चल हट, भाग यहां से... हाथरस में बीजेपी एमएलसी के बेटे की ट्रैफिक पुलिस से तीखी नोकझोंक, सड़क पर जाम और बदसलूकी का वीडियो वायरल।
Viral News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें अलीगढ़ से बीजेपी विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ऋषिपाल....
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें अलीगढ़ से बीजेपी विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ऋषिपाल सिंह के बेटे चौधरी तपेश का ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ तीखा विवाद हो गया। यह घटना तब हुई, जब तपेश ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी को सड़क पर गलत तरीके से खड़ा कर दिया, जिससे चौराहे पर जाम लग गया। ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने जब उन्हें गाड़ी हटाने को कहा, तो तपेश ने न केवल गाड़ी हटाने से इनकार किया, बल्कि सिपाही से अभद्र भाषा में बात की और कहा, “चल हट, भाग यहां से।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सिपाही और तपेश के बीच गरमागरम बहस साफ देखी जा सकती है।
सिपाही ने वीडियो में तपेश को जवाब देते हुए कहा, “आप सड़क पर जाम लगा रहे हो और ऊपर से बदतमीजी कर रहे हो। मैं आपसे दो गुना पढ़ा-लिखा हूं और बात करने का सलीका जानता हूं।” घटना हाथरस के सासनी कोतवाली क्षेत्र के चौराहे पर दोपहर करीब 3 बजे की है। चौधरी तपेश अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी (यूपी 81 बी 2324) लेकर बाजार जा रहे थे। उनकी गाड़ी पर ‘विधायक’ लिखा हुआ था और बोनट पर बीजेपी का झंडा लगा था। गाड़ी में उनके साथ एक गनर भी मौजूद था, जो उनकी सुरक्षा में तैनात था। तपेश ने अपनी गाड़ी को हाईवे पर सड़क किनारे गलत तरीके से खड़ा कर दिया, जिसके कारण चौराहे पर जाम लगने लगा। सड़क पर गाड़ियां रुकने लगीं और लोग हॉर्न बजाने लगे। मौके पर तैनात ट्रैफिक सिपाही एसपी सिंह ने तपेश से गाड़ी हटाने को कहा, ताकि जाम खुल सके। लेकिन तपेश ने सिपाही की बात को नजरअंदाज करते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और कहा, “चल हट, भाग यहां से।” इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो करीब 3-4 मिनट तक चली।
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि सिपाही ने तपेश की बदतमीजी का जवाब देते हुए कहा, “आप सड़क पर जाम लगा रहे हो और ऊपर से बदतमीजी कर रहे हो। आप अपने पिता का नाम बदनाम कर रहे हो। मैं आपसे दो गुना पढ़ा-लिखा हूं और बात करने का सलीका जानता हूं।” सिपाही ने इस दौरान मोबाइल से वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो में तपेश सिपाही को धमकाते हुए नजर आ रहे हैं और गाड़ी हटाने से साफ इनकार कर रहे हैं। इस दौरान सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही और आसपास के लोग इस घटना को देखते रहे। कुछ लोगों ने तपेश को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।
सिपाही ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए तपेश को कानून का पाठ पढ़ाया और कहा कि सत्ता का दुरुपयोग करना गलत है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में गुस्सा और आश्चर्य पैदा किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने तपेश के व्यवहार की कड़ी निंदा की। एक यूजर ने एक्स पर लिखा, “सत्ता का नशा ऐसा होता है। विधायक का बेटा होने का मतलब यह नहीं कि आप कानून से ऊपर हैं।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “ट्रैफिक सिपाही ने साहस दिखाया और सही तरीके से जवाब दिया। ऐसे लोगों को सबक सिखाने की जरूरत है।” कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या जनप्रतिनिधियों के परिवार वाले कानून से ऊपर हैं? यह घटना समाज में बढ़ते सत्ता के दुरुपयोग और अहंकार के मुद्दों को सामने लाती है।
हाथरस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अशोक कुमार सिंह ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की है, लेकिन स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा को देखते हुए पुलिस पर दबाव बढ़ रहा है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई हो। कुछ लोगों ने मांग की है कि तपेश के खिलाफ अभद्र व्यवहार और सरकारी काम में बाधा डालने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाए। यह घटना हाथरस में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाती है। सासनी कोतवाली क्षेत्र एक व्यस्त इलाका है, जहां आए दिन यातायात की समस्याएं सामने आती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कुछ लोग नियमों का उल्लंघन करते हैं, खासकर वे जो सत्ता से जुड़े हैं। इस घटना ने यह भी दिखाया कि कैसे सत्ता का प्रभाव सामान्य लोगों और कानून लागू करने वालों पर दबाव डालता है। सिपाही एसपी सिंह की हिम्मत की कई लोगों ने तारीफ की, जिन्होंने तपेश के रौब के सामने हार नहीं मानी और अपनी जिम्मेदारी निभाई।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। विपक्षी दलों ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सत्ता के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण है। समाजवादी पार्टी के नेता सुनील शर्मा ने एक्स पर लिखा, “सत्ता के नशे में चूर विधायक का बेटा पुलिसकर्मी को धमकाता है। बीजेपी के राज में कानून का यह हाल है।” इस तरह की प्रतिक्रियाओं ने इस घटना को और तूल दे दिया है। हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यह घटना हमें समाज में सत्ता और प्रभाव के दुरुपयोग पर सोचने के लिए मजबूर करती है। तपेश ने अपनी गाड़ी पर ‘विधायक’ लिखवाकर और बीजेपी का झंडा लगाकर यह दिखाने की कोशिश की कि वह सामान्य नियमों से ऊपर हैं। लेकिन सिपाही एसपी सिंह ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए यह साबित किया कि कानून सभी के लिए बराबर है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि समाज में कुछ लोग सत्ता का इस्तेमाल गलत तरीके से करते हैं, जिससे आम लोगों का विश्वास प्रशासन पर कम होता है। हाथरस जैसे छोटे शहरों में इस तरह की घटनाएं अक्सर चर्चा का विषय बनती हैं, क्योंकि ये लोग सत्ता और प्रभाव के साथ जुड़े होते हैं। यह घटना उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जब देश स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में जुटा है। ऐसे समय में, जब देशभक्ति और एकता की बात हो रही है, यह घटना समाज में असमानता और अहंकार को दर्शाती है।
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