Lucknow: बीबीएयू लखनऊ में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, देश-विदेश के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार। 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग

Mar 26, 2026 - 12:16
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Lucknow: बीबीएयू लखनऊ में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, देश-विदेश के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार। 
बीबीएयू लखनऊ में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, देश-विदेश के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार। 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और कंप्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया, लखनऊ चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में “बुद्धिमान और सतत डिजिटल भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ” विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

उद्घाटन सत्र की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजकुमार मित्तल एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जेएनयू नई दिल्ली के प्रोफेसर टी.वी. विजय कुमार तथा बीबीएयू के कंसल्टेंट प्रो. मनोज जोशी उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता के रूप में जर्मनी से आए ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. वी. अनुराग और ऑस्ट्रेलिया से कुंदन मिश्रा (ऑनलाइन) ने क्रमशः चिकित्सा क्षेत्र में रोबोट की भूमिका और बैंकिंग क्षेत्र में एआई के उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र में डीन प्रो. एम.पी. सिंह और प्रो. आर.ए. खान संरक्षक के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की संयोजिका एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राजश्री पांडे ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि मंच संचालन आयोजन सचिव डॉ. अलका ने किया।

द्वितीय सत्र में “सामाजिक परिवर्तन पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव: मानव-कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता युगनार के सीईओ आदित्य शुक्ला ने की। इस चर्चा में जेएनयू के प्रो. टी.वी. विजय कुमार, यूआईडीएआई के निदेशक कर्नल प्रवीण कुमार सिंह, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लखनऊ के अंबरीष कुमार श्रीवास्तव तथा राज्य ई-गवर्नेंस मिशन टीम के प्रमुख जितेंद्र कुमार सिंह ने एआई के समाज पर बढ़ते प्रभाव और इसके जिम्मेदार उपयोग पर अपने विचार रखे।


अन्य तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता डॉ. अंबेडकर संस्थान बेंगलुरु की प्रो. के.आर. शैलजा, महर्षि विश्वविद्यालय लखनऊ के डॉ. राकेश कुमार यादव, बीबीएयू कंप्यूटर साइंस की विभागाध्यक्ष प्रो. दीपा राज तथा डीआईटी के डॉ. पवन कुमार चौरसिया ने की। इन सत्रों में ट्रिपल आईटी लखनऊ के डॉ. अभिनेष कौशिक, नेपाल के भरत राज भूसाल, जूरिस्ट एआई लैब के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. दीपक कुमार सिंह, बीजीयू इजरायल के प्रो. ओफर हैदर (ऑनलाइन) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शशांक शेखर शुक्ला ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।

समापन सत्र में आईआईएम लखनऊ के प्रो. अरुणाभ मुखोपाध्याय मुख्य अतिथि रहे। इस सत्र की अध्यक्षता बीबीएयू के प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने की, जबकि दक्षिण कोरिया के डॉ. आशीष कुमार सिंह (ऑनलाइन) ने एआई अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों पर अपने विचार साझा किए।
संगोष्ठी में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, कनाडा, इजरायल, नाइजीरिया और नेपाल के प्रतिभागियों ने ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से अपने शोध प्रस्तुत किए। लगभग 100 शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न अनुसंधान क्षेत्रों पर अपने अध्ययन साझा किए। सभी सत्रों की अध्यक्षता डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के डॉ. चंदन कुमार ने की, जबकि संयोजन का दायित्व डॉ. अभिषेक वर्मा ने निभाया। उत्कृष्ट शोध पत्रों को बेस्ट पेपर अवॉर्ड और बेस्ट प्रेजेंटेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

तकनीकी सत्रों के बाद कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस अवसर पर बरेली की सुप्रसिद्ध गायिका एवं अनुश्रुति महाविद्यालय की निदेशक डॉ. हितु मिश्रा मुख्य अतिथि रहीं। उनके साथ विजय लक्ष्मी सिंह (अध्यक्ष, कमलेश्वर फाउंडेशन) और अमिता मिश्रा ‘मीतू’ (अध्यक्ष, वितु क्लब) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

कवि सम्मेलन में गीतकार मुकेश श्रीवास्तव (कानपुर), हास्य कवि विपिन मलिहाबादी (लखनऊ), कवियत्री वंदना विशेष, हरि बहादुर हर्ष (प्रतापगढ़) और कस्टम विभाग के मनी यादव ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद डॉ. हितु मिश्रा की संगीत प्रस्तुति ने कबीर वाणी, गजल, सूफी, भक्ति और लोक संगीत के माध्यम से भारतीय संगीत परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत की। सह गायिका अनुकृति ने भी सूफी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में ललित कला विभाग के  कमलेश पाठक, पूनम आहूजा और डॉ. राजश्री पांडे ने भी भजन गायन की प्रस्तुति दी। आयोजन को सफल बनाने में कंप्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया के डॉ. दीपक, आईसीआईसीआई के निशांत, एलआईसी के विनोद चौरसिया, सीबीन टेक सॉल्यूशन के भरत राज, सेंचुरियन डिफेंस अकादमी के निदेशक शिशिर दीक्षित, आदित्य दुबे, बीबीएयू के डॉ. धीरेंद्र पांडेय, डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. नीरज तिवारी सहित शोधार्थियों और विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इसके अतिरिक्त विधि विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शन वर्मा, लोक प्रशासन विभागाध्यक्ष प्रो. ओ.पी.वी. शुक्ला, डॉ. शालिनी, डॉ. ऋचा, डॉ. जसलीन सहित विभिन्न विभागों के छात्र- छात्राओं और एनसीसी कैडेट्स ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।

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