Lucknow: गोबर से समृद्धि का मॉडल: योगी सरकार का बड़ा कदम, कम्पोस्ट-बायोगैस से आत्मनिर्भर बनेंगी गौशालाएं।

प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष 44 ख में पशुपालन विभाग एवं कृषि

May 5, 2026 - 14:20
 0  32
Lucknow: गोबर से समृद्धि का मॉडल: योगी सरकार का बड़ा कदम, कम्पोस्ट-बायोगैस से आत्मनिर्भर बनेंगी गौशालाएं।
गोबर से समृद्धि का मॉडल: योगी सरकार का बड़ा कदम, कम्पोस्ट-बायोगैस से आत्मनिर्भर बनेंगी गौशालाएं।
  • गोबर आधारित कम्पोस्ट व बायोगैस को बढ़ावा दे रही है योगी सरकार 
  • गौशालाओं को बनाएं आत्मनिर्भर उत्पादन केंद्र - पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह 
  • जैविक खेती को बल देने, गोबर खाद से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने पर जोर
  • प्रदेशभर में सफल बायोगैस मॉडलों के विस्तार की तैयारी, किसानों को होगा दोहरा लाभ
  • गोबर खाद के मानकीकरण व मजबूत मार्केटिंग सिस्टम पर सरकार का फोकस

लखनऊ: प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष 44 ख में पशुपालन विभाग एवं कृषि विभाग के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर गोबर से कम्पोस्ट, बायोगैस, जीवामृत एवं घनामृत के उत्पादन, उपयोग और विपणन को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में मंत्री सिंह ने कहा  कि योगी सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता को पुनर्स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध गोबर संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर बड़े पैमाने पर जैविक खाद का उत्पादन संभव है और इसके माध्यम से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश की गौशालाओं को उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करते हुए उन्हें कम्पोस्ट, जीवामृत एवं अन्य जैविक उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जाए।

मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में अनुमानित रूप से लाखों मीट्रिक टन कम्पोस्ट उत्पादन की क्षमता मौजूद है, जिसके लिए गोशालाओं, डेयरी इकाइयों और किसानों के स्तर पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने झांसी, चंदौली, फर्रुखाबाद, कानपुर और बाराबंकी जैसे जनपदों में संचालित सफल बायोगैस एवं जैविक खाद मॉडलों का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि इन मॉडलों का अध्ययन कर प्रदेशव्यापी विस्तार सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों के विस्तार, गोबर गैस प्लांट्स की स्थापना तथा कृषि अपशिष्ट के समुचित उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि बायोगैस से न केवल ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ेगी बल्कि उससे निकलने वाला स्लरी (जैविक खाद) खेतों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलेगा।

मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोबर आधारित खाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उसका मानकीकरण (स्टैंडर्डाइजेशन) किया जाए। उन्होंने कहा कि पैकेजिंग, नमी स्तर एवं गुणवत्ता के स्पष्ट मानक तय किए जाएं ताकि किसानों को विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सके। इसके साथ ही सहकारी समितियों के माध्यम से गोबर खाद की उपलब्धता बढ़ाने तथा यूरिया के साथ इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि  गोबर आधारित खाद मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाकर उत्पादन क्षमता को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करती है। इस दिशा में वैज्ञानिकों, कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों को जोड़ते हुए सरल, कम लागत वाले मॉडल विकसित किए जाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गोबर गैस संयंत्रों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं तैयार की जाएं, जिससे अधिक से अधिक किसान इससे जुड़ सकें। साथ ही जैविक खाद के उत्पादन के साथ उसके प्रभावी विपणन की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि उत्पाद किसानों तक सुगमता से पहुंचे और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके।

मंत्री सिंह ने कहा कि योगी सरकार कृषि एवं पशुपालन को एकीकृत करते हुए प्रदेश में जैविक खेती को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। गोबर आधारित उत्पादों के व्यापक उपयोग से जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।

Also Read- बंगाल में खिलेगा कमल? रुझानों में भाजपा ने पार किया बहुमत का जादुई आंकड़ा, टीएमसी के गढ़ ढहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।