Sitapur : नैमिषारण्य में उमड़ा आस्था का सैलाब, मां ललिता देवी के जयकारों से गूंजी तीर्थ नगरी
हनुमान गढ़ी के महंत बजरंग दास ने बताया कि इस मौके पर विशेष पूजन और आरती के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बटुक ब्राह्मणों और कन्याओं को भोजन कराया गया। नवमी के दिन कन्या पूजन का
सीतापुर के प्रसिद्ध तीर्थ नैमिषारण्य में चैत्र नवरात्रि की नवमी पर श्रद्धा का भव्य संगम देखने को मिला। सुबह से ही शक्तिपीठ मां ललिता देवी के मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी और पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में डूब गया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी लाल बिहारी शास्त्री ने विधि-विधान से मां की आरती की और उन्हें 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया। दिन भर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर दर्शन किए। रामनवमी के इस पावन अवसर पर हनुमान गढ़ी, सूत गद्दी और व्यास गद्दी सहित सभी प्रमुख मंदिरों में भगवान राम का जन्मोत्सव बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया।
हनुमान गढ़ी के महंत बजरंग दास ने बताया कि इस मौके पर विशेष पूजन और आरती के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बटुक ब्राह्मणों और कन्याओं को भोजन कराया गया। नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व रहा, जहाँ भक्तों ने कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनके पैर धोए और उन्हें भोजन कराकर आशीर्वाद लिया। प्रसाद के रूप में फल और मिठाइयां बांटी गईं। ललिता आश्रम और कालीपीठ मंदिर में भी कन्या भोज के कार्यक्रम हुए। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि भीड़ के बावजूद लोगों को दर्शन करने में कोई असुविधा न हो। देर शाम तक नैमिषारण्य में भजन-कीर्तन और सेवा का दौर चलता रहा।
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