Meerut : कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित और सपा नेता मंगेतर पर यौन शोषण व ब्लैकमेल के गंभीर आरोप, महिला ने लगाई न्याय की गुहार

पीड़िता दुर्गेश गौतम गंगानगर, मेरठ की रहने वाली हैं। वह दूध विकास विभाग में प्रिंसिपल के पद पर तैनात एक अनुसूचित जाति की महिला हैं। उनके अनुसार, यह सिलसिला

Nov 9, 2025 - 23:16
 0  61
Meerut : कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित और सपा नेता मंगेतर पर यौन शोषण व ब्लैकमेल के गंभीर आरोप, महिला ने लगाई न्याय की गुहार
Meerut : कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित और सपा नेता मंगेतर पर यौन शोषण व ब्लैकमेल के गंभीर आरोप, महिला ने लगाई न्याय की गुहार

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कांग्रेस की सक्रिय नेत्री पूनम पंडित और उनके मंगेतर, समाजवादी पार्टी के पूर्व युवजन सभा जिला अध्यक्ष दीपक गिरी पर एक महिला ने यौन शोषण, ब्लैकमेल और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह घटना तब सुर्खियों में आई जब दोनों की सगाई हाल ही में हुई थी। पीड़िता ने भावनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें 13 से अधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पीड़िता दुर्गेश गौतम गंगानगर, मेरठ की रहने वाली हैं। वह दूध विकास विभाग में प्रिंसिपल के पद पर तैनात एक अनुसूचित जाति की महिला हैं। उनके अनुसार, यह सिलसिला साल 2018 से शुरू हुआ था। फेसबुक के माध्यम से दीपक गिरी से उनकी जान-पहचान हुई। शुरुआत में बातचीत सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे दीपक ने उन्हें अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया। पीड़िता का कहना है कि दीपक ने शादी का झांसा देकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए। एक बार तो उन्होंने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उनका यौन शोषण किया और इस दौरान अश्लील वीडियो और तस्वीरें भी बनाईं। इन सामग्रियों का इस्तेमाल कर दीपक ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने बताया कि चार साल तक यह सिलसिला चला। वह डर के मारे चुप रहीं, क्योंकि दीपक ने वीडियो वायरल करने और सामाजिक बदनामी फैलाने की धमकी दी थी।

इस दौरान दीपक ने पीड़िता से करीब 50 लाख रुपये से अधिक की रकम वसूली। कभी पैसे की जरूरत बताकर, तो कभी धमकी देकर। पीड़िता ने कहा कि वह न केवल आर्थिक रूप से लुट गईं, बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से भी टूट चुकी हैं। वह एक बच्ची की मां हैं और उनका अपना वैवाहिक जीवन भी इस वजह से प्रभावित हो गया। दीपक ने उन्हें तलाक लेने के लिए भी दबाव डाला, ताकि वह उनसे शादी कर सके। लेकिन जब बात आगे बढ़ी, तो दीपक ने पीछे हटना शुरू कर दिया।

सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब दीपक ने 15 अक्टूबर 2025 को पूनम पंडित से सगाई कर ली। पूनम पंडित बुलंदशहर जिले के इस्माइलपुर गांव की रहने वाली हैं। वह किसान आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर अपनी बेबाकी के लिए चर्चित हुईं थीं। 2022 के विधानसभा चुनाव में स्याना सीट से कांग्रेस के टिकट पर लड़ीं, लेकिन जीत नहीं सकीं। सगाई की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पीड़िता को पता चला। वह सदमे में थीं। सगाई के एक दिन बाद, यानी 16 अक्टूबर को, दीपक ने उनसे एक लिव-इन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कराए। एग्रीमेंट में लिखा था कि शादी के बाद भी पीड़िता उनके साथ रहेगी। दीपक ने कहा कि वह दोनों को एक साथ रखेंगे। लेकिन यह झूठा वादा था।

