गर्रा नदी का बढ़ा जलस्तर, जलकुंभी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता; बाढ़ की आशंका से सहमे लोग
पाली क्षेत्र में गर्रा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। नदी की धारा में लगातार बहकर आ रही जलकुंभी ने आसपास के ग्रामीणों
हरदोई: पाली क्षेत्र में गर्रा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। नदी की धारा में लगातार बहकर आ रही जलकुंभी ने आसपास के ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ा दी हैं और उनमें बाढ़ की आशंका गहराने लगी है।
तालाबों से आ रही जलकुंभी
ग्रामीणों का मानना है कि जलकुंभी आमतौर पर गांवों के तालाबों में पाई जाती है। नदी में बड़ी मात्रा में इसका बहकर आना इस बात का संकेत हो सकता है कि नदी का जलस्तर बढ़कर तालाबों तक पहुंच गया है, जिसके कारण जलकुंभी धारा के साथ बहती चली आ रही है।
जानकारी के अनुसार पाली क्षेत्र के ग्रामीणों को बीते वर्षों की भीषण बाढ़ की तस्वीरें आज भी याद हैं। उस दौरान गर्रा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया था, जिससे किसानों की हजारों बीघा फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो गई थीं। कई गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गए थे।इस अनुभव को देखते हुए ग्रामीण अब नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी में फिर से बाढ़ आई, तो किसानों, पशुपालकों और नदी किनारे बसे गांवों के निवासियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अतर्जी गांव के राम लोचन, बेगराजपुर के श्रीकांत राजपूत, बरगदिया के नन्हें लाल और बाबरपुर के रिंकू मिश्रा ने बताया कि नदी में धीरे-धीरे पानी बढ़ रहा है, जिससे वे बेहद चिंतित हैं।हालांकि, फिलहाल बाढ़ आने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह केवल नदी के बढ़ते जलस्तर और धारा में बहकर आ रही जलकुंभी के आधार पर लगाया जा रहा एक अनुमान है। अभी तक प्रशासन की ओर से भी किसी प्रकार की बाढ़ संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है।
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