अधिकारियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच कराई जाए।

अवैध संपत्ति पाए जाने पर उसे जब्त कर राष्ट्रीय कोष में जमा कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इसके साथ ही परिषद के प्राथमिक सदस्यता अभियान को तेज करने, सक्रिय कार्यकर्ताओं को जोड़ने और निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाने पर भी सहमति बनी। पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की समस्याओं को जानकर उनके समाधान में सहयोग करने का आह्वान किया गया। बैठक में परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बृजेश यादव ने प्राथमिक सदस्यता अभियान और नवनियुक्त पदाधिकारियों की जानकारी देते हुए संगठन को मजबूत करने की अपील की। बैठक में शाहिद हुसैन, डी.पी. शर्मा, मौ. अली, राकेश कुमार, बृजेश यादव, राजवीर यादव, रविन्द्र यादव, तेजपाल सिंह, जमीलुर्रहमान, जरीफ अहमद, तन्जीम, इकराम वारसी, साजिद, योगेश मिश्रा, अमित गौतम, शाहनवाज सम्भल सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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