Gorakhpur First 6 Lane Flyover: गोरखपुर को मिलेगी जाम से मुक्ति, 22 जुलाई को सीएम करेंगे पहले सिक्सलेन फ्लाइओवर का लोकार्पण
गोरखपुर में 22 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री पहले सिक्सलेन फ्लाइओवर का लोकार्पण करेंगे। इससे लखनऊ, अयोध्या और वाराणसी मार्ग पर यातायात सुगम हो जाएगा।
- UP Infrastructure: गोरखपुर में यूपी के बड़े सिक्सलेन फ्लाइओवर का उद्घाटन, लखनऊ-अयोध्या और वाराणसी का सफर होगा आसान
- गोरखपुर के पहले सिक्सलेन फ्लाइओवर का 22 जुलाई को होगा लोकार्पण, लखनऊ-वाराणसी रूट पर सफर होगा सुपरफास्ट
- Gorakhpur Infrastructure Update: गोरखपुर के पहले भव्य सिक्सलेन फ्लाइओवर का मुख्यमंत्री 22 जुलाई को करेंगे उद्घाटन
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र को बुनियादी ढांचे और सुगम यातायात के मोर्चे पर एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री 22 जुलाई 2026 को गोरखपुर जनपद के पहले सिक्सलेन फ्लाइओवर का भव्य लोकार्पण करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से न केवल स्थानीय नागरिकों को शहर के भीतर लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि लखनऊ, अयोध्या और वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक व व्यावसायिक मार्गों पर भी वाहनों का आवागमन बेहद सुगम और तेज हो जाएगा। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने उद्घाटन समारोह को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस फ्लाइओवर के चालू हो जाने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों की रफ्तार में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार के उस व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (बुनियादी ढांचा विकास) कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत बड़े शहरों को ट्रैफिक-फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है। गोरखपुर शहर के व्यस्ततम चौराहे और राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाले खंड पर इस पहले सिक्सलेन फ्लाइओवर का निर्माण कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। 22 जुलाई को आयोजित होने वाले एक सार्वजनिक समारोह में सूबे के मुख्यमंत्री इस नवनिर्मित ओवरब्रिज की पट्टिका का अनावरण कर इसे आम जनता को समर्पित करेंगे। यह फ्लाइओवर आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ बनाया गया है।
गोरखपुर का यह क्षेत्र अंतर-जिला कनेक्टिविटी का एक प्रमुख केंद्र है, जहाँ से प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। लखनऊ, अयोध्या और वाराणसी की ओर जाने वाले भारी और हल्के वाहनों के दबाव के कारण यहाँ अक्सर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता था। इससे न केवल यात्रियों का समय बर्बाद होता था, बल्कि ईंधन की भी भारी खपत होती थी।
इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए शासन ने सिक्सलेन फ्लाइओवर के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। निर्माण एजेंसी ने रात-दिन काम करते हुए इस प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया है। फ्लाइओवर पर कोलतार (डामर) बिछाने, सुरक्षा दीवार बनाने, आधुनिक एलईडी (LED) स्ट्रीट लाइट लगाने और दिशा-सूचक संकेतक (साइनबोर्ड) लगाने का काम पूरी तरह मुकम्मल हो चुका है। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है और कार्यक्रम स्थल के पास एक भव्य मंच तैयार किया जा रहा है, जहाँ से वे जनता को संबोधित भी करेंगे।
इस बहुप्रतीक्षित उद्घाटन को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं:
प्रशासनिक अधिकारी व लोक निर्माण विभाग: विभाग के मुख्य अभियंता ने बताया कि यह फ्लाइओवर इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना है। इसकी भार वहन क्षमता और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जा चुकी है, जो पूरी तरह सफल रही। 22 जुलाई से इसे नियमित यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
व्यापारिक संगठन: गोरखपुर और आस-पास के व्यापारियों का कहना है कि वाराणसी और लखनऊ रूट पर मालवाहक ट्रकों का फंसना एक बड़ी समस्या थी। अब इस आधुनिक कॉरिडोर के खुल जाने से लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और समय की बड़ी बचत होगी।
स्थानीय नागरिक: निवासियों ने खुशी जताते हुए कहा कि अब उन्हें रोजाना के दफ्तर और स्कूल जाने के समय जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। त्योहारों और छुट्टियों के दिनों में होने वाली परेशानी अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी।
इस सिक्सलेन फ्लाइओवर के शुरू होने का प्रभाव बहुआयामी होगा। पहला और सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव यह होगा कि यह कॉरिडोर तीन प्रमुख शहरों लखनऊ (राज्य की राजधानी), अयोध्या (वैश्विक धार्मिक केंद्र) और वाराणसी (सांस्कृतिक राजधानी) को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात के समय को 20 से 30 मिनट तक कम कर देगा।
इसके अतिरिक्त, शहर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर वाहनों की गति निरंतर बनी रहेगी। व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखें तो गोरखपुर और पूर्वांचल के बाजारों में माल की आपूर्ति तेज होगी। सुगम सड़कों के कारण गोरखपुर में पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि कुशीनगर, अयोध्या और वाराणसी आने वाले पर्यटक अब बिना किसी बाधा के इस मार्ग का चयन कर सकेंगे।
22 जुलाई को मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने के तुरंत बाद इस रूट पर भारी वाहनों का ट्रायल रन समाप्त कर नियमित परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। यातायात पुलिस ने फ्लाइओवर के नीचे वाले हिस्से और सर्विस रोड को व्यवस्थित करने के लिए एक नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया है ताकि नीचे की सड़कों पर भी किसी तरह का अतिक्रमण न हो सके। इसके साथ ही, जिला प्रशासन शहर के अन्य व्यस्त चौराहों को भी इसी तर्ज पर फ्लाइओवर और अंडरपास के जरिए अपग्रेड करने के लिए अगले चरण की कार्ययोजना पर काम कर रहा है।
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