Lucknow : बेमौसम बारिश से आम बागवानों की चिंता बढ़ी, फसल को 30-40 प्रतिशत तक नुकसान का खतरा

बागवान ठाकुर श्याम सिंह ने बताया कि बौर के लिए शुष्क मौसम और धूप जरूरी है। अधिक नमी से दहिया और खर्रा रोग फैल सकता है। बारिश से फूलों का रस धुल जाता है और पराग

Mar 20, 2026 - 22:17
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Lucknow : बेमौसम बारिश से आम बागवानों की चिंता बढ़ी, फसल को 30-40 प्रतिशत तक नुकसान का खतरा
Lucknow : बेमौसम बारिश से आम बागवानों की चिंता बढ़ी, फसल को 30-40 प्रतिशत तक नुकसान का खतरा

लखनऊ। लखनऊ और आसपास के जिलों में हुई बेमौसम बारिश ने आम बागवानों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। खासकर मलिहाबाद, माल और काकोरी क्षेत्र के बागवानों को यह बारिश चिंता में डाल रही है। आम की फसल के लिए धूप और सूखा मौसम बहुत जरूरी होता है। अचानक बढ़ी नमी और बादलों ने फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। माल क्षेत्र के बागवान रामप्रकाश यादव ने कहा कि अगर अगले 24 घंटों में तेज धूप नहीं निकली तो आम की फसल 30 से 40 प्रतिशत तक बर्बाद हो सकती है। इस साल बौर में फलों की सेटिंग पहले से कम थी। इसका मुख्य कारण मित्र कीटों की कमी है, जो परागण प्रभावित करती है। बेतहाशा कीटनाशकों के छिड़काव से कीट कम हुए हैं। बारिश ने बौर झड़ने और फंगस लगने का खतरा बढ़ा दिया है।

बागवान ठाकुर श्याम सिंह ने बताया कि बौर के लिए शुष्क मौसम और धूप जरूरी है। अधिक नमी से दहिया और खर्रा रोग फैल सकता है। बारिश से फूलों का रस धुल जाता है और परागण प्रभावित होता है। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र मलिहाबाद के मुख्य उद्यान विशेषज्ञ कृष्ण मोहन चौधरी ने कहा कि मौसम बदलाव से पछेती किस्मों में पाउडरी मिल्ड्यू यानी खर्रा या दहिया रोग बढ़ सकता है। गुजिया कीट भी सक्रिय हो रहे हैं। भुनगा और थ्रिप्स (रुजी) का प्रकोप बढ़ सकता है। इटौंजा बक्शी क्षेत्र में टमाटर, आलू, सरसों और गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ है। कटी सरसों और गेहूं को बारिश से क्षति पहुंची है। टमाटर और आलू के लिए अतिरिक्त पानी हानिकारक है।

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