Pilibhit: माधोटांडा स्थित गोमती नदी के उद्गम तट पर वन मंत्री अरुण कुमार ने गोमती दर्शन यात्रा का हवन पूजन कर किया श्रीगणेश।
जनपद के माधोटांडा स्थित गोमती नदी के उद्गम स्थल से गोमती दर्शन यात्रा के प्रथम चरण का श्रीगणेश उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य
पीलीभीत: जनपद के माधोटांडा स्थित गोमती नदी के उद्गम स्थल से गोमती दर्शन यात्रा के प्रथम चरण का श्रीगणेश उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने हवन पूजन एवं गोमती नदी का पूजन कर किया। इस मौके पर वन मंत्री ने कहा कि गोमती उद्गम स्थल बड़ा ही नैसर्गिक एवं पौराणिक स्थल है मुख्यमंत्री जी के ड्रीम प्रोजेक्ट में गोमती नदी प्रमुख है इसलिए गोमती नदी को सदानीरा बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने गोमती भक्तों की मांग पर गोमती नदी के उद्गम स्थल से पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी के संचालन करवाने के लिए डीएफओ से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
माधोटांडा स्थित गोमती नदी के उद्गम तीर्थ स्थल से गोमती दर्शन यात्रा के प्रथम चरण का श्री गणेश उत्तर प्रदेश सरकार के वन मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने हवन पूजन कर किया उनके साथ इस अवसर पर पूरनपुर के विधायक बाबूराम पासवान ,जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह , लौलोरीखेडा के ब्लॉक प्रमुख अजय गंगवार, गोमती दर्शन के अध्यक्ष श्वेता सिंह, उपाध्यक्ष सोनी सिंह संयोजक एडवोकेटअनुराग पांडे, एसडीएम कलीनगर प्रमेश कुमार, गोमती ट्रस्टी निर्भय सिंह, योगेश्वर सिंह, डीसी मनरेगा हेमंत कुमार यादव, गोमती आरती सेवा मंडल भी मौजूद रहे। गोमती दर्शन यात्रा की अध्यक्ष श्वेता सिंह ने वन मंत्री को एक ज्ञापन सोपौ जिसमें उन्होंने मां गोमती को राज्य नदी घोषित किए जाने, गोमती नदी को अविरल धारा प्रदान हो, गोमती की भूमि राजस्व अभिलेखों में मां गोमती के नाम सुरक्षित हो, गोमती के किनारे लखनऊ के ऊपर के समस्त वेटलैंड्स विशेष कर 7 बड़े वेटलैंड्स पर प्राथमिकता से कार्य किया जाए।
गोमती के बेस फ्लो बढ़ाने के लिए शारदा से सतही जल का प्रबंध स्थाई रूप से किया जाए साथ ही गोमती नदी में किसी भी प्रकार का ठोस तथा तरल अपशिष्ट का बहाव न होने दिया जाए। ज्ञापन लेने के बाद वन मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि नदियां हमारी जीवन दायिनी है नदियां हमारे शरीर की धमनियां है, गोमती नदी का उद्गम यही से हुआ है आगे जाकर गोमती पानी कम हो जाता था रहा है हम यह देखने आए हैं खासकर गोमती उद्गम स्थल पर पानी है, गोमती में सफाई है, गोमती में वायोडार्वसटी बसी है इसमें लाइफ है, कछुए, मछलियां मगरमच्छ आदि है। नदी के किनारे पेड़ लगाए जाएं जिससे नदी नहीं सूखेगी और नहीं पेड़ सूखेंगे। गोमती में कोई सीवर या नाला बिना नहीं छोड़ा जाए।
उन्होंने कहा सरकार ने बड़ा बजट दिया जिससे गोमती उद्गम तीर्थ स्थल का बहुत सुन्दर बनेगा। उन्होंने कहा जो लोग पीलीभीत टाइगर रिजर्व को देखने आते वो लोग गोमती उद्गम तीर्थ स्थल के भी आएं। गोमती नदी का यह स्थल बड़ा ही पौराणिक दिव्य और भव्य है मुख्यमंत्री जी पौराणिक स्थलों को लेकर बड़े ही सजग हैं यह स्थल निश्चित ही पर्यटन के रूप में अपना एक नया मुकाम पाएगा। नदी की धारा अविरल बहे इसके लिए मुख्यमंत्री से वार्ता करूंगा क्योंकि नदी के लिए जल नितांत आवश्यक है।
सचिव रामकिशोर,डालचंद कुशवाहा, रामावतार सिंह चक्रवर्ती सिंह,शक्ति सिंह गोविंद राठौर आदि लोग मौजूद रहेपीलीभीत टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी का गोमती उद्गम स्थल से हो संचालन इसके लिए गोमती भक्तों ने दिया वन मंत्री को ज्ञापन गोमती उद्गम स्थल से पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी का संचालन हो इसके लिए गोमती भक्त निर्भय सिंह और योगेश्वर सिंह ने वन मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना को ज्ञापन देते हुए कहा कि पीलीभीत की पौराणिक पहचान गोमती नदी है इसीलिए गोमती नदी है इसीलिए पीलीभीत को गोमती नगरी के रूप में भी जाना जाता है गोमती उद्गम स्थल के पास ही विश्व प्रसिद्ध पीलीभीत टाइगर रिजर्व, बाइफरकेशन, सप्त सरोवर, शारदा सागर जलाशय सहित तमाम पर्यटन के क्षेत्र हैं। उद्गम स्थल पर पहुंचने वाले पर्यटक और श्रद्धालुओं के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी का संचालन का केंद्र बिंदु बनाया जाए जिससे पर्यटक और श्रद्धालुओं के लिए सुगमता हो सके। इस पर वन मंत्री ने कहा गोमती उद्गम स्थल से जंगल सफारी संचालन करने के लिए डीएफओ भारत कुमार डीके से विस्तृत रिपोर्ट मांगी साथ ही उन्होंने कहा यहां और अधिक किया किया जा सकता है इसकी भी रिपोर्ट की जाए। उन्होंने कहा गोमती उद्गम स्थल बड़ा ही सुंदर स्थल है पर्यटन के रूप में इसको और विकसित किया जाएगा। जंगल सफारी का यहां से संचालन होगा तो लोगों को रोजगार मिलेगा, प्रशिक्षित गाइड होंगे जो पर्यटकों को सही रूप से अवगत कराएंगे।
- नीम, पीपल और बरगद के पौधों का किया वन मंत्री ने रोपण
गोमती उद्गम तीर्थ स्थल के बजरंग पार्क में वन मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना, पूरनपुर के विधायक बाबूराम पासवान और जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने नीम, पीपल और बरगद के पौधों का रोपण किया। वन मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना कहा कि पर्यावरण में वृक्षों बड़ा महत्व होता है इसलिए हमें अधिक से अधिक पेड़ों को लगाना चाहिए। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक पेड़ मां के नाम लगाने का वृहद अभियान चलाया था। इन पेड़ों से हमें ऑक्सीजन और पक्षियों को बसेरा मिलता है। यह पर्यावरण को संतुलित रखने में कायम होते हैं उनके साथ इस अवसर पर डीएफओ भरत कुमार डीके, सामाजिक वानिकी के रेंजर सोबरन लाल जिला गंगा समिति के डीपीओ सौरभ सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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