मौत का फोरलेन: बैतूल-इंदौर सड़क पर 40-45 जानें लील चुकी गड्ढों वाली राह, जयस संगठन के चक्काजाम के बावजूद ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं।

मध्यप्रदेश के बैतूल में भाजपा के राज में सड़कें अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है कहने को तो यह भाजपा  प्रदेशाध्यक्ष  का ग्रह जिला है पर यहाँ के हाल बेहाल हुए पड़े है वैसे तो बैतूल

By INA News Desk
Oct 13, 2025 - 13:30
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मौत का फोरलेन: बैतूल-इंदौर सड़क पर 40-45 जानें लील चुकी गड्ढों वाली राह, जयस संगठन के चक्काजाम के बावजूद ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं।
बैतूल इंदौर फोरलेन की खस्ता हालत , डोमा सिंह कुमरे( जयस नेता)

रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश

  • अजब गजब मध्यप्रदेश और यहाँ की सड़कें है मौत का रास्ता जी हाँ बैतूल इंदौर फोरलेन अब मौत के रास्ते मे बदल गया है जिसको लेकर जयस संगठन कई बार चक्काजाम भी कर चुका है पर अब प्रशासन की आंखे नही खुली है 1 साल भी नही चल पाया ये फोरलेन ,सड़क में गड्ढे है या गड्ढे में सड़क समझना है एक पहेली,अब चली गई है 40 से 45 जान,फिर भी ठेकेदार पर नही हुई कोई कार्यवाही 

मध्यप्रदेश के बैतूल में भाजपा के राज में सड़कें अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है कहने को तो यह भाजपा प्रदेशाध्यक्ष  का ग्रह जिला है पर यहाँ के हाल बेहाल हुए पड़े है वैसे तो बैतूल में 5 विधायक भाजपा के एक सांसद जो कि केंद्रीय राज्य मंत्री है और फिर भी यहाँ वर्तमान की बैतूल इंदौर फोर लाइन  मौत की सड़क बन गई है इस सड़क से सफर करना मतलब मौत के मुंह मे जाना हो गया है  बता दें कि इस  रोड को बने हुए बने एक साल भी  नहीं हुआ की रोड की स्थिति इतनी अत्यधिक भयावह  हो गई है  नर्सरी सीता डूंगरी से लेकर टेमा गांव तक  समझना एक पहेली बन गई है कि सड़क में गड्ढे है या गड्ढे  में सड़क ठेकेदार द्वारा घटिया रोड का निर्माण किया गया  है जो 1 साल भी नहीं चल पाई इस 1 साल में यहाँ सड़क हादसों में 40 से 45 जाने जा चुकी है।

इस भयावह सड़क की वजह से आए दिन मोटरसाइकिल सवार लोगों को रात में गड्ढे नजर नहीं आते और स्पीड में गाड़ी गड्ढे में घुसती है और अनियंत्रित होकर गाड़ी वाला अन्य वाहन के नीचे आ जाता है या फिर अन्य वाहन से टकरा जाता है सवाल यह है कि  कब तक इन ठेकेदारों के घटिया निर्माण के चलते   लोग  अपनी जान गवाते रहेगा आखिर इसके जिम्मेदार कौन है  न ही कोई सूचना का बोर्ड लगाया गया कि आगे गड्ढा या सावधानी से चले  लोग फोर लाइन के हिसाब से 60. 70 की स्पीड में चलते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते है राहगीरों की माने तो  लगभग 50 किलोमीटर की जगह में रोड का यही हाल है यहां तक की बड़े-बड़े ट्रक भी पलट  रहे हैं ट्रक ड्राइवर का मानना है कि पूरी लापरवाही रोड  ठेकेदार की है आखिर शासन इस ठेकेदार पर एक्शन क्यों नहीं ले रहा है बता दें घटिया निर्माण के बाद भी ठेकेदार द्वारा टेमागांव में टोल शुरू करके टोल वसूली भी शुरू हो गई है। 

ठेकेदार द्वारा इतना घटिया रोड का निर्माण किया गया फिर भी अधिकारी से लेकर नेता प्रतिपक्ष सब मोन है कुछ दिन पहले जयस संगठन द्वारा रोड ठेकेदार के खिलाफ आवाज उठाई गई थी और उन्होंने चक्का जाम किया गया था वहां फिर भी शासन द्वारा आश्वासन मिला सिर्फ और आज फिर एक परिवार ने फिर से अपना एक बेटा खो दिया बार-बार अख़बारों में खबर चलने के बाद भी ठेकेदार दबंगई से कार्य कर रहा है लापरवाही पूर्वक कार्य करवा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर  मामले में संज्ञान लेकर जिले के तेजतर्रार छवि वाले कलेक्टर क्या कार्यवाही करवाते है या फिर निर्दोषों की जाने यूं ही जाती रहेगी।

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