Kanpur: न्याय के देवता थे भगवान परशुराम- विनय मिश्रा
कानपुर बार एसोसिएशन हाल में आयोजित भगवान परशुराम के जन्मोत्सव कार्यक्रम में सर्वप्रथम विनय मिश्रा महामंत्री कानपुर
कानपुर बार एसोसिएशन हाल में आयोजित भगवान परशुराम के जन्मोत्सव कार्यक्रम में सर्वप्रथम विनय मिश्रा महामंत्री कानपुर बार एसोसिएशन ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि विष्णु भगवान के छठवें अवतार भगवान परशुराम शास्त्र और शस्त्र के प्रकांड ज्ञाता थे उन्हे भगवान विष्णु का उग्र अवतार भी कहा गया है भगवान शंकर का शस्त्र परशु अर्थात फरसा धारण करने के कारण ही उन्हे परशुराम कहा गया। अवतरण दिवस की पूर्व संध्या पर हम सब उनका जन्मोत्सव मना रहे है।
न्याय के देवता थे भगवान परशुराम। कार्यक्रम संयोजक पं रवीन्द्र शर्मा पूर्व अध्यक्ष लॉयर्स एसोसिएशन ने कहा कि भगवान परशुराम का अवतरण धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए हुआ था उनका जीवन दर्शन हमें अन्याय के खिलाफ और अपने अधिकारों के लिए निडरता से संघर्ष की प्रेरणा देता है न्याय और धर्म के प्रतीक थे भगवान परशुराम। न्याय व्यवस्था की और अधिक मजबूती के लिए न्यायालय के अधिकारी हम अधिवक्ताओं ने न्याय के देवता भगवान परशुराम का जयंती समारोह बार एसोसिएशन हाल में हर्षोल्लास से मनाया है। प्रमुख रूप से मो तौहीद उपाध्यक्ष बार एसोसिएशन अनिल बाबू चौधरी स मंत्री मनोज द्विवेदी शरद मिश्रा आदित्य त्रिपाठी संजीव कपूर राकेश सिद्धार्थ इशू सोनकर इंद्रेश मिश्रा अखिलेश कुमार अमर दीप चैतन्य जायसवाल नवनीत पांडेय आयुष शुक्ला आदित्य शिवम गंगवार वीर जोशी आदि रहे।
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