ED छापेमारी के बीच हाई ड्रामा: ममता बनर्जी ने उठाई 'हरी फाइल', पहुंचीं I-PAC प्रमुख के घर, ED का आरोप, जांच में बाधा और सबूत जबरन ले गए।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव बढ़ाने वाली घटना 8 जनवरी 2026 को कोलकाता में हुई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव बढ़ाने वाली घटना 8 जनवरी 2026 को कोलकाता में हुई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और ऑफिस पर छापेमारी की। यह छापेमारी बंगाल कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है जिसमें ED का दावा है कि घोटाले से मिले अवैध धन का हिस्सा I-PAC को 2022 गोवा विधानसभा चुनाव में TMC के लिए काम करने के बदले दिया गया था। छापेमारी की खबर फैलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर पहुंचीं जहां ED टीम पहले से मौजूद थी। ममता बनर्जी ने वहां कुछ समय बिताया और बाहर निकलते समय एक हरी फाइल हाथ में लिए दिखीं। उन्होंने मीडिया से कहा कि ED TMC की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों की सूची और पार्टी के आंतरिक दस्तावेज चुराने की कोशिश कर रहा है। ED ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी, उनके सहयोगी और राज्य पुलिस ने छापेमारी के दौरान भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जबरन हटा लिए। छापेमारी प्रतीक जैन के घर के बाद I-PAC के साल्ट लेक सेक्टर 5 स्थित ऑफिस में भी जारी रही जहां ममता बनर्जी वहां भी पहुंचीं और 15-20 मिनट बाद बाहर निकलीं। फाइलें उनकी महिंद्रा कार के बैक सीट और बूट में रखी गईं। ED ने कहा कि छापेमारी शांतिपूर्ण चल रही थी जब तक मुख्यमंत्री बड़ी संख्या में पुलिस के साथ नहीं पहुंचीं।
ममता बनर्जी ने छापेमारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ED और अमित शाह का काम TMC के हार्ड डिस्क, उम्मीदवार सूची और पार्टी की रणनीति इकट्ठा करना नहीं है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई 2026 विधानसभा चुनाव से पहले TMC को कमजोर करने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि अगर वे BJP के पार्टी ऑफिस पर छापेमारी करें तो क्या होगा। मुख्यमंत्री ने ED की कार्रवाई को असंवैधानिक और राजनीतिक बदले की कार्रवाई कहा। ED ने बयान जारी कर कहा कि ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन के आवास में प्रवेश किया और जांच के दौरान अहम सबूत जबरन ले गईं। एजेंसी ने कहा कि छापेमारी पेशेवर तरीके से चल रही थी लेकिन मुख्यमंत्री के आने के बाद स्थिति बिगड़ गई। ED ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों ने भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हटा लिए। ममता बनर्जी ने I-PAC को TMC का अधिकृत टीम बताया और कहा कि यह कोई निजी संस्था नहीं है।
ED ने छापेमारी को बंगाल कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले का हिस्सा बताया जिसमें अवैध कोयला खनन और बिक्री से मिले पैसे का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी ने कहा कि घोटाले के पैसे हवाला के जरिए I-PAC को ट्रांसफर किए गए थे। छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी के पहुंचने से हाई ड्रामा हुआ और वीडियो फुटेज में मुख्यमंत्री को हरी फाइल के साथ बाहर निकलते दिखाया गया। ED ने कहा कि यह हस्तक्षेप जांच में बाधा डालने वाला है। ममता बनर्जी ने कहा कि ED TMC के संवेदनशील डेटा जैसे चुनावी रणनीति और उम्मीदवार सूची जब्त करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक बदला है और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। ED ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने दो सर्च लोकेशनों पर जबरन प्रवेश किया और दस्तावेज अपने साथ ले गईं।
घटना के बाद ED ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया और जांच में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल करने की अनुमति मांगी। ED ने कहा कि छापेमारी शांतिपूर्ण थी लेकिन ममता बनर्जी के भारी पुलिस बल के साथ पहुंचने से स्थिति बदल गई। एजेंसी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रतीक जैन के आवास और ऑफिस से अहम सबूत जबरन हटा लिए। I-PAC ने भी हाई कोर्ट में छापेमारी पर रोक लगाने की मांग की और कार्रवाई को राजनीतिक बताया। ममता बनर्जी ने ED अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया। हरी फाइल के कंटेंट पर अटकलें लगीं कि इसमें TMC की 2026 चुनाव रणनीति या अन्य संवेदनशील दस्तावेज हो सकते हैं। ED ने कहा कि जांच कोयला घोटाले से जुड़ी है और राजनीतिक नहीं है।
ED की छापेमारी और ममता बनर्जी की एंट्री से कोलकाता में हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। मुख्यमंत्री ने प्रतीक जैन के घर पहुंचकर हरी फाइल ली और मीडिया से कहा कि ED पार्टी दस्तावेज चुरा रहा है। ED ने कहा कि यह जांच में हस्तक्षेप है और सबूत जबरन ले गए गए। एजेंसी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी की। ममता बनर्जी ने अमित शाह पर आरोप लगाया कि वे TMC की रणनीति चुराने की कोशिश कर रहे हैं। छापेमारी I-PAC के ऑफिस और घर पर हुई जहां TMC के साथ जुड़ाव है। हरी फाइल को कार में रखा गया। कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने I-PAC पर छापा मारा। ममता बनर्जी ने कहा कि यह TMC की चुनावी तैयारी को प्रभावित करने की साजिश है। ED ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जांच बाधित की। दोनों पक्ष हाई कोर्ट पहुंचे। हरी फाइल में क्या है इस पर सवाल उठे। ED ने आरोप लगाया कि जबरन दस्तावेज और डिवाइस ले गए। ED छापेमारी के बीच ममता बनर्जी ने हरी फाइल उठाई। ED ने जांच में बाधा का आरोप लगाया। मामला हाई कोर्ट पहुंचा। TMC ने कार्रवाई को राजनीतिक बताया। हरी फाइल TMC के दस्तावेज बताए गए।
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