Sambhal : ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में वकीलों का बिगुल, बाइक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
अधिवक्ता शकील अहमद अशरफी ने चिंता जताते हुए कहा कि ई-रजिस्ट्री से वकीलों से ज्यादा आम जनता को नुकसान होगा। ग्रामीण इलाकों के लोगों को कानूनी नियमों की ज्यादा समझ नहीं होती।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में शनिवार को सम्भल जिला बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं, कातिबों, टाइपिस्टों और स्टाम्प वेंडरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बाइक रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपते हुए नई व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
अधिवक्ता प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार अधिवक्ताओं, कातिबों, टाइपिस्टों और स्टाम्प वेंडरों को विश्वास में लिए बिना ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करना चाहती है। उनका आरोप है कि इससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी, भ्रष्टाचार बढ़ेगा और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अधिवक्ता राजीव कुमार भटनागर ने बताया कि पिछले 15 दिनों से पूरे प्रदेश में आंदोलन जारी है, लेकिन सरकार अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठा रही। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा और 1 तारीख को आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अधिवक्ता शकील अहमद अशरफी ने कहा कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से अधिवक्ताओं का नहीं, बल्कि आम जनता का सबसे अधिक नुकसान होगा। उनके अनुसार गांवों में कानूनी जानकारी के अभाव में तैयार होने वाले बैनामों में त्रुटियां बढ़ेंगी, जिससे अदालतों में मुकदमों की संख्या बढ़ेगी और लोगों को न्याय पाने के लिए भटकना पड़ेगा। वहीं, ज्ञापन लेने पहुंचे एडीएम ने भी कहा कि ई-पंजीकरण जैसी व्यवस्था लागू करने से पहले अधिवक्ताओं से व्यापक सलाह-मशविरा किया जाना चाहिए। उन्होंने माना कि न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े लोगों की राय लेकर ही इस व्यवस्था को लागू करना अधिक उचित होगा।
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