Lucknow : उत्तर प्रदेश में 127 राजनैतिक दलों को ऑडिट रिपोर्ट न देने पर सुनवाई, 66 दलों ने रखा पक्ष

उत्तर प्रदेश के पते पर पंजीकृत 127 दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। ये दल 2019 से अब तक के छह वर्षों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद

Oct 10, 2025 - 23:13
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Lucknow : उत्तर प्रदेश में 127 राजनैतिक दलों को ऑडिट रिपोर्ट न देने पर सुनवाई, 66 दलों ने रखा पक्ष
उत्तर प्रदेश में 127 राजनैतिक दलों को ऑडिट रिपोर्ट न देने पर सुनवाई, 66 दलों ने रखा पक्ष

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पंजीकृत राजनैतिक दलों की सुनवाई की। ये दल निर्धारित समय तक वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट, अंशदान रिपोर्ट और निर्वाचन व्यय विवरण नहीं दे पाए थे। सुनवाई तीन दिनों तक चली। कुल 127 दलों में से 66 दलों के पदाधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। अंतिम दिन 52 दलों में से 26 दलों के पदाधिकारी उपस्थित हुए।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दलों के दस्तावेजों की जांच की। इसमें अंशदान रिपोर्ट, वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट और निर्वाचन व्यय विवरण शामिल थे। उन्होंने दलों के मोबाइल नंबर, पंजीकरण संख्या, वर्तमान पता और ईमेल की भी जांच की।उत्तर प्रदेश के पते पर पंजीकृत 127 दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। ये दल 2019 से अब तक के छह वर्षों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद भी तीन वित्तीय वर्षों से रिपोर्ट नहीं दे पाए। दलों को शपथपत्र, ऑडिट रिपोर्ट और अन्य अभिलेख लेकर सुनवाई में उपस्थित होने को कहा गया था। पदाधिकारियों ने 2021-22, 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्टें प्रस्तुत कीं।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले हर दल को हर साल 30 सितंबर तक अंशदान रिपोर्ट और 31 अक्टूबर तक आय-व्यय की ऑडिट रिपोर्ट देनी जरूरी है। लोकसभा चुनाव के बाद 90 दिनों में और विधानसभा चुनाव के बाद 75 दिनों में आय-व्यय का ब्योरा देना होता है। 20 हजार रुपये से ज्यादा के चंदे की रिपोर्ट भी देनी पड़ती है। इसी तरह हर प्रत्याशी को चुनाव खत्म होने के 30 दिनों में खर्च का विवरण देना होता है।उन्होंने सभी दलों को ईमेल, मोबाइल नंबर और वर्तमान पता अपडेट रखने को कहा। इससे आयोग के निर्देश और नियमों की जानकारी समय पर मिल सकेगी। अधिकारियों को दलों के पते की जांच करने के निर्देश दिए गए।अंतिम दिन की सुनवाई में जन आदेश अक्षुणी सेना-मैनपुरी, समर्थ किसान पार्टी-कौशांबी, राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी-मथुरा, सबका दल यूनाइटेड-लखनऊ, भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (इन्सान)-भदोही, भारतीय नवोदय पार्टी-इटावा, संयुक्त समाजवादी दल-आगरा, सनातन संस्कृति रक्षा दल-प्रयागराज, समग्र विकास पार्टी-मेरठ, गरीब क्रांति पार्टी-बिजनौर, राष्ट्रीय विकास मंच पार्टी-वाराणसी, सत्य क्रांति पार्टी-गोरखपुर, सर्वजन समता पार्टी-गाजियाबाद, हमदर्द पार्टी-गाजीपुर, उत्तर प्रदेश रिपब्लिकन पार्टी-लखनऊ, राष्ट्रीय मतदाता पार्टी-लखनऊ, सरदार पटेल सिद्धांत पार्टी-प्रतापगढ़, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)-लखनऊ, सबसे अच्छी पार्टी-हापुड़, सम्राट अशोक सेना पार्टी-गोंडा, जय हिंद समाज पार्टी-गाजीपुर, मजदूर किसान यूनियन पार्टी-मुजफ्फरनगर, जनहित किसान पार्टी-महाराजगंज, समान अधिकार पार्टी-आगरा, वंचित समाज इंसाफ पार्टी-मथुरा और विकास इंसाफ पार्टी-फतेहपुर के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

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