Ayodhya : सूर्य की किरणों से हुआ रामलला का अलौकिक तिलक, अयोध्या में उमड़ा आस्था का महासागर
विज्ञान और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। अष्टधातु के पाइपों और विशेष लेंसों के माध्यम से सूर्य की रोशनी को सीधे भगवान के ललाट तक पहुँचाया गया। गर्भगृह में आचार्यों द्वारा
अयोध्या में रामनवमी के पावन अवसर पर रामलला का अद्भुत सूर्य तिलक संपन्न हुआ। दोपहर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में जब सूर्य की किरणें भगवान के मस्तक पर पड़ीं, तो पूरा मंदिर परिसर भक्ति के रंग में डूब गया। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरा अवसर था जब लगभग 9 मिनट तक सूर्य की किरणों ने गर्भगृह को अपनी दिव्यता से भर दिया। इस ऐतिहासिक और धार्मिक पल के साक्षी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बने, जिन्होंने दूरदर्शन के माध्यम से भगवान के इस स्वरूप के दर्शन किए।
इस विशेष आयोजन के लिए विज्ञान और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। अष्टधातु के पाइपों और विशेष लेंसों के माध्यम से सूर्य की रोशनी को सीधे भगवान के ललाट तक पहुँचाया गया। गर्भगृह में आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा की गई और इसके बाद रामलला को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। उत्सव की शुरुआत सुबह मंगल आरती के साथ हुई, जिसमें भगवान को पीले वस्त्र धारण कराए गए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन का समय बढ़ाकर सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक कर दिया गया। रामनगरी में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं ने पहुँचकर इस पावन पर्व का आनंद लिया और राम पथ व जन्मभूमि पथ पर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
Also Click : Hathras : हाथरस महिला थाने की पहल से टूटा परिवार फिर जुड़ा, रितु तोमर की काउंसलिंग से पारिवारिक विवाद सुलझा
What's Your Reaction?









