Lucknow : आगामी सीजन के लिए भरपूर मात्रा में उपलब्ध है उर्वरक- सूर्य प्रताप शाही
मंत्री ने सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि अब जनपद में लगने वाले प्रत्येक यूरिया रैक से 35 प्रतिशत खाद अनिवार्य रूप से सहकारी समितियों को उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान में प्रदेश के स
- सहकारिता क्षेत्र में यूरिया रैक से 35 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
- किसानों से की अनावश्यक भंडारण न करने की अपील
- उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ सप्लाई की रणनीति पर की गहन समीक्षा
लखनऊ : प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आज विधान भवन में आयोजित उर्वरक की उपलब्धता पर आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा किए गए पुख्ता प्रबंधों के चलते आगामी खरीफ सीजन में खाद आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी। बैठक में उर्वरक निर्माता कंपनियों को कड़े निर्देश दिए गए कि भारत सरकार से प्राप्त आवंटन के सापेक्ष उत्तर प्रदेश को प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि अब जनपद में लगने वाले प्रत्येक यूरिया रैक से 35 प्रतिशत खाद अनिवार्य रूप से सहकारी समितियों को उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान में प्रदेश के सभी 18 मंडलों में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। 24 मार्च, 2026 तक राज्य में कुल 11,24,624 मीट्रिक टन यूरिया तथा 9,92,702 मीट्रिक टन डीएपी व एनपीके की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है।
कृषि मंत्री ने प्रमुख सचिव सहकारिता को निर्देशित किया कि आगामी 'पीक सीजन' के दौरान उर्वरकों के सुचारू वितरण हेतु सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त कार्मिकों की तैनाती की जाए। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों की वैज्ञानिक संस्तुति के आधार पर ही खाद का क्रय करें और अनावश्यक अग्रिम भंडारण न करें, ताकि सभी किसानों को आवश्यकतानुसार उर्वरक आपूर्ति होती रहे।
प्रदेश सरकार रबी सीजन 2025-26 और आगामी खरीफ सीजन हेतु निरंतर भारत सरकार के संपर्क में है और पत्राचार के माध्यम से आपूर्ति व्यवस्था को गतिशील बनाए हुए है। बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंहऔलख, प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी, प्रबंध निदेशक पी.सी.एफ. और विभिन्न उर्वरक विनिर्माता संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
Also Click : दुबई में प्रॉपर्टी निवेश पर ईडी की टेढ़ी नजर, क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने वाले सैकड़ों भारतीय जांच के घेरे में
What's Your Reaction?









