Lucknow : एजुकेशन एंड करियर फेयर 2026 में मंत्री संदीप सिंह ने युवाओं को नई शिक्षा नीति व कौशल विकास के लिए किया प्रेरित
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा पर किया गया व्यय कभी व्यर्थ नहीं जाता, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की सबसे म
- योगी सरकार के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, सरकारी स्कूलों पर बढ़ा अभिभावकों का विश्वास
- विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप युवाओं को तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा देने पर जोर
- शिक्षा को राजनीति से दूर रखकर केवल छात्र हित में केंद्रित करने की जरूरत
- एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम और संरचनात्मक सुधार से शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के सकारात्मक परिणाम: मंत्री संदीप सिंह
लखनऊ।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने शनिवार को ‘एजुकेशन एंड करियर फेयर 2026’ कार्यक्रम में सहभागिता कर विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए मंत्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन 2047 के अनुरूप “विकसित भारत” के लक्ष्य को लेकर देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत युवाओं का देश है और सरकार का प्रयास है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सही दिशा प्राप्त हो, जिससे वह अपने भविष्य को बेहतर बना सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा पर किया गया व्यय कभी व्यर्थ नहीं जाता, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव होती है।
मंत्री सिंह ने कहा कि पिछले वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं। पहले की तुलना में अब शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं और सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां सरकारी स्कूलों को लेकर झिझक थी, वहीं अब स्थिति बदल रही है और अभिभावकों का रुझान बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का प्रयास है कि शिक्षा को राजनीति का माध्यम न बनने दिया जाए, बल्कि इसे केवल और केवल बच्चों के भविष्य निर्माण का साधन बनाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने समाज से भी अपील की कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के साथ सहभागिता कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
मंत्री सिंह ने बताया कि एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम को लागू किया गया है तथा शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के परिणाम विभिन्न सर्वेक्षणों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक छात्र को आधुनिक शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
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