ATM से UPI के जरिए पैसा निकालना अब संभव, डेबिट कार्ड की जरूरत नहीं, जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरा प्रोसेस।
भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने डिजिटल लेनदेन को क्रांतिकारी बदलाव दिया है, और अब यह सुविधा एटीएम से नकदी निकालने तक
- कार्डलेस कैश विड्रॉल सुविधा से सुरक्षित और आसान हो गई नकदी निकासी
- स्किमिंग और क्लोनिंग जैसे जोखिमों से बचाव, कई बैंक उपलब्ध करा रहे सेवा
भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने डिजिटल लेनदेन को क्रांतिकारी बदलाव दिया है, और अब यह सुविधा एटीएम से नकदी निकालने तक पहुंच गई है, जहां यूजर्स डेबिट कार्ड के बिना ही पैसा निकाल सकते हैं। यह फीचर इंटरऑपरेबल कार्डलेस कैश विड्रॉल या UPI-ATM के नाम से जाना जाता है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने लागू किया है। यूजर्स किसी भी सहभागी बैंक के एटीएम पर जाकर स्क्रीन पर दिखने वाले डायनामिक QR कोड को स्कैन करके UPI ऐप से ट्रांजेक्शन पूरा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि इसमें फिजिकल कार्ड का इस्तेमाल नहीं होता, जिससे कार्ड स्किमिंग या क्लोनिंग जैसे साइबर फ्रॉड का खतरा काफी कम हो जाता है। कई प्रमुख बैंक जैसे एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, यस बैंक, इंडियन बैंक और अन्य ने इस सेवा को अपने एटीएम पर उपलब्ध कराया है। UPI ऐप्स जैसे गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और भीम में यह ऑप्शन काम करता है। प्रक्रिया में यूजर एटीएम पर UPI कैश विड्रॉल चुनता है, अमाउंट एंटर करता है, QR कोड स्कैन करता है, UPI पिन डालकर कन्फर्म करता है और कैश मिल जाता है। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो कार्ड भूल जाते हैं या कार्ड से जुड़े जोखिमों से बचना चाहते हैं। हाल के अपडेट्स में HDFC बैंक ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2026 से उसके एटीएम पर UPI कैश विड्रॉल को मंथली फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट में शामिल किया जाएगा, जिसके बाद अतिरिक्त चार्ज लग सकते हैं। इससे पहले कई मामलों में यह अलग से फ्री था, लेकिन अब यह डेबिट कार्ड विड्रॉल के समान नियमों के तहत आएगा।
UPI-ATM कैश विड्रॉल की प्रक्रिया बहुत सरल और यूजर फ्रेंडली है, जो डिजिटल इंडिया के लक्ष्य से जुड़ी हुई है। यूजर को सबसे पहले ऐसे एटीएम पर जाना होता है जहां UPI कैश विड्रॉल का ऑप्शन उपलब्ध हो, जो स्क्रीन पर स्पष्ट दिखता है। एटीएम पर UPI कैश या कार्डलेस कैश चुनने के बाद अमाउंट सिलेक्ट या एंटर करना पड़ता है, जैसे 500, 1000 या 2000 रुपये। एटीएम एक डायनामिक QR कोड जेनरेट करता है जो केवल 30 सेकंड के लिए वैलिड रहता है, ताकि कोई अनधिकृत इस्तेमाल न हो सके। फिर यूजर अपने UPI ऐप को ओपन करके QR स्कैन करता है, अमाउंट और डिटेल्स चेक करता है, और UPI पिन डालकर कन्फर्म करता है। ट्रांजेक्शन सफल होने पर एटीएम तुरंत कैश डिस्पेंस करता है। यह पूरी प्रक्रिया कुछ सेकंड में पूरी हो जाती है और इसमें कोई फिजिकल कार्ड इंसर्ट नहीं करना पड़ता। सेवा इंटरऑपरेबल है, मतलब किसी भी बैंक का UPI अकाउंट हो सकता है और किसी भी सहभागी बैंक का एटीएम इस्तेमाल किया जा सकता है। NPCI के अनुसार यह फीचर NFS नेटवर्क पर काम करता है और हजारों एटीएम पर उपलब्ध है। यह उन क्षेत्रों में भी उपयोगी है जहां कार्ड से जुड़ी समस्याएं आम हैं।
- UPI ATM कैश विड्रॉल की स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया
UPI-सपोर्टेड एटीएम पर जाएं और UPI कैश विड्रॉल चुनें।
निकालने वाली राशि चुनें या एंटर करें।
स्क्रीन पर दिखने वाले डायनामिक QR कोड को UPI ऐप से स्कैन करें।
