Lucknow : वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक सम्पन्न
मुख्य सचिव ने अभियान की सफलता के लिए सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान पंचायती राज विभाग एवं नगर निकायों द्वारा ग्रामी
- प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के प्रभावी संचालन हेतु व्यापक तैयारियां की जाएं सुनिश्चित
- हीट वेव से बचाव के उपायों का कराया जाए व्यापक प्रचार-प्रसार
- गेहूँ क्रय के लिए समस्त व्यवस्थाएँ समय से कराएं सुनिश्चित
- किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की न हो असुविधा
- वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ खरीद का लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन निर्धारित
- प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना एवं प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना में अधिक से अधिक कवरेज हो सुनिश्चित- एस.पी.गोयल, मुख्य सचिव
लखनऊः मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक तथा दस्तक अभियान 10 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों में स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य संबंधित विभागों की अंतर्विभागीय बैठक आयोजित कर माइक्रो प्लान तैयार करते हुए अभियान की सभी तैयारियां समय से सुनिश्चित कराएं। साथ ही, अभियान में संलग्न सभी कर्मियों का प्रशिक्षण भी समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाएगा, ताकि अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव ने अभियान की सफलता के लिए सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान पंचायती राज विभाग एवं नगर निकायों द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव, झाड़ियों की कटाई, जलभराव का निस्तारण, नालियों की सफाई तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था जैसे कार्य प्राथमिकता पर सुनिश्चित कराए जाएं।
यह भी कहा कि सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अभियान में पूर्ण रूप से सक्रिय किया जाए तथा डेंगू, चिकनगुनिया आदि संचारी रोगों की दृष्टि से संवेदनशील जनपदों में विशेष ध्यान दिया जाए। अभियान के सफल संचालन हेतु ग्राम प्रधानों, ग्राम विकास अधिकारियों, आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का संवेदीकरण कराया जाए। इस अभियान में UNICEF, PATH तथा WHO-NPSP का सहयोग भी लिया जाए। शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में बच्चों को साफ-सफाई एवं वेक्टर जनित बीमारियों के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे जनसामान्य में स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
मुख्य सचिव ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के अधिकांश भागों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इसे देखते हुए हीट वेव से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। आवश्यकतानुसार शेल्टर होम की व्यवस्था की जाए तथा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर शीतल एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
गेहूँ क्रय वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्त व्यवस्थाएँ समय से पूर्ण कर ली जाएँ, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
यह भी निर्देश दिए कि सभी क्रय केन्द्रों का भौतिक निरीक्षण कराकर उन्हें पूर्णतः क्रियाशील बनाया जाए तथा पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित करायी जाएँ। किसानों को गेहूँ विक्रय के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रभावी प्रबंधन किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान हो जाए, गेहूँ की तौल समय पर हो तथा बोरों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। साथ ही स्थायी क्रय केन्द्रों के अतिरिक्त मोबाइल क्रय केन्द्रों के माध्यम से भी गेहूँ खरीद की जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को सुविधा मिल सके।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ खरीद का लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। यह क्रय कार्य 25 मार्च, 2026 से 15 जून, 2026 के मध्य संपन्न किया जाएगा। इस वर्ष गेहूँ के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि करते हुए 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। एमएसपी में वृद्धि को देखते हुए क्रय केन्द्रों पर अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में गेहूँ आने की संभावना है।
बैठक में अवगत कराया गया कि 5000 प्रस्तावित क्रय केन्द्रों के सापेक्ष 4990 क्रय केन्द्रों को अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त विभिन्न जनपदों में 504 मोबाइल क्रय केन्द्र भी स्वीकृत किए गए हैं। इस प्रकार कुल क्रय केन्द्रों की संख्या 5494 हो गई है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) योजना असंगठित क्षेत्र के 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वैच्छिक योजना है, जिसके तहत 60 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन की गारंटी दी जाती है, जिसमें 50% अंशदान सरकार द्वारा किया जाता है। उन्होंने इस योजना को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए निर्देश दिए कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, एसएमएस, पम्पलेट एवं अन्य माध्यमों से किया जाए। ई-श्रम पोर्टल, बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स (BOCW) आदि में पंजीकृत श्रमिकों को लक्षित करते हुए एसएमएस भेजकर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को जोड़ा जाए।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के संदर्भ में उन्होंने बताया कि प्रदेश में 16,560 ऐसे प्रतिष्ठान या ईकाइयाँ हैं जो ईपीएफ में योगदान कर रहे हैं, लेकिन योजना में पंजीकृत नहीं हैं। इन्हें जागरूक कर शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए तथा नई इकाइयों को भी योजना से जोड़ा जाए।
मुख्य सचिव ने ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालयों एवं जनपद प्रशासन के बीच सतत समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया अधिक प्रभावी एवं सुगम बने। योजना का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंच सके।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि कई जनपदों में पंजीकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जो जनजागरूकता एवं जनसंपर्क प्रयासों में सुधार का संकेत है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मंडल स्तर पर RPFC एवं APFC द्वारा 25 जनपदों को आच्छादित करते हुए समन्वय बैठकें आयोजित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, 31 जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ भी बैठकें कर कार्यों में तेजी लाई गई है।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
What's Your Reaction?









