वाराणसी में बड़ा हादसा- निर्माणाधीन होटल के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे ने ली पड़ोसी दीवार की बलि, मलबे में दबे तीन श्रमिक
घटनास्थल पर मौजूद राहत कार्यों के दौरान प्रशासन ने एहतियातन आसपास के क्षेत्र को खाली करा दिया है। जिस दीवार का हिस्सा गिरा है, उससे सटे अन्य भवनों में भी दरारें आने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने मौके का मुआयना करते हुए निर्माण कार्य
- धर्मनगरी में विकास के नाम पर सुरक्षा से खिलवाड़: दीवार गिरने से चीख-पुकार, मलबे से सुरक्षित निकाले गए मजदूर, एक की हालत नाजुक
- सिगरा क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही पड़ी भारी: गहरी खुदाई के कारण भरभरा कर गिरी दीवार, राहत और बचाव कार्य जारी
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बड़े निर्माण स्थल पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक निर्माणाधीन होटल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे के कारण बगल की दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। इस हादसे के वक्त वहां काम कर रहे तीन मजदूर मलबे की चपेट में आ गए और गहरी खाई नुमा गड्ढे में जा गिरे। मलबे के साथ मिट्टी धंसने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे को हटाना शुरू किया ताकि मलबे के नीचे दबे मजदूरों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। इस हादसे ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही तकनीकी सुरक्षा और मानकों की अनदेखी को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निर्माणाधीन स्थल पर बेसमेंट की खुदाई लगभग 15 से 20 फीट गहरी की गई थी। इतनी गहरी खुदाई के बावजूद बगल की पुरानी दीवार को सहारा देने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। जैसे ही दीवार का संतुलन बिगड़ा, वह सीधे उन मजदूरों पर जा गिरी जो नीचे नींव बांधने का काम कर रहे थे। मलबे में दबे तीनों मजदूरों को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और स्थानीय लोगों ने कड़ी मेहनत के बाद तीनों को मलबे से बाहर निकाला। इनमें से दो मजदूरों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिलने की संभावना है, लेकिन एक मजदूर की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। उसे आनन-फानन में पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसे बचाने का प्रयास कर रही है।
घटनास्थल पर मौजूद राहत कार्यों के दौरान प्रशासन ने एहतियातन आसपास के क्षेत्र को खाली करा दिया है। जिस दीवार का हिस्सा गिरा है, उससे सटे अन्य भवनों में भी दरारें आने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने मौके का मुआयना करते हुए निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि होटल निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान मिट्टी की प्रकृति और बगल के ढांचे की मजबूती का सही आकलन नहीं किया गया था। लगातार हो रही खुदाई से मिट्टी ढीली हो गई थी और दीवार का आधार कमजोर हो गया था। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस निर्माण के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण से उचित नक्शा और सुरक्षा प्रमाण पत्र लिया गया था या नहीं। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो निर्माणकर्ता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वाराणसी जैसे प्राचीन शहर में जहां गलियां तंग हैं और इमारतें एक-दूसरे से सटकर बनी हुई हैं, वहां गहरी खुदाई करना हमेशा जोखिम भरा होता है। सिगरा के इस हादसे ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिक मशीनों से खुदाई करते समय पुरानी इमारतों की नींव पर पड़ने वाले दबाव को नजरअंदाज करना कितना घातक हो सकता है। घायल मजदूर की पहचान की जा रही है और उनके परिजनों को सूचित करने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गंभीर रूप से घायल मजदूर के सिर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं और वह वर्तमान में गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती है। अन्य दो मजदूरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे के वक्त सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और क्या उन्हें किसी खतरे का आभास पहले से हुआ था।
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि व्यावसायिक लाभ के लिए बड़े बिल्डर अक्सर मजदूरों की जान और पड़ोसियों की सुरक्षा को ताक पर रख देते हैं। निर्माण स्थल पर सुरक्षा जाली या हेलमेट जैसे बुनियादी साधनों की कमी भी देखने को मिली है। यदि प्रशासन ने समय रहते निर्माण मानकों की जांच की होती, तो शायद इस हादसे को ताला जा सकता था। फिलहाल, नगर निगम और विकास प्राधिकरण की टीमें भी मौके पर पहुंचने वाली हैं ताकि ढांचे की स्थिरता का तकनीकी ऑडिट किया जा सके। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मलबे का बचा हुआ हिस्सा और मिट्टी आगे न धंसे, क्योंकि इससे बगल के रिहायशी मकानों को भी बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में तहरीर मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निर्माण कार्य में लगी कंपनी और ठेकेदार की भूमिका की जांच की जा रही है। खुदाई के लिए इस्तेमाल की गई मशीनों के ऑपरेटरों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया। गंभीर रूप से घायल मजदूर की चिकित्सा सहायता के लिए प्रशासन ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वाराणसी के अन्य निर्माणाधीन स्थलों पर भी सुरक्षा जांच अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है। शहर के संकीर्ण क्षेत्रों में बड़े व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को लेकर अब प्रशासन अधिक सतर्कता बरतने की बात कह रहा है।
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