सीतापुर में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: रानी कोठी से हटेगा अवैध कब्जा, बुजुर्गों के लिए बनेगा आश्रय।
शहर में बहुमूल्य सरकारी संपत्तियों में शुमार मोहल्ला बट्सगंज स्थित रानी कोठी (नजूल भूखंड संख्या 1568) को लेकर जिलाधिकारी
रिपोर्ट- संदीप चौरसिया
सीतापुर। शहर में बहुमूल्य सरकारी संपत्तियों में शुमार मोहल्ला बट्सगंज स्थित रानी कोठी (नजूल भूखंड संख्या 1568) को लेकर जिलाधिकारी न्यायालय ने एक अहम और ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। जिलाधिकारी राजा गणपति आर द्वारा दिए गए इस फैसले को प्रशासनिक सख्ती और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
प्रकरण के अनुसार, उक्त भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा बना हुआ था, जिसे लेकर प्रशासन और कब्जेदारों के बीच विवाद चल रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान कब्जेदारों द्वारा प्रस्तुत की गई सभी आपत्तियों और दावों को जिलाधिकारी न्यायालय ने गहन परीक्षण के बाद खारिज कर दिया।
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रानी कोठी परिसर को तत्काल खाली कराकर प्रशासन के कब्जे में लिया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाए।
इस कार्रवाई के पीछे प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध कब्जा हटाना ही नहीं, बल्कि इस बेशकीमती भूमि का जनहित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना भी है। प्रशासन की योजना के अनुसार इस स्थान पर असहाय, निराश्रित और जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त वृद्धाश्रम का निर्माण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त अन्य जनोपयोगी परियोजनाओं को भी यहां विकसित किए जाने की संभावना है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिल सके। प्रशासन के इस फैसले से जिले में अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश गया है। साथ ही यह भी संकेत मिला है कि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ आने वाले समय में और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। स्थानीय स्तर पर इस निर्णय को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और आम जनता इसे जनहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
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