Viral News: लखनऊ के मदेयगंज में भीषण सड़क हादसा- तेज रफ्तार मारुति ब्रेजा ने मचाया कहर, एक की मौत, तीन घायल।
शिया पीजी कॉलेज के पास अनियंत्रित कार ने सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंदा, CCTV में कैद हुई हादसे की भयावह तस्वीरें...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मदेयगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार, 3 जून 2025 की दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। शिया पीजी कॉलेज के सामने एक तेज रफ्तार मारुति ब्रेजा कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े लोगों और वाहनों को रौंदते हुए पास की दुकानों में जा घुसी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चे सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का भयावह दृश्य पास के CCTV कैमरों में कैद हो गया, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने कार चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह भीषण हादसा दोपहर करीब 3 बजे शिया पीजी कॉलेज के पास हुआ। X पर पोस्ट की गई जानकारी और समाचार रिपोर्ट्स के अनुसार, एक नारंगी रंग की मारुति ब्रेजा कार, जिसे तनु गुप्ता नाम की एक महिला चला रही थी, तेज गति से आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद कार ने पहले सड़क किनारे खड़े दो स्कूटर और एक बाइक को टक्कर मारी, फिर पैदल चल रहे लोगों को रौंदते हुए पास की दुकानों में जा घुसी। इस टक्कर की तीव्रता इतनी थी कि सड़क किनारे खड़े वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, और दुकानों के शटर और सामान भी टूट गए।
हादसे में 35 वर्षीय मोहम्मद रिजवान की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा, एक 8 वर्षीय बच्चे और दो अन्य लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में बच्चे की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और चालक तनु गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वाहन पंकज कुमार गुप्ता के नाम पर पंजीकृत है।
- CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
घटना का वीडियो शिया पीजी कॉलेज के पास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि नारंगी रंग की मारुति ब्रेजा कार तेज गति से सड़क पर आती है और अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े लोगों और वाहनों से टकराती है। टक्कर के बाद कार दुकानों में जा घुसती है, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच जाती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
एक स्थानीय दुकानदार, जो हादसे के समय पास में ही मौजूद था, ने कहा, "कार इतनी तेजी से आई कि किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि हम सब दहल गए।" एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के बाद लोग घायलों को बचाने के लिए दौड़े और पुलिस को तुरंत सूचना दी गई।
लखनऊ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस उपायुक्त (DCP) रवीना त्यागी ने बताया कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और CCTV फुटेज को आधार बनाकर घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि कार चालक तनु गुप्ता के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और हादसे का कारण बनने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
लखनऊ के पुलिस आयुक्त (CP) एसपी भट्टाचार्य ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है और मृतक के परिजनों को सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों को और सख्त किया जाएगा।
- लखनऊ में सड़क हादसों का बढ़ता ग्राफ
लखनऊ में हाल के वर्षों में सड़क हादसों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में लखनऊ में सड़क हादसों में 141 लोगों की मौत हुई थी, और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, और सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन इन हादसों के प्रमुख कारण हैं। मदेयगंज जैसे व्यस्त इलाकों में, जहां यातायात का दबाव अधिक रहता है, ऐसी घटनाएं और भी चिंताजनक हैं।
पिछले कुछ वर्षों में लखनऊ में कई हाई-प्रोफाइल सड़क हादसे सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, 2023 में राजाजीपुरम में दो बाइकों की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जो CCTV में कैद हुई थी। इसी तरह, 2024 में लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग पर एक कार और ट्रक की टक्कर में एक महिला की मौत हो गई थी। ये घटनाएं सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और जनता की जिम्मेदारी को रेखांकित करती हैं।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के महत्व को सामने लाता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल के वर्षों में सड़क हादसों को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे कि हाईवे पर CCTV और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करना। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि केवल तकनीकी समाधान पर्याप्त नहीं हैं। जनता में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की आवश्यकता है। लखनऊ विश्वविद्यालय के एक समाजशास्त्री, प्रो. राजेश मिश्रा ने कहा, "ऐसे हादसे न केवल व्यक्तिगत त्रासदी हैं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी हैं। हमें अपने ड्राइविंग व्यवहार को सुधारने और सड़क सुरक्षा नियमों का सम्मान करने की जरूरत है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए, प्रशासन को और अधिक प्रभावी उपाय करने होंगे।
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