अमाउंट और डिटेल्स वेरिफाई करके UPI पिन डालें।
ट्रांजेक्शन सफल होने पर कैश मिलेगा।
यह सुविधा सुरक्षा के लिहाज से पारंपरिक डेबिट कार्ड विड्रॉल से कहीं बेहतर है क्योंकि इसमें कार्ड डिटेल्स एटीएम में एक्सपोज नहीं होतीं। कार्ड स्किमिंग में फ्रॉडस्टर्स एटीएम में छोटे डिवाइस लगाकर कार्ड डेटा चुराते हैं, जिससे क्लोनिंग होती है और अनधिकृत ट्रांजेक्शन हो जाते हैं। UPI में ऐसा कोई रिस्क नहीं क्योंकि ट्रांजेक्शन टोकनाइज्ड होते हैं, डिवाइस बाइंडिंग और UPI पिन से दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन होता है। QR कोड डायनामिक और शॉर्ट-लाइव होता है, जिससे रीयूज नहीं हो सकता। यदि कोई स्किमिंग डिवाइस भी हो तो कार्ड डेटा नहीं मिलता। यह फीचर विशेष रूप से ग्रामीण और सेमी-अर्बन क्षेत्रों में फायदेमंद है जहां कार्ड इस्तेमाल कम होता है और फ्रॉड के मामले ज्यादा रिपोर्ट होते हैं। RBI और NPCI ने इस फीचर को प्रमोट किया है ताकि फाइनेंशियल इंक्लूजन बढ़े और साइबर फ्रॉड कम हो। कई यूजर्स अब कार्ड साथ रखने की बजाय सिर्फ फोन लेकर एटीएम जाते हैं।
कई प्रमुख बैंक इस सेवा को सपोर्ट कर रहे हैं और लगातार एटीएम अपग्रेड कर रहे हैं ताकि ज्यादा यूजर्स इसका फायदा उठा सकें। एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, यस बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक जैसे बैंक जारीकर्ता और एक्वायरर दोनों के रूप में काम कर रहे हैं। कुछ व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटर्स जैसे हिताची पेमेंट सर्विसेज ने भारत का पहला UPI-एक्सक्लूसिव एटीएम लॉन्च किया है, जहां केवल UPI से कैश निकाला जा सकता है। यह सेवा UPI ऐप्स पर भी उपलब्ध है जैसे गूगल पे, जहां यूजर्स को स्पष्ट निर्देश मिलते हैं। यदि कोई एटीएम पर ऑप्शन नहीं दिखता तो बैंक को सपोर्ट नहीं करने का मतलब है, लेकिन जल्द ही नोटिफिकेशन मिल सकता है। लिमिट्स UPI ट्रांजेक्शन लिमिट्स पर निर्भर करती हैं, आमतौर पर 10,000 रुपये प्रति दिन तक। यह फीचर डिजिटल पेमेंट्स को और मजबूत बनाता है और कैशलेस सोसाइटी की ओर कदम है।
- प्रमुख बैंक जो UPI ATM कैश विड्रॉल सपोर्ट करते हैं
एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, यस बैंक, इंडियन बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक आदि। हाल के अपडेट्स में HDFC बैंक ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है कि 1 अप्रैल 2026 से उसके एटीएम पर UPI कैश विड्रॉल को मंथली फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट में शामिल किया जाएगा। इससे पहले कई मामलों में यह अलग से फ्री था, लेकिन अब डेबिट कार्ड विड्रॉल के समान नियम लागू होंगे। फ्री लिमिट पार करने पर 23 रुपये प्लस टैक्स प्रति ट्रांजेक्शन चार्ज लगेगा। यह बदलाव HDFC बैंक के ग्राहकों के लिए है और अन्य बैंकों में भी ऐसी समीक्षा हो सकती है। इससे पहले UPI विड्रॉल को अलग कैटेगरी में रखा जाता था, लेकिन अब एक समान नियम से बैलेंस बनाए रखा जा रहा है। यह कदम बैंकों के लिए कैश हैंडलिंग कॉस्ट को कंट्रोल करने का तरीका है और यूजर्स को डिजिटल ट्रांजेक्शन की ओर प्रोत्साहित करता है।
यह सुविधा भारत की डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और मजबूत बनाती है, जहां UPI पहले से ही ट्रांजेक्शन का प्रमुख माध्यम है। कार्डलेस विड्रॉल से यूजर्स को सुविधा मिलती है और फ्रॉड रिस्क कम होता है। NPCI लगातार इस फीचर को विस्तार दे रहा है ताकि ज्यादा एटीएम और यूजर्स जुड़ें। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां एटीएम कम हैं, यह सेवा कैश एक्सेस को आसान बनाती है। कुल मिलाकर, UPI अब कैश निकासी को भी डिजिटल और सुरक्षित बना रहा है।
What's Your Reaction?











