दुर्गापुर गैंगरेप केस पर विवादास्पद बयान: सीएम ममता बनर्जी बोलीं, 'लड़कियों को रात में बाहर जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए'। 

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर शहर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुए गैंगरेप ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। 10 अक्टूबर 2025 की रात इस घटना ने न केवल महिलाओं

Oct 13, 2025 - 12:07
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दुर्गापुर गैंगरेप केस पर विवादास्पद बयान: सीएम ममता बनर्जी बोलीं, 'लड़कियों को रात में बाहर जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए'। 
दुर्गापुर गैंगरेप केस पर विवादास्पद बयान: सीएम ममता बनर्जी बोलीं, 'लड़कियों को रात में बाहर जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए'। 

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर शहर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुए गैंगरेप ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। 10 अक्टूबर 2025 की रात इस घटना ने न केवल महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान ने राजनीतिक विवाद को और भड़का दिया। 12 अक्टूबर को कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान ममता ने कहा कि लड़कियों को रात में कॉलेज के बाहर जाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। उन्होंने घटना को शॉकिंग बताते हुए निजी कॉलेजों पर जिम्मेदारी डाली और कहा कि छात्राओं को खुद भी सावधानी बरतनी चाहिए। लेकिन यह बयान विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गया। बीजेपी ने इसे पीड़िता को दोष देने वाला बताया, जबकि ममता ने बाद में सफाई दी कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच जारी है। यह घटना आरजी कर मेडिकल कॉलेज केस की याद दिलाती है, जहां एक साल पहले एक डॉक्टर की हत्या के बाद बड़े प्रदर्शन हुए थे।

घटना की शुरुआत 10 अक्टूबर की शाम हुई। दुर्गापुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली 23 वर्षीय दूसरी साल की एमबीबीएस छात्रा ओडिशा के जलेस्वर जिले की रहने वाली हैं। वह अपने एक पुरुष मित्र के साथ डिनर करने कॉलेज के बाहर गई थीं। शाम करीब 8 बजे वे बाहर निकलीं। कॉलेज के बाहर एक सुनसान इलाका है, जहां जंगल जैसी झाड़ियां हैं। यहीं कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया। छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया। हमलावरों ने उन्हें बुरी तरह पीटा भी। मित्र ने किसी तरह भागकर मदद मांगी। स्थानीय लोगों ने उन्हें दुर्गापुर के अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने मेडिको-लीगल केस दर्ज किया। अगले दिन सुबह छात्रा के माता-पिता ओडिशा से दुर्गापुर पहुंचे। उन्होंने न्यू टाउनशिप पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम भेजी। दुर्गापुर कमिश्नरेट के डीसी ईस्ट अभिषेक गुप्ता ने बताया कि इलाके में सीसीटीवी हैं, जिनकी जांच हो रही है।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। 12 अक्टूबर को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके नाम शेख रेजाउद्दीन, अपू बाउरी और फिरदोस शेख हैं। एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। आरोपी स्थानीय हैं और कॉलेज के आसपास घूमते थे। पुलिस का कहना है कि वे नशे में थे। पूछताछ में पता चला कि उन्होंने छात्रा को देखा और मौका पाकर हमला किया। एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया। ममता बनर्जी ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सख्त सजा दी जाएगी। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मजुमदार ने भी बंगाल सरकार से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि पीड़िता के परिवार को हर संभव मदद मिलेगी। ओडिशा सरकार वेस्ट बंगाल के साथ मिलकर न्याय सुनिश्चित करेगी। पीड़िता की हालत स्थिर है। वह अस्पताल में भर्ती हैं। मनोवैज्ञानिक मदद भी दी जा रही है।

