Lucknow : लखनऊ में सड़कों और नालियों के लिए 200 करोड़ स्वीकृत, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव हटाए गए
मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग और नगर निगम के कामकाज की समीक्षा की। सूत्रों के अनुसार, वे शहर की खराब स्थिति और जलभराव की समस्याओं से बेहद नाराज थे
लखनऊ : लखनऊ की नगर व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह की कड़ी आपत्ति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए विभाग के प्रधान सचिव को तुरंत हटाने का आदेश दिया। साथ ही, शहर की सड़कों और नालियों के सुधार के लिए 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की गई।
28 अगस्त 2025 को राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र सौंपा था। इसमें उन्होंने लखनऊ की सड़कों और नालियों की खराब स्थिति को जनता के लिए परेशानी और शर्मिंदगी का कारण बताया। जलभराव, टूटी सड़कें, रुकी हुई परियोजनाएं और नगर विकास विभाग की लापरवाही पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई। पत्र में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय पर सुधार नहीं हुआ, तो जनता को भारी परेशानी होगी और लखनऊ की छवि को नुकसान पहुंचेगा। उनके इस रुख ने मुख्यमंत्री को तुरंत कार्रवाई के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग और नगर निगम के कामकाज की समीक्षा की। सूत्रों के अनुसार, वे शहर की खराब स्थिति और जलभराव की समस्याओं से बेहद नाराज थे। उन्होंने माना कि यह हाल जनता और सरकार की छवि के लिए हानिकारक है। इसके बाद उन्होंने प्रधान सचिव को हटा दिया और अन्य अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने सभी रुकी हुई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ की बुनियादी समस्याओं को दूर करने के लिए 200 करोड़ रुपये की विशेष धनराशि स्वीकृत की। इस राशि का उपयोग टूटी सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई और मजबूती, तथा त्योहारों से पहले विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने में होगा। इस कदम से शहर की स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी है और जनता को भरोसा मिला है कि उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं।
लखनऊ के निवासियों ने इस फैसले का स्वागत किया। उनका कहना है कि बारिश में जलभराव और गड्ढों वाली सड़कों ने उनकी जिंदगी मुश्किल कर दी थी। अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से उन्हें राहत की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना दो बातें सामने लाती है। पहली, राजेश्वर सिंह की सक्रिय और जवाबदेह नेतृत्व शैली, जिसने जनता की समस्याओं को शीर्ष स्तर तक पहुंचाया। दूसरी, मुख्यमंत्री का यह कदम उनकी त्वरित और सख्त शासन शैली को दर्शाता है, जो उनकी छवि को और मजबूत करता है।
पहले भी अगस्त 2024 में राजेश्वर सिंह ने जलभराव की समस्या पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था और स्थायी जलभराव निवारण योजना का सुझाव दिया था। उनकी लगातार कोशिशों का नतीजा है कि अब लखनऊ की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है।
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