कन्या शिक्षा परिषर में छात्राओं से अनियमितता: अधीक्षिका तत्काल निलंबित, प्रिंसिपल-शिक्षकों की जांच तेज।
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में छात्रावासों को लेकर स्थिति गंभीर नजर आने लगी है लगातार छात्र छात्राओं के विरोध का दूसरा मामला सामने आने के बाद जिला
- कन्या शिक्षा परिषर में छात्राओं के साथ हो रही अनियमितता की शिकायत के बाद अधीक्षिका पर गिरी गाज, तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, शिक्षक कर्मचारियों और प्रिंसीपल की भी चल रही जांच,होगी जिम्मेदारों पर कार्यवाही प्रभारी कलेक्टर ने कहा,वहीं प्रिंसिपल को बचाते नजर आए प्रभारी सहायक आयुक्त,कई सालों से एक ही जगह जमे है प्रिंस नरेंद्र ठाकुर
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में छात्रावासों को लेकर स्थिति गंभीर नजर आने लगी है लगातार छात्र छात्राओं के विरोध का दूसरा मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्यवाही करते हुए अधीक्षक पर कार्यवाही भी की है दरअसल मामला यह है कि कन्या शिक्षा परिसर, बैतूल में अव्यवस्थाओं और छात्राओं की गंभीर शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। करीब 100 छात्राओं द्वारा भोजन की खराब गुणवत्ता, खाद्यान्न में इल्लियां मिलने, शौचालय-स्नानागार की गंदगी, शुद्ध पेयजल की कमी और अधीक्षिका व प्रिंसिपल और कर्मचारियों के अनुचित व्यवहार संबंधी शिकायतें कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत की गई थीं।
कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैतूल द्वारा की गई जांच में छात्राओं की सभी प्रमुख शिकायतें सही पाई गईं। जांच दल ने भोजन के लिए उपयोग हो रहे चावल में इल्लियां एवं घुन मिलने, स्टोर रूम में चूहे की गंदगी, छात्रावास परिसर और शौचालय-बाथरूम में भारी गंदगी जैसी गंभीर अनियमितताएं दर्ज कीं।प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षिका श्रीमती ज्योति विजयकर को कारण-बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनके द्वारा दिए गए उत्तर को असंतोषजनक पाया गया, क्योंकि छात्रावास में साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता में अव्यवस्थाएं लंबे समय से बनी हुई थीं। छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े इस मामले में गंभीर लापरवाही का दोषी पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की है।
प्रभारी कलेक्टर अक्षत जैन ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत ज्योति विजयकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत बैतूल निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
अधीक्षिका के निलंबन के बाद छात्रावास की व्यवस्था सुचारु रखने हेतु ललिता रावसे, प्राथमिक शिक्षक, प्राथमिक शाला चिखलीआमढाना (विकासखंड घोड़ाडोंगरी) को कन्या शिक्षा परिसर, बैतूल की अधीक्षिका का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं इस मामले में प्रिंसिपल और कर्मचारियों की शिकायत के मामले में जांच जारी है और जल्द ही जिम्मेदारों पर भी कार्यवाही किये जाने की बात जिले के प्रभारी कलेक्टर अक्षत जैन ने कही है वहीं इस पूरे मामले में प्रभारी सहायक आयुक्त द्वारा प्रिंसिपल का पक्ष खिंचा जा रहा है साफतौर पर समझ आ रहा है कि इस मामले में प्रभारी एसी ही संरक्षण दे रहे है अब देखना यह होगा कि जांच के बाद कितने लोगों पर गाज गिरेगी या प्रिंसिपल यूं ही अंगद के पांव की तरह कन्या शिक्षा परिसर में ही जमे रहेंगे।
शशांक सोनकपुरिया
बैतूल मध्यप्रदेश
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