Bajpur : कर्बला मैदान में पहुंचे आकर्षक ताजिये, इमाम हुसैन की याद में गूंजी या हुसैन की सदाएं
इमाम हुसैन और उनके साथियों की याद में मोहर्रम के अवसर पर क्षेत्र में अकीदत और गम का माहौल देखने को मिला। पूरा माहौल "या हुसैन" के नारों से गूंज उठा, जब आस-पास के तमाम इलाकों से बेहद खूबसूरत ढंग से बनाए गए ताजिये जुलूस के रूप में बाजपुर गांव के कर्बला मैदान पहुंचे।
ब्यूरो चीफ : आमिर हुसैन
इमाम हुसैन और उनके साथियों की याद में मोहर्रम के अवसर पर क्षेत्र में अकीदत और गम का माहौल देखने को मिला। पूरा माहौल "या हुसैन" के नारों से गूंज उठा, जब आस-पास के तमाम इलाकों से बेहद खूबसूरत ढंग से बनाए गए ताजिये जुलूस के रूप में बाजपुर गांव के कर्बला मैदान पहुंचे। इस दौरान मुंडिया कला, मूंडिया पिस्तौर, नंदपुर नरका टोपा, बाजपुर गांव, कैसोवाला, मुड़िया, हरलालपुर, महेशपुरा, कनौरा, कनौरी और रमपुरा सहित दर्जनों गांवों से अकीदतमंद पारंपरिक जुलूस निकालते हुए मैदान में जमा हुए। मातम मना रहे लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया और उनके द्वारा दिए गए इंसानियत, न्याय और हक के लिए कुर्बानी के संदेश को दोहराया।
जुलूस के दौरान बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए और कर्बला मैदान के आसपास एक पारंपरिक मेले का आयोजन भी किया गया। स्थानीय समाजसेवी अख्तर अली ने जानकारी देते हुए बताया कि यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है, जहां क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लोग अपने-अपने ताजिये लेकर बाजपुर गांव के कर्बला मैदान में इकट्ठा होते हैं। शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद दिखाई दिया। पुलिस बल की तैनाती के बीच पूरा कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
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