Lucknow : मेरी गाड़ी से खींचने का प्रयास किया गया, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने हुई बदसलूकी का मुद्दा उठाया, सपा विधायकों ने नारे लगाए - ब्राह्मण विरोधी सरकार नहीं चलेगी

सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने गोरखपुर दौरे के दौरान उनके साथ हु

By INA News Desk
Aug 11, 2025 - 23:36
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Lucknow : मेरी गाड़ी से खींचने का प्रयास किया गया, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने हुई बदसलूकी का मुद्दा उठाया, सपा विधायकों ने नारे लगाए - ब्राह्मण विरोधी सरकार नहीं चलेगी

 

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र 11 अगस्त 2025 को शुरू हुआ, जो 16 अगस्त तक चलेगा। सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई, जिसमें समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के साथ गोरखपुर दौरे के दौरान हुई कथित बदसलूकी का मुद्दा उठाया। इसके अलावा, रविवार को आयोजित एक विशेष AI प्रशिक्षण सत्र में विधायक अभय सिंह के सवालों और मजाकिया अंदाज ने सुर्खियां बटोरीं। यह सत्र विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की पहल पर आयोजित किया गया था, ताकि विधायकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और इसके उपयोग की जानकारी दी जा सके।

मॉनसून सत्र की शुरुआत और हंगामा

सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने गोरखपुर दौरे के दौरान उनके साथ हुई कथित बदसलूकी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर में उनके रास्ते में बुलडोजर लगाए गए और जटाशंकर चौराहे व घंटाघर पर कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी से उन्हें खींचने की कोशिश की। पांडेय ने कहा, "गोरखपुर में एक ऐसा गिरोह है, जिसे संरक्षण प्राप्त है। सदन धमकी से नहीं चलता। सरकार इस घटना की जांच कराए।"

इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का सभी सम्मान करते हैं और उनके साथ कोई अपमान नहीं हुआ। उन्होंने इसे सियासत का हिस्सा बताते हुए कहा, "कल दो बैठकों में नेता प्रतिपक्ष मौजूद थे, लेकिन इस मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई। बिना सबूत के जांच की मांग गलत है।"

सपा विधायकों ने इस मुद्दे पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसमें "ब्राह्मण विरोधी सरकार नहीं चलेगी" जैसे नारे शामिल थे। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कार्यवाही को दोपहर 1:20 बजे 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। बाद में, लगातार हंगामे के चलते सदन को 12 अगस्त 2025 की सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया। हालांकि, विधान परिषद की कार्यवाही जारी रही।

सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक

सत्र की शुरुआत से पहले रविवार, 10 अगस्त को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, और अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल थे। महाना ने सभी दलों से सकारात्मक माहौल में चर्चा के लिए सहयोग मांगा। उन्होंने कहा, "तार्किक और तथ्यपरक संवाद से जनसमस्याओं का समाधान संभव है।" विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की, ताकि सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके।

AI प्रशिक्षण सत्र: अभय सिंह के सवालों ने बटोरी सुर्खियां

सत्र से एक दिन पहले, 10 अगस्त को विधानसभा में विधायकों के लिए AI और चैट जीपीटी पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों डॉ. हर्षित और आशुतोष तिवारी ने किया। इसका उद्देश्य विधायकों को AI के उपयोग, इसकी ताकत और सीमाओं से अवगत कराना था। सत्र में अयोध्या की गोसाईगंज सीट से विधायक अभय सिंह ने अपने अनुभव और सवालों से सभी का ध्यान खींचा।

सपा से निष्कासित विधायक अभय सिंह ने चैट जीपीटी को "व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी" का वैज्ञानिक स्वरूप बताते हुए कहा कि यह सोशल मीडिया और अन्य स्रोतों से अधकचरी जानकारी इकट्ठा करता है, जो अक्सर गलत होती है। उन्होंने बताया कि चैट जीपीटी ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के बारे में गलत जानकारी दी थी, जिसे उन्होंने सुधारा।

अभय सिंह ने मजाकिया अंदाज में बताया कि उन्होंने AI से अपनी कुंडली की गणना कराई, जिसमें AI ने कहा कि उनका राजयोग खत्म हो गया है। लेकिन जब उन्होंने अपने पंडित की जानकारी दी, तो AI ने अपनी गलती मानी। उन्होंने AI की तुलना गूगल मैप से करते हुए कहा कि जैसे गूगल मैप गलत दिशा दिखाकर गड्ढे में गिरा देता है, वैसे ही AI पर पूरी तरह निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है।

सत्र का एजेंडा और महत्वपूर्ण मुद्दे

मॉनसून सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें बाढ़ संकट, किसानों को मुआवजा, स्कूलों का विलय, कानून-व्यवस्था, और उच्च शिक्षा में संशोधन जैसे विषय शामिल हैं। सत्र में 13 अगस्त को सुबह 11 बजे से "विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश" विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर 24 घंटे की मैराथन चर्चा होगी। यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक रोडमैप है, जिसमें शिक्षा, बुनियादी ढांचा, और अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

सत्र में छह अध्यादेश भी पेश किए जाएंगे, जिनमें उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास अध्यादेश 2025, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश 2025, और उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2025 शामिल हैं। इन अध्यादेशों पर विपक्ष के सवाल और बहस की उम्मीद है।

विपक्ष का प्रदर्शन और पोस्टर वॉर

सत्र शुरू होने से पहले सपा विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। सपा विधायक अतुल प्रधान कांवड़ लेकर विधानसभा पहुंचे, जिस पर लिखा था, "हमें चाहिए पाठशाला, हमें नहीं चाहिए मधुशाला।" उन्होंने सरकारी स्कूलों के विलय के खिलाफ सवाल उठाए और कहा कि इससे गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सपा के "पीडीए पाठशाला" नारे पर पलटवार किया। भाजपा एमएलसी सुभाष यदुवंश ने पोस्टर लगाकर सपा पर निशाना साधा, जिसमें लिखा था कि सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा केवल वोट लेने का हथकंडा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सत्र का एजेंडा महत्वपूर्ण है और सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विजन डॉक्यूमेंट को राज्य का एजेंडा बताया और कहा कि इसे तीन महीने में तैयार किया जाएगा। योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "लोकतंत्र शब्द सपा को शोभा नहीं देता। गोरखपुर में विरासत गलियारा बनाया जा रहा है, जो सपा अपने समय में नहीं कर सकी।"

कांग्रेस की मांग

कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट पर व्यापक चर्चा के लिए समय कम है। 403 विधायकों के सुझावों को शामिल करने के लिए सत्र को 15-16 अगस्त की छुट्टियों के बाद भी चलाया जाए। उन्होंने बाढ़ संकट पर भी चिंता जताई।

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