Politics News: केजरीवाल का बीजेपी पर हमला, ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ का वादा क्या था झूठ?, दिल्ली में झुग्गी विवाद।
दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ियों को लेकर सियासी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री...
दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ियों को लेकर सियासी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 16 जून 2025 को, केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “आख़िर बीजेपी चाहती क्या है? क्या दिल्ली की सभी झुग्गियां तोड़ना चाहती है? तो फिर मोदी जी ने क्या चुनाव के वक्त झूठ बोला था - जहां झुग्गी, वहां मकान?” यह बयान दिल्ली के AAP नेता सौरभ भारद्वाज के उस दावे के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि BJP सरकार के बुलडोजर का विरोध करने के लिए पूर्व AAP विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी को पुलिस ने हिरासत में लिया।
- बुलडोजर कार्रवाई और AAP का विरोध
16 जून 2025 को, AAP के वरिष्ठ नेता और ग्रेटर कैलाश विधानसभा सीट से विधायक सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि दिल्ली में BJP सरकार लगातार गरीबों की झुग्गियों पर बुलडोजर चला रही है। उन्होंने X पर पोस्ट किया कि पूर्व AAP विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी को बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करने के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया। भारद्वाज ने BJP पर गरीबों के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र और दिल्ली की BJP सरकारें झुग्गीवासियों को बेघर करने की योजना बना रही हैं।
इसके जवाब में, अरविंद केजरीवाल ने BJP के ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ के वादे पर सवाल उठाया। उन्होंने X पर लिखा, “बीजेपी सरकार पूरी दिल्ली में ग़रीबों के आशियाने उजाड़ रही है, लोगों को बेघर कर रही है। जब आम आदमी पार्टी ग़रीबों के साथ खड़ी होती है और उनकी आवाज़ उठाती है, तो हमारे नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया जाता है।” केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि BJP ने पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में कई झुग्गी बस्तियों को ध्वस्त किया है, जिसके कारण हजारों लोग बेघर हो गए।
- AAP का दावा: BJP की साजिश और बुलडोजर की राजनीति
AAP ने लंबे समय से BJP पर दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। सौरभ भारद्वाज ने 22 जनवरी 2025 को ANI से बातचीत में कहा था कि पिछले दो वर्षों में BJP-नियंत्रित केंद्र सरकार ने दिल्ली में 12 झुग्गी बस्तियों को ध्वस्त किया और कई अन्य के खिलाफ अदालत में मामले दर्ज किए। उन्होंने मांग की कि अगर BJP को झुग्गीवासियों की चिंता है, तो इन मामलों को तुरंत वापस लिया जाए।
AAP नेताओं, विशेष रूप से अटिशी और गोपाल राय, ने भी BJP पर झुग्गीवासियों के साथ छल करने का आरोप लगाया। अटिशी ने 4 जून 2025 को X पर पोस्ट किया, “‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ का वादा कर BJP ने वोट मांगा। और चुनाव जीतते ही मदरासी कैंप पर बुलडोजर चला दिया।” उन्होंने दावा किया कि प्रभावित लोगों को या तो कोई मकान नहीं मिला या उन्हें 40 किलोमीटर दूर नरेला में टूटे-फूटे मकानों में भेज दिया गया।
AAP का कहना है कि BJP का असली मकसद झुग्गीवासियों को हटाकर उनकी जमीन को बड़े उद्योगपतियों, जैसे अडानी समूह, को सौंपना है। केजरीवाल ने 2 जून 2025 को एक वायरल वीडियो में मुंबई के धरावी री डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि BJP दिल्ली में भी ऐसा ही करने की योजना बना रही है।
- BJP का जवाब: ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ का वादा और विकास का दावा
BJP ने AAP के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 8 जून 2025 को कहा कि उनकी सरकार बिना पुनर्वास के किसी भी झुग्गी को नहीं तोड़ेगी। उन्होंने हाइदरपुर में एक शौचालय ब्लॉक के उद्घाटन के दौरान कहा, “हर झुग्गीवासी को सम्मान के साथ जीने का हक है। हमारा लक्ष्य केवल पुनर्विकास नहीं, बल्कि उनके जीवन स्तर में सुधार करना है।” गुप्ता ने AAP और पूर्व कांग्रेस सरकारों पर झुग्गीवासियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
