Roorkee : रुड़की में अकीदत और आपसी सौहार्द के साथ निकला मुहर्रम का जुलूस, विभिन्न अखाड़ों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

इमली रोड पर अंजुमन अखाड़ा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी कलियर भगवानपुर सुमित पांडेय ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने इंसाफ, इंसानियत, ईमानदारी और तानाशाही के खिलाफ अपनी कुर्बानी दी थी।

Jun 26, 2026 - 22:33
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Roorkee : रुड़की में अकीदत और आपसी सौहार्द के साथ निकला मुहर्रम का जुलूस, विभिन्न अखाड़ों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
Roorkee : रुड़की में अकीदत और आपसी सौहार्द के साथ निकला मुहर्रम का जुलूस, विभिन्न अखाड़ों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

उत्तराखंड के रुड़की शहर में बलिदान, धैर्य, त्याग और सामाजिक एकता के प्रतीक मुहर्रम के मौके पर विभिन्न स्थानों से ताजियों और अखाड़ों का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मुख्य रास्तों से होते हुए मेन बाजार और नहर पुल पहुंचा, जिसके बाद देर शाम सभी ताजिए अपने गंतव्य पर संपन्न हुए। इस दौरान शहर में सांप्रदायिक सौहार्द का अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां जगह-जगह सबील लगाकर सभी समुदायों के लोगों ने अकीदतमंदों और राहगीरों को शरबत व ठंडे पानी की बोतलें बांटीं। इमली रोड माहिगिरान इमामबाड़े से शिया समुदाय के सैकड़ों लोगों ने मातम, नौहाख्वानी और मरसियों के साथ ताजिया निकाला और कर्बला पहुंचकर पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन को अपनी श्रद्धांजलि दी।

इमली रोड पर अंजुमन अखाड़ा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी कलियर भगवानपुर सुमित पांडेय ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने इंसाफ, इंसानियत, ईमानदारी और तानाशाही के खिलाफ अपनी कुर्बानी दी थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रभु राम, कृष्ण और भगवान बुद्ध ने अपने त्याग और शिक्षाओं से दुनिया को सत्य-असत्य का भेद बताया, ठीक उसी तरह इमाम हुसैन ने भी सच्चाई के लिए अपना बलिदान दिया, जिसे हमेशा याद किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी ईश्वर लाल शास्त्री ने की। संयुक्त अखाड़ा परिषद के संरक्षक और अंतरराष्ट्रीय शायर अफजल मंगलोरी ने मंच संचालन करते हुए कहा कि भारत की धरती हमेशा से वसुधैव कुटुंबकम और सर्वधर्म समभाव का संदेश देती आई है। यहां मुहर्रम हो या कांवड़ यात्रा, होली, दिवाली, सभी त्योहार लोग मिलजुलकर मनाते हैं।

इस मौके पर साबरी अखाड़ा, अकबरी अखाड़ा, शाने अकबरी अखाड़ा, इंडियन अंजुमन अखाड़ा और अंबर तालाब ताजिया कमेटी की ओर से हैरतअंगेज अखाड़े निकाले गए। शिया समुदाय के मौलाना हसन हैदर, हसनैन जाफरी, नसीम हैदर, शानू अली, अब्बास हैदर और मोहम्मद रजा ने इमाम हुसैन की शहादत पर अपने विचार रखे। इंडियन अंजुमन अखाड़ा की तरफ से प्रणय प्रताप सिंह, सलमान फरीदी, अकरम अली, मोहसिन अल्वी, राजू शास्त्री, चौधरी अब्दुल मलिक, साबिर खलीफा, इरशाद, इमरान नईम, रिजवान, सलीम अहमद और नफिसुल हसन ने पुलिस अधिकारियों, उस्तादों और खलीफाओं को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया।

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