Lucknow : मदरसों में बायोमेट्रिक उपस्थिति और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने की समीक्षा
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्तमान में 80 परियोजनाओं पर काम चल रहा है और 36 काम पूरे हो चुके हैं। इनमें डिग्री कॉलेज, आईटीआई, पेयजल योजनाएं और सामुदायिक सेवा केंद्र शामिल हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कर योजनाओं की प्रगति, मदरसों की स्थिति और विभिन्न परियोजनाओं के काम की जांच की। इस बैठक में राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी भी मौजूद रहे। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता और तय समय के भीतर लागू किया जाए। शिक्षा और विकास के कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान मदरसों के आधुनिकीकरण और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष ध्यान दिया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि मदरसों के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को बायोमेट्रिक पहचान से जोड़ा जाए। इसके साथ ही वहां पढ़ा रहे शिक्षकों के प्रशिक्षण और उनके काम के मूल्यांकन की मजबूत व्यवस्था की जाए। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को देश के स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास के बारे में भी अनिवार्य रूप से शिक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, जिन मदरसों की मान्यता निलंबित चल रही है, उनकी स्थिति पर भी बात हुई। बैठक में बताया गया कि राज्य के कुल 560 अनुदानित मदरसों में से 15 की मान्यता निलंबित है। मंत्री ने निर्देश दिए कि इन मदरसों के मानक पूरे करने की प्रक्रिया जल्द खत्म की जाए और बच्चों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए, इसके लिए जरूरी वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं। छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा में सामने आया कि पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 5.89 लाख छात्र-छात्राओं को वजीफे का लाभ दिया गया और बजट का पूरा इस्तेमाल हुआ।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्तमान में 80 परियोजनाओं पर काम चल रहा है और 36 काम पूरे हो चुके हैं। इनमें डिग्री कॉलेज, आईटीआई, पेयजल योजनाएं और सामुदायिक सेवा केंद्र शामिल हैं। विभाग के खाली पदों को जल्द भरने और वक्फ बोर्डों में नए अध्यक्ष व सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया को तेज करने के लिए भी कहा गया है। बैठक में प्रमुख सचिव संयुक्ता समद्दार, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मासूम अली सरवर, विशेष सचिव शीलधर सिंह यादव, प्राणेश चंद्र शुक्ला और निदेशक अश्वनी कुमार पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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