पीड़िता ने जब विरोध किया और दीपक के घर जाकर बात करने की कोशिश की, तो उन्हें जबरन घर में घसीट लिया गया। वहां दीपक के परिवार वालों ने उन्हें बंधक बना लिया और जमकर पिटाई की। दीपक के पिता कृष्णपाल गिरी, भाई कुलदीप गोस्वामी और प्रदीप गिरी ने भी कथित रूप से हाथ मिलाया। पीड़िता ने बताया कि उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए और अपहरण की धमकी दी गई। पूनम पंडित ने भी कथित रूप से फोन पर दबाव डाला कि वह चुप रहें, वरना बदनाम हो जाएंगी। सगाई के बाद 19 अक्टूबर को पूनम ने पीड़िता को बिग बाइट रेस्तरां पर बुलाया और समझाने की कोशिश की, लेकिन वहां भी धमकी का दौर चला।

इस घटना के बाद सपा ने दीपक गिरी को युवजन सभा के जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया। पार्टी ने कहा कि यह उनकी आंतरिक कार्रवाई है। लेकिन पूनम पंडित ने खुलकर पक्ष लिया। उन्होंने मीडिया से कहा कि यह सब झूठा मुकदमा है। पीड़िता ने पैसे के लेन-देन के विवाद में बदला लेने के लिए ऐसा किया है। पूनम ने जोर देकर कहा कि वह दीपक से हर हाल में शादी करेंगी। मुकदमे उनके रिश्ते को नहीं तोड़ सकते। उन्होंने कहा कि वह सनातनी हैं और परिवार ने जो बंधन बांधा है, वह अटल है। यहां तक कि पैरोल पर आकर भी शादी करेंगी। पूनम के वकील सुनील चिंदौड़ी ने कहा कि एफआईआर तथ्यहीन है और इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (दुष्कर्म), 69 (ब्लैकमेल), 127 (आपराधिक धमकी), 316 (मारपीट), 351 (आपराधिक डराना), 352 (जातिगत अपमान), 354 (अश्लीलता), 3(5) (साझा इरादा) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सीओ सदर देहात शिवप्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। अदालत में बयान दर्ज होंगे। शुरुआती जांच में दीपक और पीड़िता के बीच संबंध की पुष्टि हुई है, लेकिन ब्लैकमेल और शोषण के आरोपों की गहराई से पड़ताल होगी। पुलिस ने कहा कि तथ्य सामने आने पर कार्रवाई होगी।

यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। सपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर साजिश का आरोप लगा रही हैं। पूनम पंडित ने कहा कि यह उनकी सगाई से जलने वालों की चाल है। वहीं, पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि वह गरीब परिवार से हैं और ऊंची पहुंच वाले लोगों के खिलाफ लड़ना आसान नहीं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला वायरल हो गया है। कई लोग पीड़िता के पक्ष में हैं, तो कुछ पूनम के समर्थन में।

मेरठ पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच टीम गठित की है। पीड़िता को सुरक्षा देने का आश्वासन दिया गया है। यह घटना महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सवाल उठाती है। विशेष रूप से जब आरोपी राजनीतिक पृष्ठभूमि के हों। समाज में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ रही है, जहां ब्लैकमेल और शोषण के नाम पर महिलाओं का जीवन बर्बाद किया जाता है। पीड़िता की कहानी दर्द भरी है। वह कहती हैं कि वह नौकरी और परिवार के लिए संघर्ष कर रही थीं, लेकिन एक विश्वासघात ने सब छीन लिया। अब वह न्याय के इंतजार में हैं।

इस मामले ने पूनम पंडित की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। किसान आंदोलन की चेहरा रहीं पूनम को हमेशा महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली माना जाता था। लेकिन अब उनके मंगेतर पर लगे आरोपों ने विवाद बढ़ा दिया। दीपक गिरी, जो सपा के युवा चेहरे थे, अब विवादों में घिरे हैं। सपा ने उन्हें पद से हटाकर दूरी बना ली, लेकिन पार्टी का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।

Also Click : Lucknow : मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने भरा गणना प्रपत्र, मतदाताओं से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में जुड़ने की अपील

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow