Sitapur : महसोनिया गांव में बाघ की दस्तक, ग्रामीणों में भय का माहौल
आपको बता दें कि दिनांक 24 अगस्त को ग्राम पंचायत चंद्रावल निवासी विनय मिश्रा पुत्र प्यारेलाल मिश्रा की एक गाय घर के बाहर बंधी थी। रात में किसी जंगली जा
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS ब्यूरो Sitapur
मिश्रिख (सीतापुर) : वन रेंज क्षेत्र मिश्रित की ग्राम पंचायतों में वर्तमान समय जंगल के राजा की दस्तक चल रही है। ग्रामीण दिन रात दहशत में जी रहे है। बीते दिवस ग्राम गजोधरपुर निवासी संतोष यादव गांव के बाहर जंगल में अपने पसु चराने गए थे। चरते चरते पसु अचानक भाग पड़े। तो उसने जंगल के राजा शेर को जानवरों की ओर आते हुए देखा। जिससे वह दौड़ कर गांव आया। और ग्रामीणों को आवाज दी। ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो वह कहीं छिप गया था। परन्तु उसके पद चिन्ह वहां पर मौजूद थे। जिन्हे ग्रामीणों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया है।
जिससे सभी ग्रामीण दहसत में जी रहे है। बीते 1 सितम्बर को पड़ोसी गांव महसुनिया में किसान रामकिशोर शुक्ला खेत में घास काटने गई थे। परन्तु वहां पर बाघ आ गया। जिसके पास दो शावक भी थे। वह भाग कर गांव आए।ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों को फोन से सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने गन्ने के खेत आदि में कांबिंग की परन्तु बाघ नही मिल सका। वन विभाग के कर्मचारियों ने सभी ग्रामीणो को सतर्क रहने के लिए निर्देश दिए है।
आपको बता दें कि दिनांक 24 अगस्त को ग्राम पंचायत चंद्रावल निवासी विनय मिश्रा पुत्र प्यारेलाल मिश्रा की एक गाय घर के बाहर बंधी थी। रात में किसी जंगली जानवर ने उसकी गर्दन निवाला बना डाला था। दिनांक 22 को ग्राम पंचायत इस्लामनगर के मजरा असरफनगर निवासी गोपाली राठौर और मढिया निवासी सिरदार की बकरियां घर के अंदर बंधी थी। रात के अंधेरे में किसी जंगली जानवर ने हमला कर निवाला बना डाला था। फिर भी वन विभाग के सम्बंधित अधिकारी गहरी नींद में सो रहे है। और यहां की आम जनता दहसत के साए मे जी रही है।
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