NIA Raid in Lohardaga: लोहरदगा में दरवाजा नहीं खुला तो क्रेन लेकर आरोपित के घर घुसी NIA, घंटों चली छापेमारी
झारखंड के लोहरदगा में एनआईए (NIA) ने एक संदिग्ध के ठिकानों पर छापेमारी की। दरवाजा न खुलने पर क्रेन की मदद से टीम घर में दाखिल हुई और घंटों तलाशी ली।
- Jharkhand Crime News: झारखंड के लोहरदगा में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, क्रेन की मदद से संदिग्ध के घर में दाखिल हुई टीम
- लोहरदगा में NIA की फिल्मी स्टाइल में छापेमारी: आरोपी ने नहीं खोला दरवाजा, तो क्रेन मंगाकर घर में घुसे अधिकारी
- झारखंड के लोहरदगा में NIA का बड़ा एक्शन, क्रेन की मदद से आरोपित के घर में घुसकर की घंटों तलाशी
झारखंड के लोहरदगा जिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक मामले के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई की है। जुलाई 2026 में तड़के सुबह एनआईए की एक विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से एक नामजद आरोपित के आवास पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान जब अंदर मौजूद लोगों ने मुख्य दरवाजा खोलने से साफ इनकार कर दिया, तो केंद्रीय एजेंसी ने बेहद कड़ा और अप्रत्याशित रुख अपनाया। एनआईए के अधिकारियों ने मौके पर क्रेन मंगवाई और उसकी मदद से सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए पहली मंजिल के रास्ते भवन में प्रवेश किया। इस हाई-वोल्टेज कार्रवाई के दौरान परिसर में घंटों सघन तलाशी अभियान चलाया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रतिबंधित संगठनों या आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े एक मामले में साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से की गई है। एनआईए की टीम कोर्ट से वारंट लेकर लोहरदगा स्थित संदिग्ध के परिसर की तलाशी लेने पहुंची थी। जांच एजेंसी का उद्देश्य मामले से जुड़े डिजिटल सबूत, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज और प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी करना था। हालांकि, आरोपित पक्ष द्वारा सहयोग न किए जाने और कानूनी प्रक्रिया में बाधा डालने के प्रयास के बाद एजेंसी को क्रेन जैसी भारी मशीनरी का सहारा लेकर जबरन परिसर के भीतर दाखिल होना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एनआईए की गाड़ियां सुबह-सुबह ही लोहरदगा के संबंधित इलाके में पहुंच गई थीं। टीम ने जैसे ही आरोपित के घर को चारों तरफ से घेरा और मुख्य द्वार खटखटाया, अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। काफी समय तक आवाज लगाने और कानूनी नोटिस की बात कहे जाने के बावजूद अंदर मौजूद लोगों ने किवाड़ नहीं खोले। अधिकारियों को अंदेशा हुआ कि इस देरी का फायदा उठाकर अंदर मौजूद संदिग्ध सबूतों को नष्ट या डिलीट कर सकते हैं।
समय की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क साधा और एक बड़ी हाइड्रोलिक क्रेन को मौके पर बुलवाया। क्रेन की बकेट (टोकरी) में सवार होकर एनआईए के कमांडो और अधिकारी मकान की ऊपरी मंजिल की खिड़की और बालकनी के रास्ते अंदर दाखिल हुए। घर में घुसते ही टीम ने सबसे पहले वहां मौजूद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन और लैपटॉप को अपने नियंत्रण में लिया। इसके बाद घर के कोने-कोने की तलाशी शुरू हुई, जो कई घंटों तक बिना रुके जारी रही। इस दौरान घर के सभी सदस्यों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ भी की गई।
चूंकि मामला एक केंद्रीय जांच एजेंसी से जुड़ा है, इसलिए बयानों में अत्यधिक सतर्कता बरती जा रही है:
जांच एजेंसी के सूत्र: एनआईए के आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि तलाशी अभियान एक विशिष्ट इनपुट के आधार पर चलाया गया था। दरवाजा न खोलना असहयोग की श्रेणी में आता है, जिसके कारण साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए क्रेन का उपयोग कर प्रवेश सुनिश्चित किया गया। जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, इसलिए बरामद सामानों की सूची अभी साझा नहीं की जा सकती।
स्थानीय पुलिस प्रशासन: लोहरदगा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उनका काम केंद्रीय एजेंसी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कवर प्रदान करना था, जिसे पूरी मुस्तैदी से निभाया गया।
आरोपित के परिजन/वकील: आरोपित पक्ष की ओर से अभी तक मीडिया में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उनके स्थानीय करीबियों का कहना है कि सुबह अचानक इतनी भारी संख्या में पुलिस बल देखकर घर के लोग सहम गए थे।
इस अप्रत्याशित और आक्रामक कार्रवाई का असर पूरे इलाके में साफ देखा जा रहा है। आमतौर पर शांत रहने वाले इस रिहायशी क्षेत्र में क्रेन मंगाकर की गई इस छापेमारी से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है। इस घटना से यह कड़ा संदेश गया है कि केंद्रीय एजेंसियां किसी भी प्रकार के असहयोग या टालमटोल की स्थिति को बर्दाश्त नहीं करेंगी। इस छापामार कार्रवाई के बाद राज्य की अन्य खुफिया इकाइयां और सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं।
घंटों चली इस मैराथन तलाशी के बाद एनआईए की टीम ने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक पासबुक और डिजिटल डिवाइस (पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क) को जब्त कर लिया है, जिन्हें एक सीलबंद बैग में रखकर साथ ले जाया गया है। जब्त किए गए सभी सामानों की एक जब्ती सूची (सीजर लिस्ट) तैयार कर ली गई है। सूत्रों के मुताबिक, इन उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा सके। इसके साथ ही, आरोपित को आगे की पूछताछ के लिए रांची स्थित एनआईए के विशेष कार्यालय में उपस्थित होने का समन तामील कराया जा सकता है।
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