मुंबई में जो भी आता है, सफल हो जाता है, चॉल से निकलकर 6 लाख करोड़ मैनेज करने वाले उद्योगपति का बयान।
उद्योगपति और इनविजिन कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने मुंबई की सफलता के कारणों पर प्रकाश डाला है।
By Sukhmaal Jain (Senior Journalist and Social Worker)
उद्योगपति और इनविजिन कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने मुंबई की सफलता के कारणों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि मुंबई में जो भी आता है, सफल हो जाता है। दिल्ली, कलकत्ता और चेन्नई भी विकसित हो रहे हैं लेकिन मुंबई में सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी प्राकृतिक बसावट समुद्र के किनारे है और लोगों ने इसका फायदा उठाया है। नीलेश शाह ने मुंबई मंथन कार्यक्रम में यह बातें कहीं जहां उन्होंने मुंबई की विकास यात्रा पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि मुंबई में मेरिट के आधार पर मौका मिलता है। दिल्ली में कई बार लोग कहते हैं कि तू जानता नहीं मैं कौन हूं लेकिन मुंबई में ऐसा कल्चर नहीं है। शायद इसी कारण मुंबई विकसित हो रहा है। नीलेश शाह ने पैसा और सफलता के संबंध पर भी बात की और कहा कि पैसा पैसा बनाता तो है लेकिन ऐसा नियम नहीं है। अगर ऐसा होता तो अमीर आदमी गरीब नहीं होता और गरीब आदमी अमीर नहीं होता। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी मुंबई के चॉल के प्रोडक्ट हैं और आज 6 लाख करोड़ रुपये मैनेज कर रहे हैं। यह बयान 8 जनवरी 2026 को मुंबई मंथन कार्यक्रम में दिया गया। कार्यक्रम में मुंबई के विकास और शहर की विशेषताओं पर फोकस था।
नीलेश शाह ने मुंबई की प्राकृतिक स्थिति को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई समुद्र के किनारे बसा है और इसकी बसावट ने विकास में मदद की है। लोगों ने इस प्राकृतिक लाभ का सही इस्तेमाल किया है। अन्य शहरों जैसे दिल्ली, कलकत्ता और चेन्नई में भी विकास हो रहा है लेकिन मुंबई की स्थिति अलग है। उन्होंने मुंबई के कल्चर को मेरिट आधारित बताया जहां योग्यता के आधार पर अवसर मिलते हैं। दिल्ली में कभी-कभी लोग अपनी पहचान के आधार पर बात करते हैं लेकिन मुंबई में ऐसा नहीं है। नीलेश शाह ने कहा कि शायद इसी कल्चर के कारण मुंबई आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पैसों की भूमिका पर भी चर्चा की और बताया कि पैसा पैसा को आकर्षित करता है लेकिन यह अकेला कारक नहीं है। सफलता के लिए अन्य कारक भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण दिया कि वे मुंबई के चॉल से निकलकर आज बड़े स्तर पर निवेश मैनेज कर रहे हैं।
मुंबई मंथन कार्यक्रम में नीलेश शाह ने मुंबई की सफलता के पीछे के कारणों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि मुंबई में हर आने वाला व्यक्ति सफल होने की क्षमता रखता है। उन्होंने अन्य महानगरों का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी प्रगति कर रहे हैं लेकिन मुंबई की समुद्री बसावट ने यहां के विकास को अलग बनाया है। लोगों ने इस प्राकृतिक सुविधा का लाभ उठाया है। नीलेश शाह ने मेरिटोक्रेसी पर जोर दिया और कहा कि मुंबई में योग्यता के आधार पर मौके मिलते हैं। दिल्ली में कभी-कभी लोग अपनी स्थिति का हवाला देते हैं लेकिन मुंबई में ऐसा कल्चर नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी कारण मुंबई विकसित हो रहा है। पैसा और सफलता के बीच संबंध बताते हुए उन्होंने कहा कि पैसा पैसा बनाता है लेकिन यह पूर्ण नियम नहीं है। अमीर-गरीब का बदलाव इसी से जुड़ा है। उन्होंने खुद को मुंबई चॉल का प्रोडक्ट बताते हुए कहा कि आज वे 6 लाख करोड़ रुपये मैनेज कर रहे हैं। नीलेश शाह ने कार्यक्रम में मुंबई की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मुंबई समुद्र के किनारे स्थित है और इसकी प्राकृतिक बसावट ने विकास में योगदान दिया है। लोगों ने इसका फायदा उठाया है। मुंबई में मेरिट के आधार पर अवसर मिलते हैं। दिल्ली में कई बार लोग कहते हैं तू जानता नहीं मैं कौन हूं लेकिन मुंबई में ऐसा नहीं है। शायद इसी कल्चर के कारण मुंबई आगे है। पैसा पैसा को खींचता है लेकिन यह अकेला नहीं है। अमीर गरीब हो सकता है और गरीब अमीर। नीलेश शाह ने अपना उदाहरण दिया कि वे मुंबई चॉल से हैं और स्कॉलरशिप पर पढ़ाई की लेकिन आज 6 लाख करोड़ मैनेज कर रहे हैं।
नीलेश शाह ने मुंबई की सफलता को मेरिट और प्राकृतिक बसावट से जोड़ा। उन्होंने कहा कि मुंबई में आने वाला हर व्यक्ति सफल हो जाता है। दिल्ली, कलकत्ता और चेन्नई विकसित हो रहे हैं लेकिन मुंबई की समुद्री स्थिति अलग है। लोगों ने इसका लाभ उठाया। मुंबई में मेरिट आधारित कल्चर है। दिल्ली में कभी-कभी लोग अपनी पहचान बताते हैं लेकिन मुंबई में नहीं। इसी कारण मुंबई विकसित है। पैसा पैसा बनाता है लेकिन नियम नहीं। अमीर-गरीब बदलाव होता है। नीलेश शाह ने कहा कि वे मुंबई चॉल के प्रोडक्ट हैं और आज 6 लाख करोड़ मैनेज करते हैं। मुंबई मंथन में नीलेश शाह ने शहर की सफलता पर बात की। मुंबई में जो आता है सफल होता है। अन्य शहर विकसित हो रहे हैं लेकिन मुंबई की बसावट समुद्र किनारे है। इसका फायदा उठाया गया। मेरिट पर मौका मिलता है। दिल्ली में तू जानता नहीं मैं कौन हूं जैसी बातें होती हैं लेकिन मुंबई में नहीं। मुंबई इसी कारण विकसित है। पैसा पैसा बनाता है लेकिन अकेला नहीं। अमीर गरीब हो सकता है। नीलेश शाह मुंबई चॉल से हैं और 6 लाख करोड़ मैनेज करते हैं।
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