अयोध्या में घरेलू विस्फोट से पांच लोगों की दर्दनाक मौत, जांच में सिलेंडर या कुकर फटने की आशंका।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में गुरुवार शाम को एक दर्दनाक हादसा हो गया। पूरा कलंदर थाना क्षेत्र के पगलाभारी गांव में एक मकान में जोरदार धमाका होने से पूरा घर मलबे

Oct 10, 2025 - 17:43
 0  29
अयोध्या में घरेलू विस्फोट से पांच लोगों की दर्दनाक मौत, जांच में सिलेंडर या कुकर फटने की आशंका।
अयोध्या में घरेलू विस्फोट से पांच लोगों की दर्दनाक मौत, जांच में सिलेंडर या कुकर फटने की आशंका।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में गुरुवार शाम को एक दर्दनाक हादसा हो गया। पूरा कलंदर थाना क्षेत्र के पगलाभारी गांव में एक मकान में जोरदार धमाका होने से पूरा घर मलबे में बदल गया। इस घटना में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। धमाके की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने घरेलू गैस सिलेंडर या प्रेशर कुकर फटने की आशंका जताई है, लेकिन कोई विस्फोटक पदार्थ के अवशेष नहीं मिले हैं। एडीजी लखनऊ जोन सुजीत पांडेय ने स्पष्ट किया है कि प्रथम दृष्टया यह कोई आतंकी घटना या पटाखे से जुड़ा विस्फोट नहीं लगता। फिलहाल बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वायड (बीडीएस) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीमें मौके पर जांच कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कड़ी जांच के आदेश दिए हैं।

घटना गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे की बताई जा रही है। पगलाभारी गांव में रामकुमार गुप्ता उर्फ पप्पू का दो मंजिला मकान था, जो राम मंदिर से लगभग 28 किलोमीटर दूर स्थित है। रामकुमार पटाखों का छोटा-मोटा कारोबार करते थे। सूत्रों के अनुसार, घर में रसोईघर के पास धमाका हुआ, जिसकी वजह से पूरा ढांचा ध्वस्त हो गया। मलबे में दबकर रामकुमार, उनकी पत्नी, तीन बच्चे और एक कर्मचारी की मौत हो गई। घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, फिर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि घायलों की हालत नाजुक है, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं।

एडीजी सुजीत पांडेय ने घटनास्थल का दौरा किया और मीडिया से बातचीत में कहा, "प्रथम दृष्टया घटना में किसी भी तरीके का पटाखा या विस्फोटक नहीं मिला है। मौके पर कुकर या सिलेंडर फटने से धमाके की आशंका है। हमने किसी भी प्रकार के विस्फोटक के अवशेष या कण नहीं पाए। फिलहाल जांच चल रही है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई सुनियोजित साजिश नहीं लगती, बल्कि घरेलू दुर्घटना का मामला प्रतीत होता है। पांडेय ने बताया कि मलबे से फटा हुआ प्रेशर कुकर और गैस सिलेंडर के टुकड़े बरामद हुए हैं, जो इस थ्योरी को बल देते हैं।

मौके पर पहुंची एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रात भर चले बचाव कार्य में जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। लेकिन शुक्रवार सुबह मलबा हटाते समय दूसरा छोटा धमाका हो गया, जिसमें जेसीबी मशीन को नुकसान पहुंचा। सौभाग्य से कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन इससे जांच में और सतर्कता बरतने की जरूरत पड़ी। ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) को भी अलर्ट किया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।

रामकुमार गुप्ता के परिवार और पड़ोसियों से बातचीत में पता चला कि रामकुमार का पटाखों का कारोबार पुराना था। 2024 में उनके घर में एक छोटा विस्फोट हो चुका था, जिसके बाद गांव वालों ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने गांव के बाहर यह मकान बनाया था। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि रामकुमार अवैध रूप से पटाखे बनाते थे, लेकिन पुलिस के पास कोई शिकायत दर्ज नहीं थी। एक पड़ोसी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "रामकुमार अच्छे इंसान थे, लेकिन उनका धंधा जोखिम भरा था। बच्चे अक्सर घर पर खेलते थे, शायद पटाखों से छेड़छाड़ हुई हो।" हालांकि, पुलिस ने अभी तक अवैध पटाखा निर्माण की पुष्टि नहीं की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने और घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन करने के निर्देश दिए। योगी ने कहा, "यह दुखद घटना है। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" अयोध्या के डीएम ने भी गांव में जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि दोषियों को सजा मिलेगी।

अयोध्या इन दिनों दीपोत्सव की तैयारियों में जुटी हुई है। राम मंदिर का उद्घाटन हो चुका है और पर्यटकों का सैलाब उमड़ रहा है। ऐसे में यह हादसा पूरे जिले के लिए सदमा बन गया। स्थानीय लोग सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं। एक बुजुर्ग निवासी ने कहा, "राम नगरी में ऐसा होना शर्मनाक है। सरकार को अवैध कारोबार पर नजर रखनी चाहिए।" पुलिस ने इलाके में भारी फोर्स तैनात कर दी है और आसपास के घरों की जांच शुरू कर दी है।

जांच के दौरान एफएसएल टीम ने मलबे से कई सैंपल एकत्र किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सिलेंडर लीकेज से आग लगी हो और प्रेशर कुकर में दबाव बढ़ने से बड़ा धमाका हुआ हो। कुछ रिपोर्ट्स में बच्चों द्वारा पटाखे जलाने की बात भी सामने आई है, जो सिलेंडर के पास रखे थे। लेकिन सुजीत पांडेय ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सबूतों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाएगा। बीडीएस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित घोषित कर दिया है।

यह घटना उत्तर प्रदेश में घरेलू विस्फोटों की बढ़ती संख्या को उजागर करती है। पिछले साल लखनऊ की एक पटाखा फैक्ट्री में धमाके से चार लोगों की मौत हो चुकी थी। विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध पटाखा निर्माण और गैस सिलेंडरों का गलत इस्तेमाल आम कारण हैं। सरकार ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि त्योहारों से पहले सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाए। अयोध्या प्रशासन अब गांव-गांव में जाकर लोगों को सिलेंडर और कुकर के सुरक्षित उपयोग के बारे में बता रहा है।

पीड़ित परिवार का रोना देखकर पूरा गांव सन्नाटे में डूब गया। रामकुमार के छोटे बेटे की उम्र महज आठ साल थी। परिवार के एक रिश्तेदार ने बताया, "वे गरीब थे, लेकिन खुशहाल। यह हादसा ने सब कुछ छीन लिया।" प्रशासन ने मृतकों का अंतिम संस्कार कराया और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसएसपी अयोध्या ने कहा कि जांच पूरी होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल पूरा कलंदर क्षेत्र शांत है, लेकिन लोग सतर्क हैं।

Also Read- Gorakhpur: गरीबों को दीपावली से पहले घर का सपना हुआ साकार, सीएम योगी ने गोरखपुर में 160 परिवारों को सौंपी फ्लैट की चाबी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।