Sambhal: 31 बीघा नदी की जमीन पर हुए पट्टे निरस्त, ADM के आदेश से राजस्व रिकॉर्ड में फिर दर्ज होगी 'जलमग्न भूमि'
सम्भल जनपद के गुन्नौर तहसील क्षेत्र में करीब 31 बीघा (2.573 हेक्टेयर) नदी की सरकारी भूमि पर किए गए पट्टों को प्रशासन ने निरस्त
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल जनपद के गुन्नौर तहसील क्षेत्र में करीब 31 बीघा (2.573 हेक्टेयर) नदी की सरकारी भूमि पर किए गए पट्टों को प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के आदेश के बाद अब इस भूमि को राजस्व अभिलेखों में फिर से श्रेणी-6(1) "जलमग्न भूमि (नदी)" के रूप में दर्ज किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, ग्राम सूरपुर, परगना रजपुरा स्थित गाटा संख्या 289 की विभिन्न भूमि पर वर्ष 1991 में पट्टे आवंटित किए गए थे। सुनवाई के दौरान पाया गया कि यह भूमि मूल रूप से जलमग्न (नदी) श्रेणी की सार्वजनिक उपयोग की जमीन है, जिस पर नियमों के विपरीत आवंटन कर दिया गया था। उपजिलाधिकारी गुन्नौर ने 16 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-128 के तहत वाद प्रस्तुत किया था। सुनवाई के बाद अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने पट्टों को निरस्त करते हुए संबंधित भूमि को उसके मूल स्वरूप में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए। निरस्त किए गए पट्टों में श्रीनिवास, शेर सिंह, शकुंतला और प्रकाशचंद्र के नाम शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अवैध आवंटनों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई सरकारी और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण एवं अवैध आवंटनों से मुक्त कराने की दिशा में प्रशासन का बड़ा कदम मानी जा रही है।
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