ममता बनर्जी ने 12 अक्टूबर को नाबन्ना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने घटना पर पहली प्रतिक्रिया दी। कहा, यह निजी कॉलेज है। वहां की सुरक्षा की जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन की है। छात्रा रात 12 बजकर 30 मिनट पर जंगल के पास कैसे पहुंच गई? लड़कियों को रात में बाहर जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्हें खुद भी खुद की रक्षा करनी चाहिए। ममता ने अन्य राज्यों के उदाहरण दिए। कहा, तीन हफ्ते पहले ओडिशा के पुरी बीच पर तीन लड़कियों के साथ रेप हुआ। वहां क्या कार्रवाई हुई? मणिपुर, यूपी, बिहार में भी ऐसी घटनाएं होती हैं। हमेशा बंगाल सरकार को ही क्यों निशाना बनाया जाता है? उन्होंने कॉलेजों को सलाह दी कि हॉस्टल के नियम सख्त करें। खासकर बाहरी राज्य से आने वाली छात्राओं को रात में बाहर न जाने दें। लेकिन यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग इसे पीड़िता को दोष देने वाला बता रहे हैं।

विपक्ष ने तीखी आलोचना की। बीजेपी नेता सुकांता मजुमदार ने कहा, ममता पीड़िता को ब्लेम कर रही हैं। आरजी कर केस के बाद भी कुछ नहीं बदला। कानून-व्यवस्था बिगड़ चुकी है। विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ममता झूठ बोल रही हैं। सीसीटीवी दिखाता है कि छात्रा शाम 8 बजे बाहर गई थीं। रात 12:30 नहीं। यह तालिबान वाली मानसिकता है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया, ममता बेटी को दोष देती हैं, बलात्कारी को बचाती हैं। संदेशखाली, पार्क स्ट्रीट जैसे पुराने केसों का जिक्र किया। सुवेंदु अधिकारी ने प्रदर्शन किया। कहा, कानून-व्यवस्था पर सवाल। पीड़िता के पिता से बात की। न्याय का भरोसा दिलाया। टीएमसी ने बचाव किया। कहा, ममता ने दोषियों को सजा का वादा किया। बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा। बाद में ममता ने सफाई दी। कहा, मेरे शब्द विकृत किए गए। मेरा मतलब सुरक्षा से था, न कि दोषारोपण से।

यह घटना पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर बहस छेड़ रही है। आरजी कर केस के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल की थी। तब ममता सरकार पर लापरवाही के आरोप लगे। दुर्गापुर कॉलेज निजी है, लेकिन आसपास की सड़क पर स्ट्रीट लाइट्स कम हैं। ग्रामीण इलाके जैसा माहौल। विशेषज्ञ कहते हैं कि रात में गश्त बढ़ानी चाहिए। सीसीटीवी हर जगह लगवाएं। कॉलेजों में सिक्योरिटी गार्ड रखें। सामाजिक कार्यकर्ता रंजू बनर्जी ने कहा, महिलाओं को घर में कैद करने की सलाह गलत है। अपराधियों को सजा दो। प्रगतिशील संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। कोलकाता में मार्च निकाला। दुर्गापुर में छात्र संगठनों ने कॉलेज के बाहर धरना दिया। मांग की कि सुरक्षा मजबूत हो।

दुर्गापुर औद्योगिक शहर है। कोलकाता से 170 किलोमीटर दूर। यहां कई मेडिकल कॉलेज हैं। छात्राएं अक्सर हॉस्टल में रहती हैं। लेकिन रात में बाहर जाना खतरनाक। पुलिस ने इलाके में छापेमारी की। संदिग्धों को हिरासत में लिया। फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार। आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश किया जाएगा। ममता सरकार ने वादा किया कि पीड़िता को मुआवजा मिलेगा। ओडिशा से उनके परिवार को लाने-ले जाने का इंतजाम। लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी। बीजेपी ने विधानसभा में प्रस्ताव लाने की बात कही। टीएमसी ने कहा, विपक्ष सियासत कर रहा।

सोशल मीडिया पर #JusticeForDurgapurVictim ट्रेंड कर रहा। लोग ममता के बयान पर मीम्स बना रहे। एक यूजर ने लिखा, रात में बाहर न जाना, तो दिन में भी खतरा। अपराधी कहीं भी हो सकते। दूसरा बोला, सरकार जिम्मेदार, न कि पीड़िता। एनआई वुमन कमीशन ने संज्ञान लिया। जांच टीम भेजने का ऐलान। ओडिशा पुलिस भी सहयोग कर रही। पीड़िता की सहेलियां कॉलेज में डरी हुईं। वे कहती हैं, अब रात में अकेले नहीं निकलेंगी। लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने नियम सख्त कर दिए। हॉस्टल गेट रात 10 बजे बंद।

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