दिल्ली: CM रेखा गुप्ता पर हमले से पहले शालीमार बाग में रेकी करते दिखा आरोपी, नया सीसीटीवी वीडियो सामने आया।
Delhi Politics: दिल्ली की CM रेखा गुप्ता पर 20 अगस्त 2025 को जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान हुए हमले ने सभी को चौंका दिया। इस घटना के बाद अब एक नया सीसीटीवी वीडियो सामने
दिल्ली की CM रेखा गुप्ता पर 20 अगस्त 2025 को जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान हुए हमले ने सभी को चौंका दिया। इस घटना के बाद अब एक नया सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जो 19 अगस्त 2025 का बताया जा रहा है। इस वीडियो में हमलावर, राजेश भाई खिमजी भाई साकरिया, CM के शालीमार बाग स्थित निजी आवास के अंदर बने कार्यालय में बैठा दिखाई दे रहा है। यह वीडियो इस बात का सबूत है कि हमला सुनियोजित था, क्योंकि आरोपी ने हमले से एक दिन पहले CM के आवास की रेकी की थी। दिल्ली पुलिस ने 41 वर्षीय राजेश को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
20 अगस्त 2025 को सुबह करीब 8 बजे, दिल्ली की CM रेखा गुप्ता सिविल लाइंस स्थित अपने कैंप कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम में हिस्सा ले रही थीं। यह कार्यक्रम हर बुधवार को आयोजित होता है, जिसमें CM आम लोगों की समस्याएं सुनती हैं। इसी दौरान गुजरात के राजकोट के रहने वाले 41 वर्षीय राजेश भाई खिमजी भाई साकरिया ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजेश ने पहले CM को कुछ कागज दिखाए, फिर अचानक उन पर हमला किया। उसने CM का हाथ पकड़ा, उनके बाल खींचे, और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें थप्पड़ भी मारा। दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने हालांकि थप्पड़ मारने की खबरों का खंडन किया और कहा कि हमलावर ने CM का हाथ खींचा, जिसके कारण उनका सिर किसी कोने से टकराया।
CM की सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत राजेश को हिरासत में लिया। हमले के बाद रेखा गुप्ता को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई गई। उनके कंधे, हाथ और सिर में चोटें आईं। दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 132 (सार्वजनिक सेवक पर हमला), और 221 (सार्वजनिक सेवक को कर्तव्य से रोकना) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू की है और राजेश के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है।
19 अगस्त 2025 को शालीमार बाग में CM के निजी आवास के कार्यालय से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज ने इस मामले में नया मोड़ ला दिया है। इस फुटेज में राजेश को कार्यालय में बैठे हुए और आसपास का जायजा लेते हुए देखा जा सकता है। वह अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करता हुआ भी दिखाई दिया। इससे पहले, एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में उसे शालीमार बाग के आसपास की सड़कों पर घूमते और रिक्शा चालक से बात करते देखा गया था। वह रात को सिविल लाइंस के पास गुजराती समाज भवन में रुका था, जहां से वह अगली सुबह जनसुनवाई के लिए निकला।
दिल्ली के CM कार्यालय (सीएमओ) ने इस हमले को एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। सीएमओ के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि राजेश ने कम से कम 24 घंटे पहले से हमले की योजना बनाई थी। वह CM के आवास और उनके कार्यक्रमों की जानकारी जुटाने के लिए रेकी कर रहा था। फुटेज में उसे शालीमार बाग में CM के आवास के आसपास वीडियो रिकॉर्ड करते और फोन पर किसी से बात करते देखा गया। दिल्ली पुलिस ने उसके मोबाइल फोन से दो वीडियो बरामद किए हैं एक जनसुनवाई का और दूसरा शालीमार बाग के आवास का।
राजेश भाई खिमजी भाई साकरिया राजकोट के गोकुल पार्क, कोठारिया रोड का निवासी है। वह एक रिक्शा चालक है और उसके परिवार में पत्नी, दो बेटे और माता-पिता हैं। राजकोट पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ भक्तिनगर थाने में कम से कम पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट और छोटे-मोटे अपराध शामिल हैं। उसकी मां भानुबेन ने पुलिस को बताया कि राजेश मानसिक रूप से अस्थिर है और उसे कुत्तों से बहुत लगाव है। उनके अनुसार, राजेश सुप्रीम कोर्ट के हाल के उस फैसले से नाराज था, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय स्थलों में ले जाने का आदेश दिया गया था।
हालांकि, पुलिस इस दावे की जांच कर रही है कि क्या यह हमला वास्तव में कुत्तों के मुद्दे से प्रेरित था या इसके पीछे कोई और मकसद था। कुछ सूत्रों के अनुसार, राजेश अपने एक रिश्तेदार की जमानत के लिए CM से मिलने आया था, जो तिहाड़ जेल में बंद है। उसने जनसुनवाई के दौरान कुछ कागजात दिखाए, जो इस मामले से संबंधित थे। लेकिन सीएमओ और दिल्ली बीजेपी का कहना है कि उसके पास कोई ठोस शिकायत नहीं थी, और उसने अचानक हमला किया। पुलिस अब उसके कॉल रिकॉर्ड और दिल्ली में उसके संपर्कों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह अकेले था या किसी बड़े समूह का हिस्सा।
- CM की प्रतिक्रिया
हमले के बाद CM रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा, "आज जनसुनवाई के दौरान मुझ पर हुआ हमला न केवल मुझ पर, बल्कि दिल्ली की जनता की सेवा के मेरे संकल्प पर एक कायरतापूर्ण प्रयास था। लेकिन ऐसे हमले मेरे हौसले को नहीं तोड़ सकते। मैं पहले से भी ज्यादा ऊर्जा और समर्पण के साथ जनता के बीच रहूंगी।" उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने जनसुनवाई कार्यक्रम को जारी रखेंगी और लोगों की समस्याओं को सुनना बंद नहीं करेंगी। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उनकी हिम्मत की तारीफ की और कहा कि वह एक मजबूत नेता हैं।
इस घटना ने CM की जेड+ सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आंतरिक जांच शुरू की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतनी सख्त सुरक्षा के बावजूद यह हमला कैसे हुआ। दिल्ली के पुलिस आयुक्त एस.बी.के. सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की निगरानी की। दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया और कहा कि जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम जनता से सीधा संवाद करने का माध्यम हैं, और इस तरह की घटनाएं इसे बाधित नहीं कर सकतीं।
इस हमले की सभी राजनीतिक दलों ने निंदा की है। दिल्ली बीजेपी ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया और जांच की मांग की। आम आदमी पार्टी (आप) ने भी हमले की निंदा की, लेकिन बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि उसे अपनी नीतियों पर विचार करना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना से जोड़ा और अवमानना याचिका दायर करने की बात कही। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी हमले की निंदा की और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।
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