आधी रात को मासूम का अपहरण और दुष्कर्म करने वाले लुटेरे को पुलिस ने घेरा, जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल और गिरफ्तार

गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम क्षेत्र में पुलिस ने एक जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। यह कार्रवाई उस खौफनाक वारदात के बाद की गई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। आरोपी ने एक मासूम बच्ची के साथ न केवल दरिंदगी की, बल्कि चोरी की वारदात को भी अंजाम दिया था।

Apr 19, 2026 - 11:05
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आधी रात को मासूम का अपहरण और दुष्कर्म करने वाले लुटेरे को पुलिस ने घेरा, जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल और गिरफ्तार
आधी रात को मासूम का अपहरण और दुष्कर्म करने वाले लुटेरे को पुलिस ने घेरा, जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल और गिरफ्तार

गाजियाबाद में खाकी का कड़ा प्रहार: नीति खंड में मासूम से दरिंदगी करने वाला अपराधी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, दोनों पैरों में लगी गोली

इंदिरापुरम पुलिस की बड़ी सफलता: 7 वर्षीय बच्ची के साथ हैवानियत और चोरी करने वाला बदमाश मुठभेड़ के बाद अस्पताल में भर्ती

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के थाना इंदिरापुरम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नीति खंड इलाके में पुलिस और एक शातिर अपराधी के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि 15 और 16 अप्रैल की दरमियानी रात को एक मासूम बच्ची के साथ जघन्य अपराध करने वाला आरोपी क्षेत्र में किसी अन्य वारदात की फिराक में घूम रहा है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस की स्वात टीम और स्थानीय थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी शुरू की। पुलिस की सक्रियता को देखते हुए आरोपी ने खुद को घिरा पाकर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। बचाव में पुलिस की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोलियां लगीं, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका उपचार कड़ी सुरक्षा के बीच किया जा रहा है।

यह पूरी घटना उस जघन्य अपराध से जुड़ी है जिसने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया था। बीती 15/16 अप्रैल की रात को नीति खंड-2 स्थित एक निर्माणाधीन प्लॉट के पास बनी झुग्गी-झोपड़ी में एक परिवार सो रहा था। इसी दौरान आरोपी ने वहां चुपके से प्रवेश किया और गहरी नींद में सो रही एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया। आरोपी बच्ची को उठाकर पास के ही एक सुनसान पार्क में ले गया, जहां उसने मासूम के साथ हैवानियत की हदें पार करते हुए दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस कृत्य के दौरान आरोपी ने बच्ची को डराया-धमकाया ताकि वह शोर न मचा सके। वारदात के बाद आरोपी ने बच्ची को जान से मारने की धमकी दी और उसे वापस उसी के घर के पास छोड़कर फरार हो गया। पुलिस इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए लगातार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी।

अपराध का दोहरा चेहरा

आरोपी केवल दरिंदगी तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने आर्थिक लाभ के लिए चोरी की घटना को भी अंजाम दिया। पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब थी, जिसे आरोपी ने और अधिक चोट पहुंचाई। यह दर्शाता है कि अपराधी की मानसिकता कितनी विकृत और समाज के लिए कितनी खतरनाक थी।

आरोपी की दरिंदगी केवल शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं थी। जब वह बच्ची को वापस छोड़ने आया, तब उसने उसी झुग्गी से परिवार की जमापूंजी पर भी हाथ साफ किया। पीड़ित परिवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि आरोपी ने उनकी झुग्गी से 11,000 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन भी चोरी कर लिया था। यह नकद राशि उस परिवार ने अपनी मेहनत की कमाई से बचाकर रखी थी। अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी ने पूरी तरह से साक्ष्यों को मिटाने और अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के जाल की मदद से उसकी पहचान पुख्ता की। पुलिस के अनुसार, आरोपी पूर्व में भी कई आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है और उसका पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। मुठभेड़ के दौरान हुई कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त अवैध असलहा बरामद किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी घटना के बाद से ही लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, ताकि वह गिरफ्तारी से बच सके। मुठभेड़ स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने पुलिस टीम पर कम से कम दो राउंड फायर किए, जिसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पुलिस की ओर से की गई आत्मरक्षार्थ फायरिंग में आरोपी को काबू किया गया। इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इस घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों में भारी रोष और डर का माहौल व्याप्त था। विशेष रूप से झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।

गाजियाबाद पुलिस प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए थे और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाकर नमूने एकत्र करवाए गए थे। पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसे आवश्यक चिकित्सा सहायता के साथ-साथ परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म, अपहरण, चोरी और आर्म्स एक्ट जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की तैयारी कर रही है। मुठभेड़ के दौरान घायल आरोपी की पहचान होने के बाद पुलिस अब उसके अन्य सहयोगियों या आश्रयदाताओं के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना की रात क्या उसके साथ कोई और भी शामिल था या क्या किसी ने उसे भागने में मदद की थी। अस्पताल में भर्ती आरोपी की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और होश में आने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे अपराधियों के विरुद्ध इसी प्रकार की कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए पुलिस गश्त को भी बढ़ा दिया गया है।

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