Prayagraj : प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा: पूर्व मंत्री समेत 12 पर मुकदमा, जिला उद्यान अधिकारी सस्पेंड
राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को दुर्घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित मजदूरों के परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि 27 साल पुरानी इ
प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र में स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में हुए भीषण हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव को दोषी मानते हुए तुरंत प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया है। वहीं, कोल्ड स्टोरेज के मालिक और पूर्व मंत्री अंसार अहमद व उनके बेटे मंजूर अहमद सहित 12 लोगों के खिलाफ हत्या जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई फाफामऊ थाने में दर्ज कराई गई तहरीर के आधार पर की है। हादसे के अगले दिन भी घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी रहा।
राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को दुर्घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित मजदूरों के परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि 27 साल पुरानी इस जर्जर बिल्डिंग में क्षमता से अधिक भंडारण और अमोनिया गैस का भारी दबाव हादसे की मुख्य वजह हो सकता है। घटना के समय लगभग 100 मजदूर वहां मौजूद थे, जिनमें से ज्यादातर बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। लंच का समय होने के कारण कई मजदूर बाहर थे, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया, फिर भी कई लोगों के मलबे में दबने और घायल होने की पुष्टि हुई है।
हादसे के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के बीच हताहतों की संख्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, हालांकि प्रशासन ने अब तक चार मौतों और 17 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी है। इस पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी अंसार अहमद को हिरासत में ले लिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या केवल अधिकारियों को हटाने और मुकदमे दर्ज करने से उन गरीब मजदूरों को इंसाफ मिल पाएगा, जो आज भी अस्पतालों में अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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