हरदोई की राजनीति में उबाल: विधायक श्याम प्रकाश का 'टुकड़ों पर पलने' वाला बयान और ब्लॉक प्रमुख बेटे की 'गुंडई' न करने की खुली चेतावनी।

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सियासी पारा उस समय अपने चरम पर पहुँच गया, जब गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक

By INA News Desk
Apr 20, 2026 - 14:16
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हरदोई की राजनीति में उबाल: विधायक श्याम प्रकाश का 'टुकड़ों पर पलने' वाला बयान और ब्लॉक प्रमुख बेटे की 'गुंडई' न करने की खुली चेतावनी।
हरदोई की राजनीति में उबाल: विधायक श्याम प्रकाश का 'टुकड़ों पर पलने' वाला बयान और ब्लॉक प्रमुख बेटे की 'गुंडई' न करने की खुली चेतावनी।
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  • बाबा साहब के सम्मान के मंच से सियासी संग्राम: भाजपा विधायक ने भीम आर्मी का नाम लिए बिना साधा निशाना, कहा- "गलतफहमी है तो दूर कर दी जाएगी"
  • अहीरवाल और अवध के बीच बयानों की गर्मी: टड़ियावां में विधायक पुत्र रवि प्रकाश ने विरोधियों को याद दिलाया अपना पुराना 'सिक्का', अराजकता पर दी नसीहत

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सियासी पारा उस समय अपने चरम पर पहुँच गया, जब गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक श्याम प्रकाश और उनके ब्लॉक प्रमुख पुत्र रवि प्रकाश ने एक सार्वजनिक मंच से विरोधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मौका था टड़ियावां ब्लॉक सभागार में आयोजित 'डॉ. भीमराव आंबेडकर सम्मान अभियान' के तहत एक गोष्ठी का, लेकिन यह कार्यक्रम जल्द ही एक कड़े राजनीतिक संदेश के केंद्र में तब्दील हो गया। विधायक श्याम प्रकाश ने अपने संबोधन में किसी पार्टी का सीधा नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका निशाना स्पष्ट रूप से 'भीम आर्मी' और उससे जुड़े राजनीतिक संगठनों की ओर था। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि जो लोग आज भाजपा को आंखें दिखा रहे हैं, वे वास्तव में भाजपा की ही नीतियों और सहयोग के कारण आज इस मुकाम पर पहुँचे हैं। विधायक के इस बयान ने जिले के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।

विधायक श्याम प्रकाश ने अनुसूचित जाति के मतदाताओं को जागरूक करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों और विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दशकों तक दलित और पिछड़ा वर्ग केवल कुछ विशिष्ट दलों के लिए 'वोट बैंक' बनकर रह गया था। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम तो हर दल ने लिया, लेकिन उन्हें वास्तविक सम्मान और उनकी विचारधारा को धरातल पर उतारने का कार्य केवल भाजपा सरकार ने किया है। विधायक ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे शिक्षित और संगठित रहें ताकि कोई उन्हें गुमराह न कर सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा के शासनकाल में दलित समाज के गौरव को पुनर्स्थापित किया गया है, जबकि कुछ अन्य संगठन केवल अराजकता फैलाकर अपना हित साधने की कोशिश कर रहे हैं।

  • 2015 से पहले क्षेत्र में 'सिक्का' चलता था...

कार्यक्रम के दौरान माहौल तब और अधिक गरमा गया जब विधायक के बेटे और टड़ियावां के ब्लॉक प्रमुख रवि प्रकाश ने माइक संभाला। उन्होंने बिना नाम लिए भीम आर्मी के नेताओं पर सीधा प्रहार किया और उन्हें 'गुंडई' न करने की सख्त हिदायत दी। रवि प्रकाश ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग क्षेत्र में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं और स्वयं को 'गुंडा' समझ रहे हैं, वे एक बार उनके इतिहास के बारे में पता कर लें। उन्होंने अपने पुराने दिनों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2015 से पहले क्षेत्र में उनका 'सिक्का' चलता था और यदि उन्होंने अपनी ताकत दिखाई, तो विरोधी गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र की सीमाओं के भीतर कहीं नजर नहीं आएंगे। उनके इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा नेतृत्व अब विपक्षी संगठनों के आक्रामक रुख का जवाब उसी की भाषा में देने के लिए तैयार है।

  • सम्मान बनाम अराजकता की जंग

गोष्ठी में वक्ताओं ने यह तर्क दिया कि बाबा साहब का सम्मान केवल नारों से नहीं बल्कि विकास कार्यों से झलकता है। भाजपा के स्थानीय नेताओं का मानना है कि क्षेत्र में कुछ लोग सामाजिक समरसता बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को भी स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। राजनीतिक रणनीतियों की चर्चा करते हुए विधायक श्याम प्रकाश ने कहा कि भाजपा के भरोसे पनपने वाले लोग अब उसे ही चुनौती देने का दुस्साहस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि "टुकड़ों पर पली" पार्टी अब भाजपा के सामने खड़े होने की कोशिश कर रही है, जो कि एक बड़ी गलतफहमी है और इस गलतफहमी को समय रहते दूर कर दिया जाएगा। विधायक का यह बयान उन संगठनों के प्रति बढ़ते अविश्वास को दर्शाता है जो हाल के वर्षों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अवध के इलाकों में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा विधायक ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि दलित समाज अब किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है और वह जानता है कि उसका हित किस विचारधारा के साथ सुरक्षित है।

  • रवि प्रकाश की 'ओपन वॉर्निंग'

रवि प्रकाश ने अपने संबोधन में अनुशासन और मर्यादा पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वे बाबा साहब के सम्मान में हमेशा मैदान में खड़े हैं, लेकिन सम्मान के नाम पर यदि कोई अराजकता फैलाता है या शांति भंग करने की कोशिश करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। ब्लॉक प्रमुख ने विरोधियों को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति विचारों की होनी चाहिए न कि डराने-धमकाने की। उन्होंने मंच से ही अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि वे किसी भी गीदड़ भभकी से डरने वाले नहीं हैं। इस दौरान वहां मौजूद भाजपा के जिला मंत्री सत्यम शुक्ला और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी विधायक और ब्लॉक प्रमुख की बातों का समर्थन करते हुए विपक्षी दलों की घेराबंदी की। हरदोई की स्थानीय राजनीति में श्याम प्रकाश के परिवार का अच्छा खासा प्रभाव माना जाता है। ऐसे में उनके द्वारा दी गई यह 'ओपन वॉर्निंग' जिले के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। गोष्ठी में अमरेश द्विवेदी, महेश गुप्ता और कृष्णमोहन शुक्ला जैसे दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने यह दर्शाया कि पूरी स्थानीय इकाई एकजुट होकर अपनी बात रख रही है। विधायक ने शिक्षा और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि समाज को संगठित होकर विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, भाजपा सरकार ने पंचतीर्थों का निर्माण कर बाबा साहब को जो सम्मान दिया है, वह इतिहास में अभूतपूर्व है और इसे जनता कभी नहीं भूलेगी।

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