लखनऊ में 'फ्रूट होराइजन 2026' का भव्य आगाज़, शिवराज सिंह चौहान समेत कई मंत्रियों ने बढ़ाया किसानों का उत्साह।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री  सूर्य

By INA News Desk
May 7, 2026 - 17:51
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लखनऊ में 'फ्रूट होराइजन 2026' का भव्य आगाज़, शिवराज सिंह चौहान समेत कई मंत्रियों ने बढ़ाया किसानों का उत्साह।
लखनऊ में “फ्रूट होराइजन 2026” का भव्य आगाज़, शिवराज सिंह चौहान समेत कई मंत्रियों ने बढ़ाया किसानों का उत्साह।
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लखनऊ: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री  सूर्य प्रताप शाही और उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिनेश प्रताप सिंह ने लखनऊ स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH) में 'फ्रूट होराइजन 2026' कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में 'भारतीय फल मूल्य श्रृंखला का वैश्वीकरण' थीम पर आधारित फ्रूट एक्सपो प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उद्यानिकी, फल उत्पादन, कृषि नवाचार, निर्यात संभावनाओं और किसानों की आय वृद्धि से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस आयोजन को आधुनिक कृषि तकनीकों और बागवानी क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी बताया गया।

उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री  सूर्य प्रताप शाही ने अपने संबोधन में बताया कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन में असीम क्षमताओं वाला राज्य है, विशेषकर आम, अमरूद, तरबूज और आलू के उत्पादन में यह देश में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आम की एक दर्जन से अधिक पट्टियाँ घोषित की हैं, जहाँ आम के बागों के विस्तार पर निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

कोविड काल में भी उत्तर प्रदेश से आम का निर्यात शुरू किया गया था, जिसमें पहली बार लखनऊ से 20 मीट्रिक टन और सहारनपुर से 50 मीट्रिक टन आम बाहर भेजा गया। इसके बाद, उद्यान विभाग और राज्य सरकार के प्रयासों से अकेले वाराणसी से 1000 मीट्रिक टन से अधिक आम और सब्जियों का निर्यात हुआ है, जिससे वाराणसी फलों और सब्जियों के निर्यात केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

यूपी एग्रीक प्रोजेक्ट के तहत वर्ल्ड बैंक और राज्य सरकार की मदद से उन जनपदों पर ध्यान दिया जा रहा है जहाँ उत्पादकता कम है, जिसमें सब्जियों की उत्पादकता भी शामिल है। ग्रेटर नोएडा में बन रहे नए अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को एग्री एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य में छह पैक हाउस भी स्थापित किए गए हैं, जिनमें से चार चालू हो गए हैं और दो जल्द ही कार्यात्मक होंगे।

क्वालिटेटिव उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किसानों और एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया गया। राज्य में ऑर्गेनिक लैब स्थापित की जा रही हैं, जिनमें बांदा कृषि विश्वविद्यालय और मेरठ शामिल हैं। लखनऊ में एक रेडिएशन लैब भी प्रस्तावित है, जिससे अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में निर्यात संभव हो सकेगा।

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