BJP ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने झुग्गीवासियों के लिए कई कदम उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने 22 जनवरी 2025 को AAP पर पलटवार करते हुए कहा, “केजरीवाल तीन बार मुख्यमंत्री रहे, फिर भी दिल्ली में झुग्गियां क्यों बनी हुई हैं? अब वह झुग्गी की राजनीति कर रहे हैं।” BJP का कहना है कि उनकी ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ योजना के तहत दिल्ली में कई पुनर्वास परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जैसे कालकाजी में 3,000 और अशोक विहार में 1,700 मकानों का निर्माण।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने भी AAP के दावों को खारिज किया। उन्होंने 12 जनवरी 2025 को कहा, “केजरीवाल का शकूर बस्ती को लेकर दिया गया बयान झूठ है। DDA ने न तो इस कॉलोनी का भूमि उपयोग बदला है और न ही कोई बेदखली या ध्वस्त करने का नोटिस दिया है।”
- ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ का वादा: हकीकत बनाम दावे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ योजना की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य दिल्ली के झुग्गीवासियों को इन-सीटू पुनर्वास (उसी स्थान पर मकान) प्रदान करना था। इस योजना के तहत, दिल्ली की लगभग 4 लाख झुग्गियों में रहने वाले लोगों को पक्के मकान देने का वादा किया गया था। हालांकि, AAP का दावा है कि BJP ने इस वादे को पूरा करने में विफल रही है। केजरीवाल ने 12 जनवरी 2025 को कहा, “BJP ने 10 साल में केवल 4,700 मकान बनाए। दिल्ली में 4 लाख झुग्गियां हैं। इस गति से सभी को मकान देने में 1,000 साल लग जाएंगे।”
दूसरी ओर, BJP का कहना है कि उनकी सरकार ने कई पुनर्वास परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। कालकाजी, जेलर वाला बाग, और कठपुतली कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में इन-सीटू पुनर्वास के प्रयास किए गए हैं। BJP ने यह भी आरोप लगाया कि AAP सरकार ने केंद्र की योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, को लागू करने में सहयोग नहीं किया। दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “मोदी सरकार ने 72 लाख लोगों को मुफ्त राशन और 2 लाख उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए, लेकिन केजरीवाल ने गरीबों को मुफ्त बिजली और पानी तक नहीं दिया।”
इस विवाद ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। X पर AAP समर्थकों ने BJP को ‘बुलडोजर पार्टी’ करार दिया। मनीष सिसोदिया ने 12 जनवरी 2025 को पोस्ट किया, “BJP ने पिछले 10 सालों में दिल्ली के 3 लाख झुग्गीवासियों को बेघर किया है। अब दिल्ली की हर झुग्गी तोड़ने की साजिश रच रही है।” दूसरी ओर, BJP समर्थकों ने केजरीवाल पर झूठे आरोप लगाने और झुग्गीवासियों को भड़काने का आरोप लगाया। @sharma_views ने 2 जून 2025 को लिखा, “केजरीवाल ने झुग्गीवालों को चेताया था कि BJP आपकी झुग्गी तोड़ देगी और जमीन अडानी को दे देगी।”
झुग्गीवासियों के बीच भी इस मुद्दे पर असमंजस है। कई लोग AAP के दावों से सहमत हैं, जो केजरीवाल को उनके हितों का रक्षक मानते हैं। दूसरी ओर, कुछ लोग BJP की पुनर्वास योजनाओं से उम्मीद रखते हैं।
दिल्ली में झुग्गीवासी एक बड़ा वोट बैंक हैं, और दोनों पार्टियां उनकी समस्याओं को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रही हैं। AAP ने झुग्गीवासियों को मुफ्त बिजली, पानी, और अन्य सुविधाएं प्रदान करके उनका समर्थन हासिल किया है। वहीं, BJP अपनी केंद्र सरकार की योजनाओं और पुनर्वास परियोजनाओं के जरिए इस वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।
यह विवाद सामाजिक स्तर पर भी गंभीर सवाल उठाता है। दिल्ली में लगभग 4 लाख झुग्गियां हैं, जिनमें लाखों लोग रहते हैं। इन लोगों को बिना उचित पुनर्वास के बेदखल करना मानवीय संकट पैदा कर सकता है। साथ ही, यह मुद्दा शहरी नियोजन और गरीबी उन्मूलन की नीतियों पर भी सवाल उठाता है।
झुग्गी ध्वस्तीकरण के कई मामले अदालतों में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में दिल्ली में रेलवे पटरियों के किनारे 48,000 झुग्गियों को हटाने का आदेश दिया था, लेकिन केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया कि बिना पुनर्वास के कोई कार्रवाई नहीं होगी। AAP ने दावा किया कि उनकी सरकार ने कई ऐसी कार्रवाइयों को रोका है।
दिल्ली सरकार ने 13 जून 2025 को झुग्गी पुनर्वास को तेज करने के लिए नीतिगत बदलाव की योजना की घोषणा की, जिसमें सभी पात्र झुग्गीवासियों के लिए इन-सीटू पुनर्वास शामिल है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि BJP और AAP इस मुद्दे पर कैसे सहयोग करते हैं।
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