Lucknow : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से परीक्षा कराने के निर्देश जारी
बैठक में संबंधित मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूटीईटी) की तैयारियों को लेकर कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में संबंधित मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और केंद्रों की निगरानी में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग और फ्रिस्किंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि परीक्षा की गोपनीय सामग्री को कोषागार के डबल-लॉक सिस्टम में सुरक्षित रखा जाए और प्रश्नपत्रों को सेक्टर मजिस्ट्रेट की देखरेख में ही केंद्रों तक पहुंचाया जाए। सभी परीक्षा केंद्रों के कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी। प्रश्नपत्रों को खोलने, बांटने और परीक्षा के बाद उन्हें दोबारा सील करने की पूरी प्रक्रिया तय मानकों के अनुसार होगी। इसके लिए सभी ड्यूटी कर्मियों को पहले से प्रशिक्षित किया जाएगा। पूरी परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य होगा। परीक्षा कक्षों में ड्यूटी लगाने का काम स्टेटिक मजिस्ट्रेट करेंगे और मोबाइल या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी। सभी कर्मियों से 'नो रिलेशन सर्टिफिकेट' भी लिया जाएगा।
गर्मी और मानसून के मौसम को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी, बिजली और चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा दो दिनों में तीन पालियों में होगी, जबकि प्राथमिक स्तर की परीक्षा भी दो दिनों में दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह साढ़े नौ से बारह बजे तक और दूसरी पाली दोपहर ढाई से शाम पांच बजे तक होगी। यह परीक्षा राज्य के साठ जिलों के कुल 955 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिसमें लगभग 19,94,661 परीक्षार्थी शामिल होंगे। बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एम.पी. अग्रवाल और शिक्षा आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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