Lucknow : तिरंगे तले शिक्षा की नई सुबह- 'स्वतंत्रता दिवस पर विश्रामपुर में बाल वाटिका का शुभारंभ, महानिदेशक स्कूल कंचन वर्मा ने किया शुभारम्भ, फहराया तिरंगा
इसके बाद श्रीमती वर्मा ने अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाल वाटिका व्यवस्था से अब सरकारी विद्यालयों में भी
सार-
- लखनऊ के बक्शी का तालाब ब्लॉक के विश्रामपुर स्थित आदर्श बाल वाटिका का हुआ शुभारम्भ
- महानिदेशक ने कहा, 'नन्हे कदमों के साथ जब शिक्षा जुड़ती है, तो भविष्य सुनहरा हो जाता है
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों की बात कर कहा, 'बालवाटिका से बच्चों के भविष्य को सुधरना है लक्ष्य
लखनऊ : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लखनऊ जनपद के बक्शी का तालाब ब्लॉक के विश्रामपुर स्थित आदर्श बाल वाटिका में मंगलवार को तिरंगा फहराने के साथ शिक्षा के नये अध्याय की शुरुआत हुई। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने तिरंगा फहरा नवनिर्मित बाल वाटिका कक्षा-कक्ष का उद्घाटन किया और ECCE एजुकेटर से संवाद करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के संकल्प को दोहराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बालवाटिका की कक्षा बच्चों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास की पहली सीढ़ी है।
इसके बाद वर्मा ने अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाल वाटिका व्यवस्था से अब सरकारी विद्यालयों में भी नर्सरी, LKG और UKG जैसी सुव्यवस्थित प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध होगी। पूर्व में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बहुआयामी जिम्मेदारियों के कारण प्रारंभिक शिक्षा के लक्ष्यों की पूर्ण प्राप्ति में कुछ कठिनाइयाँ आती थीं। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की प्रगतिशील सोच के परिणामस्वरूप अब छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए बाल वाटिका जैसी प्रभावी और आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है।
अब बच्चों की पढ़ाई में रुचि और सीखने की क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि बाल वाटिका, अब सरकारी विद्यालयों में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता व समान अवसर सुनिश्चित करने का प्रतीक बन रही है। इन नन्हे-मुन्नों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा गाँव में ही मिलनी शुरू हो गयी है।
- बालवाटिका का किया निरीक्षण
महानिदेशक ने बालवाटिका का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने बाल वाटिका में उपलब्ध रंग-बिरंगे खिलौनों, चित्र पुस्तकों और शिक्षण सामग्री को देखा और बच्चों से बातचीत कर उन्हें आत्मविश्वास के साथ सीखने के लिए प्रेरित किया।
- बोले अभिभावक
स्वतंत्रता दिवस और बालवाटिका शुभारम्भ में शिरकत करने आये अभिभावक काफी खुश दिखे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने इसे स्वागतयोग्य कदम बताया। अधिकांश अभिभाविकों का मानना था कि अब उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही मिलनी शुरू हो जाएगी और बच्चों में उत्कृष्टता भी आएगी।
कंचन वर्मा ने ग्रामवासियों से अपील करते हुए कहा, "जब पूरा समुदाय साथ चलता है, तो शिक्षा का दीप हर घर तक पहुँचता है। बाल वाटिका हमारे बच्चों के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव है। आप सभी इस पहल में सहयोगी बनकर नन्हे-मुन्नों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने की राह पर आगे बढ़ें।
- यह है बाल वाटिका: नन्हे कदमों के बड़े सपने
बालवाटिका, परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में नर्सरी, LKG, UKG जैसी सुव्यवस्थित प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था है, जिसे ECCE (Early Childhood Care & Education) के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
यह इसलिए जरूरी है क्योकि, इसमें 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों का मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास, में वृद्धि होगी।
खेल-खेल में सीखने की यह आधुनिक पद्धति है।
निजी स्कूलों जैसी सुविधा अब गाँवों में भी मिलेगी।
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