Lucknow : यूपी के 600 सरकारी स्कूलों में खुलेंगी ड्रीम लैब्स, सरकार और नेल्को लिमिटेड में हुआ समझौता
इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के 600 स्कूलों को जोड़ा गया है, जिनमें 150 हब विद्यालय और 450 स्पोक विद्यालय शामिल हैं। इसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 72, दूसरे चरण में 144 और तीसरे चरण में 384 स्कूलों में ये लैब्स बनाई जाएंगी। इन लैब्स
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने लखनऊ में नेल्को लिमिटेड (टाटा एंटरप्राइज) और एक बड़े औद्योगिक समूह के साथ मिलकर 600 राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक ड्रीम लैब्स स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा और महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी भी मौजूद रहीं।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि यह समझौता उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए किया गया है। तेजी से बदलती औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए छात्रों को आधुनिक तकनीकों और नए कौशलों से जोड़ना बेहद जरूरी है। इन लैब्स के जरिए छात्र पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ ऐसा हुनर भी सीख सकेंगे जो उन्हें सीधे रोजगार दिला सके। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि यह पहल व्यावसायिक शिक्षा को एक नया रूप देगी। उन्होंने इस योजना को हब और स्पोक मॉडल के जरिए चलाने, जरूरी मशीनें लगाने, शिक्षकों को अच्छी ट्रेनिंग देने और छात्रों की नियमित उपस्थिति पर जोर दिया।
इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के 600 स्कूलों को जोड़ा गया है, जिनमें 150 हब विद्यालय और 450 स्पोक विद्यालय शामिल हैं। इसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 72, दूसरे चरण में 144 और तीसरे चरण में 384 स्कूलों में ये लैब्स बनाई जाएंगी। इन लैब्स में कक्षा नौ से बारहवीं तक के छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 3डी प्रिंटिंग, बैटरी से चलने वाले वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि विज्ञान, सौर ऊर्जा और ड्रोन तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह पूरी योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्किल इंडिया मिशन के तहत तैयार की गई है, ताकि छात्रों में तकनीकी ज्ञान और खुद का काम शुरू करने की क्षमता बढ़े। पांच साल के इस मॉडल के तहत नेल्को लिमिटेड और औद्योगिक समूह द्वारा स्कूलों को आधुनिक मशीनें, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर और रखरखाव की सुविधा दी जाएगी। साथ ही उद्योगों के विशेषज्ञ आकर छात्रों को सिखाएंगे और स्कूल के शिक्षकों को भी विशेष ट्रेनिंग देंगे। इस कार्यक्रम में यास्कावा, मास्टरकैम और 3डी सिस्टम्स जैसी कई वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर अपर निदेशक सुरेन्द्र कुमार तिवारी और अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कान्त पाण्डेय सहित शिक्षा विभाग के कई बड़े अधिकारी मौजूद थे।
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